International Yoga Day 2026: 21 जून को पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है। इस खास मौके पर ईशा फाउंडेशन देश भर में लगभग 1,000 योग और ध्यान सत्र आयोजित कर रहा है। इसमें कॉर्पोरेट, शिक्षा, चिकित्सा, सरकारी और रक्षा संस्थानों तथा सामुदायिक स्थानों से लगभग 50,000 लोगों के शामिल होने का अनुमान है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: ईशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित योगा सत्र (Photo: Isha Foundation)
ईशा फाइंडेशन के फाउंडर सद्गुरु जग्गी वासुदेव मानते हैं कि, "योग बस एक कसरत नहीं है। यह एक ऐसी प्रक्रिया और प्रणाली है जिसके ज़रिए मनुष्य अपनी उच्चतम संभव क्षमता प्राप्त कर सकता है।" सद्गुरु इस समझ से प्रेरणा लेते हुए ये सत्र लोगों को योग का अनुभव कराने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
योग को खुशहाली और आतंरिक रूपांतरण के एक संपूर्ण विज्ञान के तौर पर प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षित योग गुरुओं के द्वारा लोगों को आसान लेकिन प्रभावी योग क्रियाएं सिखाई जा रही हैं, जिन्हें दैनिक जीवन में आसानी से शामिल करके शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक खुशहाली और जीवन की गुणवत्ता को उन्नत किया जा सकता है।
इन सत्रों के साथ-साथ, लोगों को 'मिरेकल ऑफ़ माइंड' के बारे में भी बताया जाएगा। यह सद्गुरु का सात मिनट का निःशुल्क निर्देशित ध्यान है, जिससे कोई भी आसानी से ध्यान को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बना सकता है। इस ध्यान के लिए योग की पहले से कोई जानकारी या अनुभव होने की जरूरत न होने के कारण, यह जीवन के हर क्षेत्र के लोगों के लिए उपलब्ध है।
देश भर में चलाए जा रहे कार्यक्रमों के साथ-साथ, ईशा केंद्रों पर भी 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' के विशेष आयोजन भी किए जाएंगे। बेंगलुरु के सद्गुरु सन्निधि में आदियोगी की मौजूदगी में एक बड़ा कार्यक्रम होगा, जिसमें NCC कैडेट, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के जवान, छात्र, ग्रामीण, स्वयंसेवक और आम लोगों समेत 2,300 से ज़्यादा प्रतिभागी शामिल होंगे। वहीं, कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र में 700 से ज़्यादा प्रतिभागी योग और ध्यान सत्रों में हिस्सा लेंगे; इनमें 'यंग इंडियंस कोयंबटूर चैप्टर' के 500 छात्र और सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF) के 200 जवान शामिल होंगे।
पिछले एक साल में 7 लाख से भी ज्यादा लोग कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र में मुफ्त योग और ध्यान सत्रों का लाभ ले चुके हैं। ऐसे में उम्मीद है कि इस साल भी बड़ी संख्या में लोग यहां लाभान्वित होंगे।
