Khatu Shyam Mela 2023: आज खाटू श्याम लक्खी मेले का होगा समापन, जानें हारे का सहारा बाबा श्याम की कहानी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 4, 2023, 08:58 AM IST

Khatu Shyam Mela 2023: आज यानी 4 मार्च को राजस्थान के शीकर जिले में बाबा खाटू श्याम के लक्खी मेले का समापन होने जा रहा है। भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर बाबा श्याम के शरंण में पहुंच रहे हैं। बता दें मेले की शुरुआत 22 फरवरी को खाटू श्याम के कपाट खुलने के साथ हुई थी। मान्यता है कि इस दौरान बाबा श्याम नगर भ्रमण पर निकलते हैं। बाबा श्याम का संबंध महाभारत काल से जुड़ा है।

KEY HIGHLIGHTS
आज यानी 4 मार्च को होगा लक्खी मेले का समापन।
बाबा खाटू श्याम को माना जाता साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का अवतार।
पौराणिक ग्रंथों में है खाटू श्याम का वर्णन।

Khatu Shyam Mela 2023: उड़ती गुलाल नाचते गाते श्याम भक्त खाटू श्याम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि लक्खी मेले के दौरान बाबा श्याम के दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मुरादें पूरी होती हैं। तथा जीवन में आने वाली सभी समस्याओं का अंत (Falgun Mela 2023 Khatu Shyam) होता है। प्रत्येक वर्ष होली के दौरान राजस्थान के सीकर जिले में खाटू श्याम के लक्खी मेले का आयोजन किया जाता है। इस साल 22 फरवरी को खाटू श्याम जी के कपाट खुलने के साथ मेले की शुरुआत हुई थी। वहीं आज यानी 4 मार्च को इसका समापन होने जा रहा है। बता दें खाटू श्याम को भगवान श्री कृष्ण का कलयुगी अवतार माना जाना (Falgun Mela 2023) जाता है। नीले रंग के अश्व पर सवार बाबा श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है। मान्यता है कि, बाबा का आशीर्वाद होने पर भक्त कभी अपने किसी कार्य में असफल नहीं होते तथा उस पर आने वाली सभी विपदाओं का नाश होता है।

Khatu shyam Mela 2023

Khatu shyam Mela 2023: कौन हैं बाबा खाटू श्याम, पढ़िए महाभारत काल से जुड़ी कहानी

पौराणिक ग्रंथों में बाबा खाटू श्याम का उल्लेख मिलता है। खाटू श्याम का संबंध महाभारत काल से जुड़ा (Khatu Shyam Ji Mela) है। कहा जाता है कि बाबा खाटू श्याम पांडुपुत्र भीम के पौत्र थे। उनकी अपार शक्ति और क्षमता से प्रभावित होकर भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें कलयुग में अपने अवतार में पूजन का आशीर्वाद दिया था।

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