Sawan 2025: इस ज्योतिर्लिंग में माना जाता है ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास, यहीं से निकलती है 'दक्षिण गंगा'

Sawan 2025: नासिक के पास स्थित है त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग जिसका महत्व सावन महीने में और भी बढ़ जाता है। माना जाता है कि यहां ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों का ही वास है। महादेव की कृपा से यहां से 'दक्षिण गंगा' यानी गोदावरी नदी की उत्पत्ति यहीं से मानी जाती है। जानें इसके बारे में।

Sawan 2025: महादेव का सातवां ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर माना जाता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट हो जाता है कि यहां ज्योतिर्लिंग स्वरूप में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का एक साथ वास माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का क्षेत्र वह विशेष क्षेत्र है जहां कालसर्प दोष निवारण के लिए विशेष पूजा होती है।

Trimbakeshwar Jyotirlinga, Sawan 2025, Shivalinga image

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नासिक

इसके साथ ही यहां पितृ दोष से मुक्ति के लिए नारायण नागबली की पूजा कराई जाती है। यह अकेला क्षेत्र है जहां नारायण के साथ ब्रह्मा का भी श्राद्ध कराया जाता है। साथ ही यहां नाग का भी श्राद्ध कराने का विधान है। त्र्यंबकेश्वर मंदिर के पंचकोशी में कालसर्प, शांति, त्रिपिंडी विधि और नारायण, नागबलि आदि की पूजा कराई जाती है।

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