Karwa Chauth 2022 Chand Puja Vidhi, Time, Mantra, Aarti in Hindi: कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला त्योहार करवा चौथ सुहागिन महिलाओं के लिए काफी खास होता है। इस दिन चांद की पूजा का विशेष महत्व होता है। करवा चौथ पर महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। शाम के समय भगवान की विधि विधान पूजा करती हैं और करवा चौथ व्रत की कथा सुनती हैं। इसके बाद चांद निकलने का इंतजार करती हैं। चांद निकलने के बाद उसे अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलती हैं। जानिए चांद पूजा की पूरी विधि और मंत्र यहां।
Karwa Chauth 2022 Chand Puja Vidhi, Time: करवा चौथ पर चांद पूजा का महत्व और विधि
करवा चौथ 2022 चंद्रोदय समय (Karwa Chauth 2022 Moonrise Time)
पंचांग अनुसार करवा चौथ पर चांद रात 8 बजकर 9 मिनट पर उदय होगा। महिलाओं को सुझाव है कि वो अपनी पूजा इससे पहले ही संपन्न कर लें। फिर चांद की पूजा कर अपना व्रत खोलें।
करवा चौथ पर कैसे करें चांद की पूजा Karwa Chauth 2022 Chand Puja Vidhi
- करवा चौथ पर शाम में पूजा करने के बाद रात में चांद की पूजा की जाती है।
- शाम के समय चंद्रोदय से पहले पूरे शिव-परिवार यानि शिव जी, पार्वती जी, नंदी जी, गणेश जी और कार्तिकेय जी की पूजा होती है।
- इस दिन सभी सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चाँद को अर्घ्य देकर पानी पीती हैं।
- करवा चौथ की पूजा में सुहागिन महिलाएं छलनी में जलते हुए दीपक को रखती हैं।
- फिर इस छलनी से दीपक की रोशनी में सबसे पहले चांद को देखती हैं और उसे अर्घ्य देती हैं।
- उसके बाद उसी छलनी से अपने पति को देखती हैं।
- फिर पति अपनी पत्नी को पानी और मिठाई खिलाकर इस व्रत को पूरा करवाते हैं।
इस दिन क्यों करते हैं चांद की पूजा? पौराणिक कथा अनुसार जिस दिन भगवान शिव ने गणेश जी का सिर धड़ से अलग किया था, उस दौरान उनका सिर सीधे चंद्रलोक में चला गया था। मान्यता है कि आज भी उनका सिर चंद्रलोक में मौजूद है। जैसा कि गणपति जी को ये वरदान मिला था कि किसी भी पूजा से पहले उनकी पूजा की जाएगी इसलिए करवाचौथ वाले दिन भी भगवान गणेश की सबसे पहले पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार गणेश का सिर चंद्रलोक में होने के कारण करवा चौथ वाले दिन चंद्रमा की खास पूजा की जाती है।
