Kaal Sarp Dosh Remedies on Mauni Amavasya 2025 (काल सर्प दोष उपाय मौनी अमावस्या): ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार काल सर्प दोष को कुंडली का अत्यंत ही अशुभ दोष माना जाता है। काल सर्प दोष की वजह से व्यक्ति को जीवन में कई तरह की कठिनाइयां झेलनी पड़ सकती हैं। इस दोष के प्रभाव से मनुष्य के कार्य सिद्ध नहीं होते हैं और उसे सुख, धन और शांति की हानि भी झेलनी पड़ती है। मौनी अमावस्या का व्रत-पूजन हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखता है। इस दिन मौन होकर पवित्र में नदी में स्नान और ध्यान करने की प्राचीन परंपरा सदियों से चली आ रही है। मौनी अमावस्या के पावन दिन कुछ ऐसे उपाय हैं जिन्हें विधि-पूर्वक करने से आप काल सर्प दोष के अशुभ योग से राहत पा सकते हैं और अपने बिगड़े कार्य सिद्ध कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन सभी सरल और सटीक उपायों को करने से व्यक्ति जीवन में सफलता प्राप्त कर सकता है। आइए जानते हैं कि वो उपाए क्या हैं।
मौनी अमावस्या पर बन रहा है ये सिद्ध योग
विक्रम संवत के पंचांग के अनुसार, वर्ष 2025 में मौनी अमावस्या पर एक सिद्ध योग बन रहा है जिसमें हर कार्य सफल होंगे और जातक अपने जीवन में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकेंगे। इस सिद्ध योग का मुहूर्त 9 फरवरी 2024 को सुबह 7:05 बजे से शुरू होकर देर रात 11:29 बजे तक रहेगा, जिस दौरान पूजा-अर्चना करना शुभ है।
Kaal Sarp Dosh Remedies on Mauni Amavasya 2025 (काल सर्प दोष उपाय मौनी अमावस्या)
आप यहां पर काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए सिद्ध और सरल उपायों को देख सकते हैं –
नाग-नागिन की पूजा
मौनी अमावस्या की पावन तिथि पर चांदी के नाग-नागिन की पूजा करना शुभ माना जाता है। पूजा करने के बाद से इन्हें किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि इससे कुंडली में काल सर्प दोष का योग खत्म होने की संभावना बढ़ जाती है।
स्नान-ध्यान और शिव पूजा
मौनी अमावास्या पर किसी भी पवित्र नदी में स्नान-ध्यान करें और इसके बाद से भगवान शिव के तांडव स्त्रोत का विधि-पूर्वक पाठ करें। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है और काल सर्प दोष से मुक्ति मिल सकती है।
माता तुलसी का पूजन
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक शाम के समय तुलसी जी के पास घी का दीया जलाने से और 108 बार तुलसी के पौधे की परिक्रमा करने से व्यक्ति को जीवन के संकटों से मुक्ति मिल सकती है। अमावस्या के दिन ये सिद्ध उपाय करना बहुत लाभकारी होता है। आप ये दीपक ईशान कोण यानी की ऊतर पूर्व की दिशा में भी जला सकते हैं।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव के शक्तिशाली महामृत्युंजय मंत्र का 1008 बार जाप करने से और शिवलिंग पर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल) से अभिषेक करने से व्यक्ति सुख, सौभग्य, धन और समृद्धि की प्राप्ति पाई जा सकती है। ऐसा करना काल सर्प दोष से छुटकारा दिला सकता है।
