Shiv Bhasma: महाशिवरात्रि पर घर पर बनाएं भस्म, जानिए शिव भस्म बनाने की सामग्री और आसान विधि

Maha Shivratri 2024, Shiv Bhasma: मान्यता है कि शिव जी को भस्म चढ़ाने के बाद वहां बैठकर 1100 बार ॐ नमः शिवाय का जाप करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और अपने भक्त की मनोकामना पूरी करते हैं।

Maha Shivratri 2024, Shiv Bhasma Banane ki Vidhi: पूरा देश महाशिवरात्रि के रंग में रंग चुका है। महादेव के भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सारे उपाय करने में लगे हैं। भगवान शंकर के तमाम पसंदीदा चीजों में से एक है भस्म। मान्यता है कि भस्म से महादेव प्रसन्न होते हैं। इसी कारण कई उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर समेत कई शिव मंदिरों में शिवलिंग पर भस्म लगाया जाता है। बता दें कि महाकालेश्वर मंदिर भस्म आरती के दौरान जो भस्म प्रयोग किया जाता है वो चिता की भस्म होती है। वैसे आप घर पर भी भस्म बना सकते हैं।

Shiv Bhasma

Shiv Bhasma: महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2024) के लिए घर पर कैसे बनाएं भस्म

भस्म तैयार करने के लिए सामग्री (Shiv Bhasma Kaise banaye)

घर पर भस्म बनाने के लिए 13 चीजों की जरूरत पड़ती है। इनमें गाय के गोबर के कंडे, बेल वृक्ष की लकड़ी, पीपल की लकड़ी, शमी की लकड़ी, पलाश की लकड़ी, , वट (बरगद) वृक्ष की लकड़ी, अमलता की लकड़ी, बेर वृक्ष की लकड़ी, नीम की छाल, काजू, बादाम बड़े वाले, शुद्ध गाय का घी और त्रिफला चूर्ण।

घर पर कैसे बनाएं भस्म (Shiv Bhasma Bnane ki Vidhi)

घर पर भस्म बनाने के लिए सबसे पहले ऊपर बताई गई सभी 13 चीजों को एकत्रित कर लें। सबको एक साथ मिला लें। उसके बाद पूरी सामग्री के मिश्रण को जलाकर राख बना लें। जलाने के बाद जो अवशेष बचता है उसमें से सफेद भाग को अलग कर लें। यहां सफेद भाग भस्म है जिसे शिवजी की पूजा में इस्तेमाल किया जाता है।

शिवजी को कैसे चढ़ाएं भस्म (How to Make Shiv Bhasma at Home)

आपने घर पर जो भस्म तैयार किया है उससे शिवलिंग पर तीन आड़ी रेखाएं यानी त्रिपुंड बनाते हुए लगाएं। आप भस्म को शिवलिंग पर छिड़क भी सकते हैं। शिवलिंग पर भस्म लगाने के बाद शिव पंचाक्षर मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए उसे अपने माथे पर भी लगाएं। माथे पर लगाने के बाद दोनों बाहों, हृदय, फिर कान और उसके बाद नाभि पर क्रमानुसार लगाएं। मान्यता है कि शिव जी को भस्म चढ़ाने के बाद वहां बैठकर 1100 बार ॐ नमः शिवाय का जाप करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और अपने भक्त की मनोकामना पूरी करते हैं।

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