Navratri 2023 7th Day Maa Kalratri Katha, Puja Vidhi: नवरात्रि के सातवें दिन की देवी हैं मां कालरात्रि, जानें इनकी पूजा विधि, व्रत कथा, मंत्र, आरती और भोग

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 28, 2023, 06:34 AM IST

Navratri 2023 7th Day Maa Kalratri Puja Vidhi, Mantra, Aarti: नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि का पूजा होती है। मान्यता के अनुसार मां के इस स्वरूप की पूजा करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और बुरी शक्तियों का प्रभाव भी कम होने लगता है। जानें मां कालरात्रि की पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती सबकुछ।

Navratri 2023 7th Day Maa Kalratri Puja Vidhi and Mantra: नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि की पूजा अर्चना की जाती है। उन्हें साहस की देवी के नाम से भी जाना जाता है। वो दैत्यों और दुष्टों का संहार करने वाली माता हैं। मान्यता है कि मां कालरात्रि की सच्चे मन से पूजा करने पर मां अपने भक्तों को संकटों से छुटकारा दिलाती हैं। भक्त को शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। मां कालरात्रि के स्वरूप की बात करें तो उनका वर्ण अंधकार की तरह एकदम काला है। विशाल केश और चार भुजाओं वाली माता का स्वरूप अर्द्धनारीशवर शिव की तांडव मुद्रा में नजर आती हैं। आई महा सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि की पूजा करने के लिए पूजा विधि, मंत्र, भोग और आरती के बारे में जानते हैं।

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Chaitra Navratri Day 7: मां कालरात्रि पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती सबकुछ यहां जानें

मां कालरात्रि की कथा (Maa Kalratri Ki Katha)

जब शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज जैसे राक्षसों ने तीनों लोकों में हाहाकार मचा रखा था, तब सभी देवता इससे चिंतित होकर शिवजी के शरण में गए और उनसे सृष्टि की रक्षा के लिए प्रार्थना करने लगे। भगवान शिव ने माता पार्वती को भक्तों की रक्षा के लिए दैत्य का वध करने को कहा। शिवजी की बात मानकर माता ने दुर्गा का रूप धारण कर शुंभ-निशुंभ का वध कर दिया। जब मां दुर्गा ने रक्तबीज दानव को मौत के घाट उतारा, तो दैत्य के शरीर से निकले रक्त से लाखों की संख्या में रक्तबीज दैत्य उत्पन्न हो गए। यह देख मां दुर्गा ने अपने तेज से कालरात्रि को उत्पन्न किया। फिर, मां दुर्गा ने दैत्य रक्तबीज का वध किया और उसके शरीर से निकलने वाले रक्त को जमीन पर गिरने से पहले ही माता ने अपने मुख में भर लिया। इस तरह मां दुर्गा ने दैत्यराज के सभी रूपों का गला काटते हुए वध कर दिया।

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