Sawan 2025: 12 में से चार ज्योतिर्लिंगों के कई जगहों पर स्थित होने का किया जाता है दावा, जानें क्या है मान्यता

Sawan 2025: सावन के महीने में भोलेनाथ के जयकारे के साथ देश में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 12 में चार ज्योतिर्लिंग- भीमाशंकर, वैद्यनाथ, घृष्णेश्वर और नागेश - को अन्य स्थानों पर भी स्थित माना जाता है। जानें क्या है इसकी मान्यता।

Sawan 2025: शिव महापुराण में भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग के बारे में वर्णन मिलता है। ज्योतिर्लिंग को सही मायने में ज्योति का प्रतीक या प्रकाश का प्रतीक कहा जाता है। यानी वह स्थान जहां की एनर्जी सबसे अलग, अद्भुत और अनोखी हो। द्वादश ज्योतिर्लिंग देश के अलग-अलग हिस्सों और अलग-अलग दिशाओं में स्थित हैं। इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन से पापों का नाश, मानसिक शांति, और मुक्ति की प्राप्ति होती है।

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कौन से ज्योतिर्लिंग अन्य स्थानों पर भी स्थित हैं

12 ज्योतिर्लिंग कहां कहां स्थित हैं

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से सोमनाथ (गुजरात), मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश), महाकालेश्वर (मध्य प्रदेश), ओंकारेश्वर (मध्य प्रदेश), केदारनाथ (उत्तराखंड), भीमाशंकर (महाराष्ट्र), विश्वनाथ (उत्तर प्रदेश), त्रयम्बकेश्वर (महाराष्ट्र), वैद्यनाथ (झारखंड), नागेश्वर (गुजरात), रामेश्वर (तमिलनाडु) और घुश्मेश्वर, ‘घृष्णेश्वर’ और ‘घुसृणेश्वर’ के नाम से भी जाना जाता में (महाराष्ट्र) स्थित हैं। शिव महा पुराण के कोटिरुद्र संहिता में भगवान शिव के इन द्वादश ज्योतिर्लिंग का विस्तृत वर्णन मिलता है।

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