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आज दूसरा और तीसरा नवरात्रि एक साथ, जान लें मां ब्रह्मचारिणी और मां चंद्रघंटा की पूजा विधि, कथा, आरती सबकुछ

लवीना शर्माUpdated Apr 1, 2025, 06:03 IST

इस चैत्र नवरात्रि में दूसरा और तीसरा नवरात्रि एक ही दिन पड़ रहा है। ऐसे में 31 मार्च को मां ब्रह्मचारिणी के साथ मां चंद्रघंटा की भी पूजा की जाएगी। जानिए माता के दोनों स्वरूप की पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती यहां।

आज दूसरा और तीसरा नवरात्रि एक साथ, जान लें मां ब्रह्मचारिणी और मां चंद्रघंटा की पूजा विधि, कथा, आरती सबकुछ
आज दूसरा और तीसरा नवरात्रि एक साथ, जान लें मां ब्रह्मचारिणी और मां चंद्रघंटा की पूजा विधि, कथा, आरती सबकुछ

31 मार्च 2025 को नवरात्रि पर्व का दूसरा दिन है। लेकिन इस दिन दूसरा और तीसरा नवरात्र एक साथ मनाया जाएगा। ऐसा तिथि के क्षय के कारण हो रहा है। इस दिन द्वितीया तिथि सुबह 9 बजकर 11 मिनट तक रहेगी तो वहीं इसके बाद तृतीया तिथि लग जाएगी जो 1 अप्रैल की सुबह 5 बजकर 42 मिनट पर ही खत्म हो जाएगी। क्योंकि 1 अप्रैल को सूर्योदय के समय तृतीया तिथि मौजूद नहीं है इसलिए ही तीसरा नवरात्र भी 31 मार्च को ही मनाया जाएगा। जो भक्त नौ दिन के व्रत रह रहे हैं वो दूसरे नवरात्र के दिन ही मां ब्रह्मचारिणी के साथ मां चंद्रघंटा की भी पूजा करेंगे।

दूसरा और तीसरा नवरात्र साथ होने पर कैसे करें पूजा
नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा की पूजा के समय मां ब्रह्मचारिणी के साथ मां चंद्रघंटा की भी पूजा करें। दोनों ही माताओं के मंत्रों का जाप करें। साथ ही देवी दुर्गा के दोनों स्वरूपों की आरती भी करें। इससे एक ही दिन में आपको दोनों नवरात्र की पूजा का फल एक साथ मिल जाएगा।

MAR 31, 2025 13:11 IST

Navratri Day 3 Bhog: नवरात्रि की तीसरी देवी का भोग

मां चंद्रघण्‍टा को केसर और दूध से बनी मिठाइयां, खीर और पंचामृत का भोग लगाया जाता है।
MAR 31, 2025 12:31 IST

Durga Saptashati Path Vidhi in 9 Days: दुर्गा सप्तशती पाठ विधि

प्रथम दिन- 1 अध्याय
द्वितीय दिन- 2 और 3 अध्याय
तृतीया दिन- 4 अध्याय
चतुर्थ दिन- 5 से 8 अध्याय
पंचम दिन- 9 और 10 अध्याय
षष्ट दिन- 11 अध्याय
सप्तम दिन- 12 और 13 अध्याय
अष्टम दिन- मूर्ति रहस्य, हवन और क्षमा प्रार्थना
नवम दिन- कन्या भोज
MAR 31, 2025 11:37 IST

GULSHAN KUMAR Devi Bhakti Bhajans

MAR 31, 2025 10:55 IST

Navratri 2025 2nd Day Puja Vidhi LIVE: नवरात्रि के चौथे दिन की देवी

नवदुर्गा का चौथा स्वरूप है। इनकी आठ भुजाएं है। इनके सात हाथों में क्रमश: कमंडल, धनुष, बाण, कमल पुष्प,कलश, चक्र और गदा है। आठवें हाथ में सभी सिद्धियां और निधियों को देने वाली माला है। देवी के हाथों में जो अमृत कलश है, वह अपने भक्तों को दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य का वर देती है. मां सिंह की सवारी करती हैं, जो धर्म का प्रतीक है।
MAR 31, 2025 09:22 IST

