Navratri 2023 9th Day, Maa Siddhidatri Vrat Katha In Hindi: मां सिद्धिदात्री को मां दुर्गा का प्रचंड रूप माना जाता है। कहते हैं जिस किसी पर मां की विशेष कृपा रहती है ऐसे लोगों के शत्रु उनके इर्द-गिर्द भी नहीं भटक पाते हैं। इसी के साथ कुंडली का छठा और ग्यारहवां भाव मां सिद्धिदात्री की पूजा से मजबूत होता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से कोर्ट से संबंधित मामलों में सफलता और दुश्मनों से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा मां सिद्धिदात्री की पूजा से केतु ग्रह से संबंधित दोष भी खत्म बो जाता है। यहां जानिए मां सिद्धिदात्री की व्रत कथा।
Maa Siddhidatri Vrat Katha In Hindi
Maa Siddhidatri Vrat Katha In Hindi (मां सिद्धिदात्री की व्रत कथा)
मां सिद्धिदात्री से जुड़ी पौराणिक कथा अनुसार जब पूरे ब्रह्मांड में अंधकार छा गया था। उस अंधकार में एक छोटी सी किरण प्रकट हुई। धीरे-धीरे यह किरण बड़ी होती गई और फिर इसने एक दिव्य नारी का रूप धारण कर लिया। कहते हैं यही देवी मां भगवती का नौवां स्वरूप मां सिद्धिदात्री कहलाईं।
धार्मिक मान्यताओं अनुसार मां सिद्धिदात्री ने प्रकट होकर त्रिदेव अर्थात ब्रह्मा, विष्णु, और महेश को जन्म दिया। कहते हैं भगवान शिव शंकर को जो आठ सिद्धियां प्राप्त थीं वह भी मां सिद्धिदात्री ने ही उन्हें दी थीं। सिद्धिदात्री देवी की ही कृपा से शिवजी का आधा शरीर देवी का हुआ जिस वजह से महादेव का एक नाम अर्धनारेश्वर पड़ा।
मां सिद्धिदात्री से जुड़ी दूसरी कथा
एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार जब सभी देवी देवता महिषासुर के अत्याचार से परेशान हो गए थे तब तीनों देवों यानि ब्रह्मा, विष्णु, और महेश ने अपने तेज से मां सिद्धिदात्री को जन्म दिया था। इसके बाद सभी देवताओं ने इन्हें अपने शस्त्र प्रदान किए और माता ने महिषासुर से युद्ध कर उसका अंत कर दिया।
