अध्यात्म

Mata Parvati ki Aarti: पढ़िए महाशिवरात्रि के अवसर पर माता पार्वती की आरती, देखिए यहां पर लिरिक्स हिंदी में

Mata Parvati ki Aarti (माता पार्वती की आरती): महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस पावन तिथि पर शिव और शक्ति की विधि-विधान से पूजा होती है जिसमें आरती का खास महत्व होता है। माता पार्वती का गुणगान गाने से व्यक्ति की सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है। ऐसे में आप यहां पर माता पार्वती की आरती के लिरिक्स पढ़ सकते हैं।

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Mata Parvati Aarti Lyrics In Hindi

Mata Parvati ki Aarti (माता पार्वती की आरती): माता पार्वती हिंदू सनातन धर्म में शक्ति और मातृत्व की देवी मानी जाती हैं। भगवान शिव की अर्धांगिनी हैं के रूप में पूजे जाने वाली मां गौरी संपूर्ण सृष्टि को ऊर्जा प्रदान करती हैं जिन्हें प्रेम, भक्ति, तपस्या और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता पार्वती ने कठिन तपस्या करके भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। जिस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था उस तिथि को महाशिवरात्रि के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन माता पार्वती की पूजा करना अत्यंत ही महत्वपूर्ण होता है। इनकी पूजा में इनकी आरती भी गाई जाती है जिसको गाने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है। मान्यता है कि मां पार्वती की आरती करने से पारिवारिक समस्याओं का समाधान होता है और घर में शांति बनी रहती है। माता पार्वती गृहस्थ जीवन की देवी हैं जो महिलाओं को सौभाग्य प्रदान करती हैं। यहां पढ़ें माता पार्वती की आरती के हिंदी लिरिक्स।

Mata Parvati ki Aarti (माता पार्वती की आरती):

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता॥

ॐ जय पार्वती माता

अरिकुल पद्म विनाशिनि जय सेवक त्राता।

जग जीवन जगदंबा, हरिहर गुण गाता॥

ॐ जय पार्वती माता

सिंह को वाहन साजे, कुण्डल हैं साथा।

देव वधू जस गावत, नृत्य करत ताथा॥

ॐ जय पार्वती माता

सतयुग रूपशील अतिसुन्दर, नाम सती कहलाता।

हेमांचल घर जन्मी, सखियन संग राता॥

ॐ जय पार्वती माता

शुम्भ-निशुम्भ विदारे, हेमांचल स्थाता।

सहस्त्र भुजा तनु धरि के, चक्र लियो हाथा॥

ॐ जय पार्वती माता

सृष्टि रूप तुही है जननी शिवसंग रंगराता।

नन्दी भृंगी बीन लही सारा जग मदमाता॥

ॐ जय पार्वती माता

देवन अरज करत हम चित को लाता।

गावत दे दे ताली, मन में रंगराता॥

ॐ जय पार्वती माता

श्री प्रताप आरती मैया की, जो कोई गाता।

सदासुखी नित रहता सुख सम्पत्ति पाता॥

ॐ जय पार्वती माता

Mata Parvati ki Aarti ka Mahatva (माता पार्वती की आरती का महत्व)

हिंदू धर्म में माता पार्वती को शक्ति, संतान, सुख, परिवार की सुख-शांति के रूप में जाना है। इनकी आरती का उल्लेख खासतौर से देवी भागवत पुराण में मिलता है। भगवान पार्वती की आरती नियमित करने से शुभता, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए मां गौरी की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करती है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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