Shiv Stuti Lyrics (शिव स्तुति लिरिक्स): सावन में शिव स्तुति पढ़ने के ढेरों फायदे हैं। कहते हैं शिव स्तुति के पाठ से भगवान शिव शीघ्र ही प्रसन्न हो जाते हैं। इसके जाप से मानसिक बिमारियां नहीं होती। व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है। परिवार में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही इसके जाप से भक्त के सारे मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। अगर पति-पत्नी मिलकर इस स्तुति का पाठ करें तो इससे वैवाहिक रिश्ता मजबूत होता है। यहां देखें शिव स्तुति के लिरिक्स। हम आपको यहां शिव स्तुति मंत्र श्लोक अर्थ सहित बता रहे हैं। शिव स्तुति हिंदी में आसानी से पढ़कर आप इसका लाभ ले सकते हैं।
Shiv Stuti Lyrics
Shiv Stuti Lyrics in Hindi, Sanskrit
आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा ॥
निर्विकार ओमकार अविनाशी, तुम्ही देवाधि देव,
जगत सर्जक प्रलय करता, शिवम सत्यम सुंदरा ॥
निरंकार स्वरूप कालेश्वर, महा योगीश्वरा,
दयानिधि दानिश्वर जय, जटाधार अभयंकरा ॥
शूल पानी त्रिशूल धारी, औगड़ी बाघम्बरी,
जय महेश त्रिलोचनाय, विश्वनाथ विशम्भरा ॥
नाथ नागेश्वर हरो हर, पाप साप अभिशाप तम,
महादेव महान भोले, सदा शिव शिव संकरा ॥
जगत पति अनुरकती भक्ति, सदैव तेरे चरण हो,
क्षमा हो अपराध सब, जय जयति जगदीश्वरा ॥
जनम जीवन जगत का, संताप ताप मिटे सभी,
ओम नमः शिवाय मन, जपता रहे पञ्चाक्षरा ॥
आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा ॥
कोटि नमन दिगम्बरा.. कोटि नमन दिगम्बरा..
कोटि नमन दिगम्बरा..
शिव स्तुति कैसे करें
शिव स्तुति आप सुबह या शाम कभी भी कर सकते हैं। इसके जाप के लिए सोमवार का दिन सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। शिव स्तुति करने से पहले भोलेनाथ की प्रतिमा के समक्ष दीपक जला लें। इसके बाद पूर्व दिशा की तरफ मुख करके इस स्तुति का जाप करें।