Navratri 2025 2nd Day Puja Vidhi LIVE: मां चंद्रघंटा का स्वरूप

मां चंद्रघण्‍टा का स्वरूप स्वर्ण के समान है, जिनका वाहन शेर है। इनकी आठ भुजाओं में कमल, धनुष, बाण, खड़्ग, कमंडल, तलवार, त्रिशूल और गदा जैसे अस्त्र-शस्त्र हैं। इनके गले में सफेद फूलों की माला है और सिर पर चंद्रमा के साथ रत्नों वाला मुकुट सुशोभित है। मां चंद्रघण्‍टा की पूजा करने से व्यक्ति को सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघण्‍टा का व्रत रखने से व्यक्ति का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव से विवाह के बाद माता पार्वती ने अपने मस्तक पर अर्धचंद्र पहनना शुरू किया था, जिसके कारण उन्हें मां चंद्रघण्‍टा के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि नवरात्रि के तीसरे दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर मां चंद्रघण्‍टा की पूजा करनी चाहिए। इनकी पूजा में लाल और पीले फूलों का प्रयोग विशेष रूप से किया जाता है। इसके अलावा, पूजा में शंख और घंटों का भी महत्वपूर्ण स्थान होता है।
MAR 31, 2025 08:47 IST

Navratri 2025 2nd Day Puja Vidhi LIVE: मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप

मां ब्रह्मचारिणी आदिशक्ति के नौ स्वरूपों में से दूसरा स्वरूप हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन इनकी आराधना की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है। ये माता पार्वती का अविवाहित रूप हैं। इनके स्वरूप की विशेषता ये है कि ये श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, दाहिने हाथ में रुद्राक्ष की माला और बाएं हाथ में कमंडल लिए रहती हैं। मान्यता है कि रुद्राक्ष का संबंध इनके वनवास काल से है। मां ब्रह्मचारिणी ज्योर्तिमयी हैं और त्याग व तपस्या की प्रतिमूर्ति मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन इनकी उपासना करने से मनुष्‍य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और धैर्य का विकास होता है। इसके साथ ही, इनकी पूजा से मंगल दोषों से मुक्ति मिलती है और सभी कार्य सफल होते हैं। मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से साधक को विजय की प्राप्ति भी होती है
MAR 31, 2025 08:18 IST

Navratri 2025 2nd Day Puja Vidhi LIVE: मां ब्रह्मचारिणी शुभ रंग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन हरा या सफेद रंग पहना जा सकता है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के दौरान इन रंगों को धारण करने से व्‍यक्‍त‍ि को भगवान शिव और माता ब्रह्मचारिणी का आशीर्वाद वरदान स्‍वरूप में प्राप्‍त हो सकता है। ये दोनों ही रंग तरक्की, ऊर्वर्ता, स्थिरता के प्रतीक माने जाते हैं।
MAR 31, 2025 07:43 IST

GaMaa Chandraghanta Shubh Rang (मां चंद्रघण्‍टा शुभ रंग)

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां चंद्रघण्‍टा को लाल, सुनहरा, पीला और भूरा रंग अत्यंत ही पसंद हैं। नवरात्रि की पावन ति‍थि‍ पर मां चंद्रघण्‍टा की पूजा करते समय इन रंगों के कपड़े पहनना शुभता का प्रतीक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है क‍ि इससे व्‍यक्‍त‍ि को शांति और भावनात्मक स्थिरता म‍िल सकती है।
MAR 31, 2025 07:12 IST

Maa Chandraghanta Mantra (मां चंद्रघण्‍टा मंत्र)

  • ऐं श्रीं शक्तयै नमः
  • या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
  • पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता। प्रसादं तनुते महयं चन्द्रघण्टेति विश्रुता
  • ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः
MAR 31, 2025 06:44 IST

