सावन 2025 कब से है, शिव पूजा में ना करें गलत फूलों का चयन, जानें श्रावण मास में महादेव को कौन से फूल चढ़ाएं

Sawan 2025: इस साल श्रावण मास 11 जुलाई से शुरू हो रहा है। शिव पूजा में कुछ खास फूल भी रख जाते हैं जिनमें नीला कमल, आक का फूल, कनेर का फूल आदि शामिल होते हैं। लेकिन कुछ फूल भोलेनाथ की पूजा में निषेध माने जाते हैं। इनमें केतकी, चंपा और तुलसी आदि शामिल है।

Sawan 2025: भगवान शिव प्रिय मास सावन 2025 में 11 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है। इस पूरे मास में चारों ओर शिव भक्ति का जोर रहेगा और बोल बम का जयघोष सुनाई देगा। इस मास में शिव पूजा खास फलदायी मानी जाती है। अब पूजा होगी तो इसमें शुभ और ताजे फूल भी अनिवार्य रूप से शामिल होंगे। यहां जानते हैं कि भगवान शिव के पसंदीदा फूल कौन से माने जाते हैं और कौन से फूल उनको नहीं चढ़ाने चाहिए।

Shiv Puja Mein Kaun se Phool Chadayein

सावन में शिव जी को कौन से फूल चढ़ाएं (Pic: iStock)

सावन में शिव जी को कौन से फूल चढ़ाएं

  • कनेर के फूल शिव जी को बेहद प्रिय माने जाते हैं। सावन में भोलेनाथ को खासतौर पर पीला कनेर समर्पित करना शुभ माना जाता है।
  • भगवान शिव को शमी का फूल भी बहुत प्रिय है। सावन में इसे महादेव को चढ़ाना शुभ माना जाता है।
  • धतूरा भी शिव पूजन का हिस्सा है। नोट करें कि धतूरे का फल और फूल - दोनों का ही उपयोग भगवान शिव की पूजा में होता है।
  • नीले रंग का अपराजिता का फूल चढ़ाकर भी शिव जी को प्रसन्न किया जा सकता है।
  • गुड़हल के फूल पूजा के लिए शुभ माने जाते हैं। लाल या सफेद गुड़हल का उपयोग आप सावन की पूजा में कर सकते हैं।
  • नीला कमल हालांकि आसानी से उपलब्ध नहीं होता है लेकिन सावन की पूजा में इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
  • आक का फूल भले ही जंगली फूल माना जाता हो मगर यह शिव कृपा दिलाने वाला माना जाता है।

End of Feed