Sakat Chauth Vrat Mein Kya Kha Sakte Hai (सकट चौथ व्रत में पानी पी सकते हैं?): विक्रम संवत के पंचांग अनुसार माघ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सकट चौथ का व्रत किया जाना है जो कि इस बार 17 जनवरी को शुक्रवार के दिन पड़ रहा है। इस दिन महिलाएं अपनी संतान के सुखी जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं। यानी की अन्न और जल का पूरी तरह से त्याग कर देती हैं। लेकिन हर महिला के लिए इतना कठोर व्रत रखना संभव नहीं हो पाता। खासकर गर्भवती, बीमार और वृद्ध महिलाओं के लिए बिना जल के रहना मुश्किल हो जाता है। तो क्या ऐसे में ये महिलाएं पानी पी सकती हैं। साथ ही इस व्रत में किस तरह का भोजन किया जा सकता है। यहां हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताएंगे।
Sakat Chauth Vrat Mein Kya Kha Sakte Hai
सकट चौथ व्रत में पानी पी सकते हैं? (Can We Drink Water In Sakat Chauth Vrat)
वैसे तो सकट चौथ व्रत में पानी नहीं पिया जाता है क्योंकि ये व्रत निर्जला रखा जाता है। लेकिन जिन महिलाओं के लिए पूरे दिन बिना जल के रह पाना संभव नहीं होता वो महिलाएं सकट की पूजा के बाद एक बार पानी या चाय पी लेती हैं। इसके अलावा गर्भवती, बीमार और बूढ़ी महिलाओं को ये व्रत बिना पानी पिए नहीं रखना चाहिए। उन्हें इस व्रत में फलाहारी भोजन ले लेना चाहिए। लेकिन जो महिलाएं पूरी तरह से स्वस्थ हैं उन्हें ये व्रत निर्जला ही रखना चाहिए।
सकट चौथ व्रत में चाय-कॉफी ले सकते हैं (Sakat Chauth Vrat Mein Tea-Coffee Pi Sakte Hai?)
स्वस्थ महिलाओं को सकट चौथ व्रत में न तो कुछ खाना चाहिए और न ही पीना चाहिए। हालांकि अस्वस्थ महिलाएं चाय-कॉफी का सेवन कर सकती हैं। बाकी महिलाएं चाय-कॉफी का सेवन चांद को अर्घ्य देने के बाद कर सकती हैं।
गर्भवती, वृद्ध और बीमार कैसे करें सकट चौथ का व्रत
हिंदू धर्म ग्रंथों में हर मनुष्य के आराम और सहजता के अनुसार विधान बनाए गए हैं जिनकी वजह से व्यक्ति बिना कष्ट सहे पूजा पाठ कर सकता है। ऐसे में अगर गर्भवती, वृद्ध और बीमार महिलाएं सकट चौथ का व्रत निर्जल नहीं रख पाती है तो वे पानी पी सकती है और फलाहार कर सकती हैं।
सकट चौथ व्रत में क्या खा सकते हैं (Sakat Chauth Vrat Me Kya Kha Sakte Hain)
गर्भवती, वृद्ध और बीमार महिलाएं सकट चौथ में ये चीजें खा सकती हैं –
• तिलकुट और तिल से बनी खीर खाई जा सकती है।
• फलों का सेवन - केला, सेब, अनार और पपीता जैसे फल खाए जा सकते हैं
• तिल से बने व्यंजन - इस दिन तिल और गुड़े से बनी चीजों का सेवन कर सकते हैं।
• सिंघाड़े और कुट्टू का आटा - इनसे बनी पूड़ी या पराठा का सेवन किया जा सकता है।
• दूध और दूध से बने पदार्थ - दूध, दही, छाछ और खीर खाई जा सकती है।
• साबूदाना - आप साबूदाना की खिचड़ी या व्रत के पापड़ खा सकते हैं।
• मखाने - मखाने को भूनकर या खीर के रूप में खाया जा सकता है।
(डिसक्लेमर- इस लेख में दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है। timesnowhindi.com इसकी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता है। इसलिए किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की राय जरूर लें।)
