Navratri 2023 6th Day Maa Katyayani Katha, Puja Vidhi: नवरात्रि के छठे दिन की देवी हैं मां कात्यायनी, जानें इनकी पूजा विधि, व्रत कथा, मंत्र, आरती और भोग

  • Edited by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 27, 2023, 06:26 AM IST

Navratri 2023 6th Day Maa Katyayani Puja Vidhi, Mantra, Aarti: नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी का पूजा होती है। मां पार्वती ने ये रूप महिषासुर नामक राक्षस को मारने के लिए धारण किया था।

Navratri 2023 6th Day Maa Katyayani Puja Vidhi and Mantra: असुरों का नाश करने वाली मां कात्यायनी देवी भगवती का छठा स्वरूप हैं। माता का यह स्वरूप अत्यंत फलदायी है। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान माता की विधिवत आराधना करने से भक्तों का हर कार्य आसान हो जाता है। समस्त कष्टों का नाश होता है। मां कात्यायनी बृज मंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं। चार भुजाओं वाली माता का स्वरूप स्वर्ण के समान चमकीला और अत्यंत दिव्य है। उनकी भुजाओं में अस्त्र, शस्त्र और कमल का फूल विराजमान है। शास्त्रों के मुताबिक, कात्यायनी माता की पूजा करने से विवाह का शीघ्र योग बनता है और मनचाहा वर मिलता है। आइए जानते हैं मां कात्यायनी की पूजा विधि, मंत्र, आरती और पौराणिक कथा।

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Navratri 2023 Day 6: चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन की पूजा विधि, कथा, आरती और मंत्र यहां जानें

मां कात्यायनी पूजा विधि (Maa Katyayani Puja Vidhi)

  • इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद कलश की पूजा करके माता को पंचामृत से स्नान कराएं।
  • स्नान के बाद माता का श्रंगार कर उन्हें फल, फूल, सिंदूर, रोली, अक्षत, नारियल, पान, सुपारी, कुमकुम और चुन्नी अर्पित करें।
  • अब दीप प्रज्वलित करके माता के मंत्रों का जाप करें और व्रत कथा का पाठ करें।
  • पूजा के बाद मां कात्यायनी को शहद और मिठाई का भोग लगाएं।
  • अंत में आरती करके प्रसाद बांटें।

मां कात्यायनी व्रत कथा (Maa Katyayani Vrat Katha)

पौराणिक कथानुसार, एक वनमीकथ नामक महर्षि थे। उनका एक पुत्र कात्य था। इसके बाद कात्य गोत्र में महर्षि कात्यायन ने जन्म लिया, उनकी कोई संतान नहीं थी। उन्होंने मां भगवती को अपनी पुत्री के रूप में पाने के लिए कठोर तप की थी। मां भगवती ने महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें साक्षात दर्शन दिए।तब कात्यायन ऋषि ने माता को अपनी मनसा बताई। इसपर देवी भगवती ने वचन दिया कि वह उनके घर में पुत्री के रूप में अवश्य जन्म लेंगी।

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