Maa Brahmacharini Mantra (मां ब्रह्मचारिणी मंत्र)

  • या देवी सर्वभू‍तेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
  • दधाना कर पद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मई ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा
  • ब्रह्मचारयितुम शीलम यस्या सा ब्रह्मचारिणी। सच्चीदानन्द सुशीला च विश्वरूपा नमोस्तुते
  • ओम देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः
  • वन्दे वांछित लाभायचन्द्रार्घकृतशेखराम्। जपमालाकमण्डलु धराब्रह्मचारिणी शुभाम्
  • गौरवर्णा स्वाधिष्ठानस्थिता द्वितीय दुर्गा त्रिनेत्राम
  • धवल परिधाना ब्रह्मरूपा पुष्पालंकार भूषिताम्
  • परम वंदना पल्लवराधरां कांत कपोला पीन
  • पयोधराम् कमनीया लावणयं स्मेरमुखी निम्ननाभि नितम्बनीम्
MAR 31, 2025 06:08 IST

Navratri Bhajan: नवरात्रि के भजन

MAR 31, 2025 00:09 IST

Navratri 2025 2nd Day Puja Vidhi LIVE: नवरात्रि के भजन

साँची ज्योतो वाली माता,

तेरी जय जय कार ।

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,

मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,

मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।

ज्योता वालिये, पहाड़ा वालिये,

मेहरा वालिये ॥

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,

मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,

मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।

सारा जग है इक बंजारा,

सारा जग है इक बंजारा,

सब की मंजिल तेरा द्वारा ।

ऊँचे परबत लम्बा रास्ता,

ऊँचे परबत लम्बा रास्ता,

पर मैं रह ना पाया,

शेरा वालिये ॥

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥

सूने मन में जल गयी बाती,

तेरे पथ में मिल गए साथी ।

मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू,

मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू,

बिन मांगे सब पाया, शेरा वालिये ॥

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥

कौन है राजा, कौन भिखारी,

एक बराबर तेरे सारे पुजारी ।

तुने सब को दर्शन देके,

तुने सब को दर्शन देके,

अपने गले लगाया, शेरा वालिये ॥

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,

मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,

मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।

प्रेम से बोलो, जय माता दी ॥

सारे बोलो, जय माता दी ॥

आते बोलो, जय माता दी ॥

जाते बोलो, जय माता दी ॥

कष्ट निवारे, जय माता दी ॥

पार निकले, जय माता दी ॥

देवी माँ भोली, जय माता दी ॥

भर दे झोली, जय माता दी ॥

वादे के दर्शन, जय माता दी ॥

जय माता दी, जय माता दी ॥
MAR 30, 2025 23:31 IST

Navratri 2025 2nd Day Puja Vidhi LIVE: मां चंद्रघंटा की कथा

प्रचलित कथा के अनुसार, माता दुर्गा ने मां चंद्रघंटा का अवतार तब लिया जब दैत्यों का आतंक बढ़ने लगा था। उस समय महिषासुर का देवताओं के साथ भयंकर युद्ध चल रहा था। महिषासुर का लक्ष्य देवराज इंद्र का सिंहासन प्राप्त करना था और वह स्वर्ग लोक पर राज करने की इच्छा से युद्ध कर रहा था। जब देवताओं को उसकी इस मंशा का ज्ञान हुआ, तो वे चिंतित हो गए और भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश के पास गए। ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने देवताओं की व्यथा सुनकर क्रोध प्रकट किया, जिससे उनके मुख से ऊर्जा निकली। इस ऊर्जा से एक देवी प्रकट हुईं। भगवान शंकर ने उन्हें अपना त्रिशूल, भगवान विष्णु ने अपना चक्र, इंद्र ने घंटा, सूर्य ने तेज और तलवार तथा सिंह प्रदान किया। इसके पश्चात मां चंद्रघंटा ने महिषासुर का वध कर देवताओं की रक्षा की।
MAR 30, 2025 22:41 IST

