Ram Navami 2023 Puja Muhurat, Vidhi, Mantra: राम नवमी पूजा शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र और महत्व

  • Edited by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 30, 2023, 12:06 PM IST

Ram Navami 2023 Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Time, Samagri, Mantra, Aarti in Hindi: राम नवमी के शुभ अवसर पर भगवान श्री राम के साथ मां लक्ष्मी की पूजा का भी विधान है। जानिए लक्ष्मी पूजन की विधि और शुभ मुहूर्त।

Ram Navami 2023 Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Time, Samagri, Mantra, Aarti: राम नवमी के शुभ अवसर पर भगवान राम के साथ माता लक्ष्मी की पूजा का भी विधान है। राम नवमी का पर्व हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि राम नवमी पर विधि अनुसार रामलला और माता लक्ष्मी की पूजा करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। कहते हैं राम नवमी के दिन सुख, समृद्धि, धन और संपत्ति की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करने से वो तुरंत ही प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं। तो चलिए राम नवमी पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने की पूजा विधि और मुहूर्त जान लेते हैं।

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राम नवमी पर कैसे करें मां लक्ष्मी की पूजा, जानें पूरी विधि यहां

राम नवमी 2023 शुभ मुहूर्त (Ram Navami 2023 Shubh Muhurat):

नवमी तिथि आरंभ29 मार्च 2023, बुधवार, रात 09:07 बजे से
नवमी तिथि समापन30 मार्च 2023, गुरुवार, रात 11:30 बजे
राम लला की पूजा मुहूर्तप्रातः 11:11 बजे से दोपहर 01: 40 बजे तक
पूजा की कुल अवधि02 घण्टे 29 मिनट
गुरु पुष्य योग30 मार्च, रात 10:59 से अगले दिन सुबह 06:13 बजे तक
अमृत सिद्धि योग30 मार्च, रात 10:59 से अगली सुबह 06 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योगपूरे दिन
रवि योगपूरे दिन
अभिजीत मुहूर्त11:57 से 12:46 तक
चर योग मुहूर्त01:28 से 02:58 तक
लाभ02:58 से 05: 57 तक

मां लक्ष्मी की पूजा विधि (Maa Laxmi Puja Vidhi On Ram Navami)

राम नवमी पर्व पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सबसे पहले अपने घर की सफाई कर लें। इसके बाद गंगाजल छिड़कते हुए अपने घर को शुद्ध और पवित्र करें। अब पूजा घर में एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता की मूर्ति स्थापित करें। पूजन आरंभ करने से पहले चौकी के पास जल से भरा एक कलश रख दें। अब माता लक्ष्मी को तिलक लगाकर उनके सामने दीप प्रज्जवलित करें। पूजन आरंभ करते हुए मां लक्ष्मी को चावल, हल्दी, मौली, फूल, गुड़, अबीर-गुलाल आदि अर्पित करें और महालक्ष्मी की स्तुति करें। इसके बाद आरती करके जरूरतमंदों को मिठाई और दक्षिणा दें। इस दिन ब्राह्मणों को दान अवश्य करें।

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