2024 Mein Makar Sankranti Kab Ki Hai (मकर संक्रांति 2024 तिथि व मुहूर्त): 2024 में मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग अनुसार जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति पर्व मनाया जाता है। इस दिन दान-पुण्य के कार्य करना बेहद शुभ फलदायी होता है। 15 जनवरी को मकर संक्रान्ति पुण्य काल 07:15 AM से 05:46 PM तक है (Makar Sankranti Muhurat 2024) और मकर संक्रान्ति महा पुण्य काल सुबह 07:15 से 09:00 बजे तक रहेगा। मकर संक्रांति के दिन वैसे तो कई चीजों का दान किया जाता है लेकिन इस दिन तिल के दान का सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है। जानिए मकर संक्रांति पर तिल के दान का महत्व।
Makar Sankranti 2024 Date And Time: मकर संक्रांति पर तिल का दान क्यों किया जाता है?
तिल शनि का द्रव्य है। सूर्य एक माह शनि की राशि मकर में रहते हैं। शनि न्याय और पूर्व जन्म के पापों का प्रायश्चित करवाते हैं। तिल के दान का यही महत्व है कि पूर्व जन्म के पापों और ऋण का तिल दान शमन करता है। गरीबों में तिल के लड्डू बाटने से व्याधि का नाश होता है और मुकदमें में विजय मिलती है। राहु और केतु भी शनि के शिष्य हैं। अतः राहु और केतु की पीड़ा भी तिल दान समाप्त करता है।
इस मौसम में ठंढ पड़ने के कारण तमाम प्रकार के उदर विकार और एसिडिटी की समस्या होती है। तिल एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट है और गुड़ गैस के लिए बहुत लाभकारी चीज है। तिल का लडडू उदर विकार के साथ साथ रक्त को शुद्ध भी करता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है। तिल का सेवन प्रत्येक दिन प्रातः करना चाहिए और रात्रि में भोजन के पश्चात दो तिल का लड्डू और गुनगुना गर्म जल ग्रहण करके सोना चाहिए।
तिल के दान से शनि, राहु और केतु के दोष दूर होते हैं और शनि की साढ़ेसाती के कष्ट से मुक्ति मिलती है। गुड़ के मिश्रित दान से सूर्य और मंगल से पीड़ित दोष भी समाप्त होते हैं। बहते जल में इस माह तिल और गुड़ का प्रवाह करने से कष्ट से मुक्ति मिलती है। तिल का प्रयोग नित्य हवन में भी करना चाहिए। नित्य प्रतिदिन तिल व गुड़ से श्री आदित्यह्र्दयस्तोत्र का पाठ व उसके मंत्रों का विधिवत हवन करें।