Navratri 2025 2nd Day Puja Vidhi LIVE: नवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट

एक चौकी, लाल कपड़ा, अक्षत, माता जी की प्रतिमा या चित्र, गणेश जी की प्रतिमा या चित्र, पीतल या तांबे का कलश/लोटा, सिक्का, पुष्प, लाल चुनरी, मौली, मिट्टी का बड़ा दीपक, लौंग, इलायची, ऋतु फल, बताशे या मिश्री और कपूर।
MAR 30, 2025 21:50 IST

Navratri 2025 2nd Day Puja Vidhi LIVE: नवरात्रि पूजा मंत्र

वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

-या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

-या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

-या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभि-धीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
MAR 30, 2025 21:23 IST

Navratri 2025 2nd Day Puja Vidhi LIVE: नवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट

एक चौकी, लाल कपड़ा, अक्षत, माता जी की प्रतिमा या चित्र, गणेश जी की प्रतिमा या चित्र, पीतल या तांबे का कलश/लोटा, सिक्का, पुष्प, लाल चुनरी, मौली, मिट्टी का बड़ा दीपक, लौंग, इलायची, ऋतु फल, बताशे या मिश्री और कपूर।
MAR 30, 2025 20:34 IST

Navratri 2025 2nd Day Puja Vidhi LIVE: नवरात्रि पूजा मंत्र

वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

-या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

-या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

-या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभि-धीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
MAR 30, 2025 19:22 IST

Navratri 2025 2nd Day Puja Vidhi LIVE: नवरात्रि के भजन

नौ नौ रूप मैया के तो,

बड़े प्यारे लागे,

बड़े प्यारे लागे,

सबसे प्यारे माँ के,

भवनो के नजारे लागे,

सबसे प्यारे माँ के,

भवनो के नजारे लागे ॥

प्रथम पूज्य है शैलपुत्री,

दूजी ब्रम्ह्चारणी,

भक्त जनो को भव सागर से,

पार उतारनी,

तीनो लोको में मैया के,

तीनो लोको में मैया के,

जय जयकारे लागे,

सबसे प्यारे माँ के,

भवनो के नजारे लागे ॥

चंद्राघंटा मैया का है,

तीजा रूप निराला,

कुष्मांडा ने भक्त जनो की,

हर विपदा को टाला,

स्कंद माता पाँचवा पूजन,

स्कंद माता पाँचवा पूजन,

करने सारे लागे,

सबसे प्यारे माँ के,

भवनो के नजारे लागे ॥

कात्यायनी पूजन करलो,

पार लगोगे सारे,

कालरात्रि दुष्ट जनो को,

एक पल में संहारे,

माँ का नाम सुमिरे जो,

माँ का नाम सुमिरे जो,

उनके भाग जागे,

सबसे प्यारे माँ के,

भवनो के नजारे लागे ॥

माँ गौरी है रूप आठवां,

जिसने भी ध्याया,

सिद्धि दात्री रूप में माँ ने,

सारा दुख मिटाया,

मंदिर मंदिर देखो माँ के,

मंदिर मंदिर देखो माँ के,

भक्तों मेले लागे,

सबसे प्यारे माँ के,

भवनो के नजारे लागे ॥

नौ नौ रूप मैया के तो,

बड़े प्यारे लागे,

बड़े प्यारे लागे,

सबसे प्यारे माँ के,

भवनो के नजारे लागे,

सबसे प्यारे माँ के,

भवनो के नजारे लागे ॥
MAR 30, 2025 18:34 IST

Mata Rani Ki Aarti: माता की आरती

MAR 30, 2025 18:14 IST

Navratri 2025 2nd Day Puja Vidhi LIVE: नवरात्रि के दूसरे दिन किसकी पूजा की जाती है

मां दुर्गा की आराधना के ये 9 पावन दिन जिन्हें नवरात्र के नाम से जाना जाता है। इसके दूसरे मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है।