Khichdi 2024 Date And Time (खिचड़ी कितनी तारीख को है): भारत में मकर संक्रांति (Makar Sankranti) को कई अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में इसे खिचड़ी (khichdi 2024) के रूप में मनाते हैं। तो वहीं तमिलनाडु में इसे पोंगल (Pongal 2024) नाम से मनाया जाता है। जबकि कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश में इसे सिर्फ संक्रांति के नाम से ही मनाया जाता है। गुजरात में इसे उत्तरायणी कहते हैं। मकर संक्रांति पर घरों में कई तरह के पकवान बनते हैं जिनमें सबसे खास है खिचड़ी। जानिए खिचड़ी 2024 में कब मनाई जाएगी।
Khichdi Date 2024
खिचड़ी कितनी तारीख को है (Khichdi Kis Tarikh Ko Hai)
खिचड़ी का त्योहार 15 जनवरी को मनाया जाएगा। खिचड़ी पुण्य काल 07:15 ए एम से 05:46 पी एम तक रहेगा। वहीं महा पुण्य काल 07:15 ए एम से 09:00 ए एम तक है।
खिचड़ी पर्व का सांस्कृतिक महत्व (Khichdi Ka Mahatva)
मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने की परंपरा है इसलिए इस पर्व को कई जगह खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है। खिचड़ी चावल और दाल से तैयार की जाती है। खिचड़ी में प्रयोग किए जाने वाली हर एक चीज का अपना खास महत्व होता है। खिचड़ी का मुख्य तत्व चावल और पानी चंद्रमा से संबंधित है।खिचड़ी में डाले जाने वाली उड़द दाल शनि से संबंधित होती है। तो वहीं हल्दी का संबंध गुरु तो हरी सब्जियों का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है। वहीं घी का संबंध सूर्य देव, शुक्र और मंगल से होता है। इसलिए मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने से अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होने के साथ-साथ कुंडली के ग्रह भी मजबूत होते हैं।
खिचड़ी पर निभाई जाने वाली परंपराएं
खिचड़ी त्योहार पर कई जगह दही-चूड़ा, तिल और गुड़ से बने लड्डू और अन्य मीठे पकवान खाए जाते हैं। कहते हैं मकर संक्रांति के मौके पर मीठे पकवानों को खाने और खिलाने से रिश्तों में आई कड़वाहट दूर हो जाती है। मकर संक्रांति के मौके पर पतंग उड़ाने की भी परंपरा है।
