Navratri 2023 Day 9, Maa Siddhidatri Aarti Lyrics: नवरात्रि का नौवां दिन देवी दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप को समर्पित है। इनकी उपासना से ज्ञान में वृद्धि होती है। मां सिद्धिदात्री बुराइयों और अंधकार को दूर करने के लिए जानी जाती हैं। मां के इस स्वरूप की बात करें तो देवी कमल पर विराजित हैं। इनकी चार भुजाएं हैं जिनमें दाहिने हाथों में गदा और चक्र है वहीं दोनों के बाएं हाथों में शंख और कमल है। माता शेर की सवारी करती हैं। माता का ये स्वरूप सिद्धियों को देने वाला माना गया है। जानिए मां सिद्धिदात्री की आरती यहां।
Maa Siddhidatri Ki Aarti Lyrics In Hindi
Maa Siddhidatri Aarti in hindi, मां सिद्धिदात्री आरती लिखित में
जय सिद्धिदात्री मां, तू सिद्धि की दाता।
तू भक्तों की रक्षक, तू दासों की माता।
तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि।
तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि।
कठिन काम सिद्ध करती हो तुम।
जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम।
तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है।
तू जगदम्बे दाती तू सर्व सिद्धि है।
रविवार को तेरा सुमिरन करे जो।
तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो।
तू सब काज उसके करती है पूरे।
कभी काम उसके रहे ना अधूरे।
तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया।
रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया।
सर्व सिद्धि दाती वह है भाग्यशाली।
जो है तेरे दर का ही अम्बे सवाली।
हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा।
महा नंदा मंदिर में है वास तेरा।
मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता।
भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता।
मां सिद्धिदात्री का प्रिय भोग
शारदीय नवरात्रि के नौवें दिन मां को काले चने, हलवे, खीर पूरी का भोग लगाना चाहिए। कहा जाता है इस साधारण भोग मात्र से ही देवी प्रसन्न हो जाती हैं और अपने भक्तों की समस्त मनोकामना पूर्ण कर देती हैं।
