Karwa Chauth (29 Oct) Moon Time in Rajasthan Today (चंद्रमा को अर्घ्य देने का समय): करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को आज चंद्रमा के दर्शन का इंतजार है। 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को राजस्थान में सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रख रही हैं। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को करवा माता की पूजा की जाती है। इसके बाद चंद्रमा के दर्शन करके अर्घ्य दिया जाता है और पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोला जाता है।
राजस्थान के सभी शहरों में चांद कितने बजे दिखेगा (Image AI Generated and Newsroom Verified)
राजस्थान के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का समय अलग-अलग ही रहेगा। जयपुर में चंद्रमा के रात 8:23 बजे, जोधपुर में 8:36 बजे, उदयपुर में 8:38 बजे, कोटा में 8:27 बजे और अजमेर में 8:29 बजे निकलने का अनुमान है। वहीं, अलवर में करीब 8:17 बजे, भरतपुर में 8:15 बजे और जैसलमेर में 8:43 बजे चंद्रमा के दर्शन हो सकते हैं।
राजस्थान में वर्तमान में 41 जिले हैं। ऐसे में अगर आप अपने शहर में करवा चौथ का चांद निकलने का समय जानना चाहती हैं, तो यहां दी गई पूरी लिस्ट देख सकती हैं। इसमें सभी 41 जिलों के चंद्रोदय का अनुमानित समय दिया गया है।
राजस्थान के सभी जिलों में आज करवाचौथ का चांद कितने बजे दिखेगा
करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलने की परंपरा है। राजस्थान का क्षेत्रफल बड़ा होने के कारण पश्चिमी, उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में चंद्रोदय का समय अलग-अलग रहता है।
जयपुर और आसपास के इलाकों में चंद्रमा के रात 8:23 बजे निकलने का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान के भरतपुर और धौलपुर में चंद्रमा करीब 8:14 से 8:15 बजे दिखाई दे सकता है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर जैसे इलाकों में चंद्रोदय का समय रात 8:40 बजे के बाद हो सकता है।
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राजस्थान में करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त
करवा चौथ के दिन चंद्रमा निकलने से पहले शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा की जाती है। महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। इस दौरान करवा चौथ की व्रत कथा सुनने और करवा फेरने की रस्म निभाने की भी परंपरा है।
जयपुर के लिए उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार, करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:46 बजे से 7:03 बजे तक है। दूसरे शहरों में स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त और पंचांग की गणना के कारण पूजा मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है। पूजा की सामग्री पहले से तैयार रखें। करवा, पूजा की थाली, दीपक, रोली, अक्षत, मिठाई और अर्घ्य के लिए जल का पात्र पास में रखें, ताकि पूजा के दौरान जल्दबाजी न हो।
चंद्रमा को अर्घ्य के बाद क्या करें
करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य उसके दर्शन होने के बाद दिया जाता है। महिलाएं एक साफ पात्र में जल लेकर चंद्रदेव को अर्पित करती हैं और पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य तथा परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करती हैं। इसके बाद कई परिवारों में छलनी से पहले चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखने की रस्म निभाई जाती है। पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोला जाता है। यह रस्म वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और साथ की कामना का प्रतीक है। राजस्थान के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का समय अलग होने के कारण अर्घ्य देने का समय भी उसी हिसाब से तय करें। जयपुर में चंद्रमा करीब 8:23 बजे निकलने का अनुमान है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में इसके लिए ज्यादा देर इंतजार करना पड़ सकता है।
