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Hanuman Jayanti 2024 Puja Vidhi, Muhurat Live Updates: हनुमान जयंती साल में कितनी बार मनाई जाती है? जानें हनुमान जयंती पूजा विधि, मंत्र सहित सारी जानकारी

लवीना शर्माUpdated Apr 23, 2024, 12:33 IST

Hanuman Jayanti 2024 Puja Vidhi, Muhurat Live Updates: हनुमान जयंती साल में कितनी बार मनाई जाती है? जानें हनुमान जयंती पूजा विधि, मंत्र सहित सारी जानकारी
Hanuman Jayanti 2024 Puja Vidhi, Muhurat Live Updates: हनुमान जयंती साल में कितनी बार मनाई जाती है? जानें हनुमान जयंती पूजा विधि, मंत्र सहित सारी जानकारी

Hanuman Jayanti 2024 Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List Live Updates: भारत में हनुमान जयंती बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन ही भगवान हनुमान को जीवनदान मिला था। इसलिए इस दिन बजरंगबली के मंदिरों में विशेष पूजा पाठ का आयोजन किया जाता है। इस साल हनुमान जयंती का पावन पर्व 23 अप्रैल दिन मंगलवार को मनाया जा रहा है। इस दिन कई लोग व्रत उपवास भी रखते हैं। यहां आप जानेंगे हनुमान जयंती की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र, कथा, आरती सबकुछ।

Hanuman Jayanti Puja Samagri

हनुमान जयंती कब है 2024 में (Hanuman Jayanti Kab Hai 2024)
हनुमान जयंती चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस साल ये तिथि 23 अप्रैल को पड़ रही है। इसलिए 2024 में हनुमान जयंती पर्व 23 अप्रैल को ही मनाया जाएगा।

हनुमान जयंती 2024 शुभ मुहूर्त (Hanuman Jayanti 2024 Shubh Muhurat)
पंचांग अनुसार इस साल चैत्र पूर्णिमा तिथि 23 अप्रैल की सुबह 3 बजकर 25 मिनट से 24 अप्रैल की सुबह 5 बजकर 18 मिनट तक रहेगी। हनुमान जयंती पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 03 बजकर 25 मिनट से पूरे दिन रहेगा।

हनुमान जी का जन्म कब हुआ था (Hanuman Ji Birth Date)
धार्मिक मान्यताओं अनुसार हनुमान जी का जन्म कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हुआ था। तो वहीं चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को भगवान हनुमान को जीवनदान मिला था। कहते हैं जब सूर्य देव को निगलने की वजह से इंद्र देव ने हनुमान जी पर वज्र से प्रहार कर दिया था तो उससे बजरंगबली मुर्छित हो गए थे। जिसके बाद पवन देव ने पूरे ब्रह्मांड की वायु रोक दी थी। पवन देव को शांत करने के लिए ब्रह्मा जी ने हनुमान जी को जीवनदान दिया था। कहते हैं जिस दिन ये घटना हुई थी उस दिन चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि थी। जिस वजह से इस दिन भी हनुमान जयंती पर्व मनाया जाने लगा।

हनुमान जयंती पूजा विधि (Hanuman Jayanti Puja Vidhi In Hindi)
-इस दिन की पूजा में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है।
-इस बात का भी ध्यान रखें कि भगवान हनुमान की पूजा से पहले प्रभु श्री राम और माता सीता की पूजा जरूर करें।
-हनुमान जयंती पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
-इस दिन आप हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंग बाण और रामायण का पाठ करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
-इस दिन हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर उसका लेप जरूर लगाएं।
-इस दिन सरसों या चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
-अंत में हनुमान ज आरती करें और पूजा में अनजाने से हुई किसी भूल की क्षमा मांगें।

श्री हनुमंत स्तुति (Hanuman Ji Mantra)
मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं, बुद्धिमतां वरिष्ठम् ॥
वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं, श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे ॥

APR 23, 2024 12:33 IST

हनुमान जयंती साल में कितनी बार आती है (How many times does Hanuman Jayanti come in a year?)

हनुमान जन्मोत्सव का दिन अपार भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। यह हर साल दो बार मनाया जाता है। एक चैत्र माह की पूर्णिमा और दूसरी कार्तिक माह की चतुर्दशी तिथि को।
APR 23, 2024 12:19 IST

आज हनुमान जयंती लिरिक्स (Aaj Hanuman Jayanti Lyrics)

आज हनुमान जयंती है ,आज हनुमान जयंती है।हो ऐसा लगता है ,सारे संसार में मस्ती है।आज हनुमान जयंती है।आज दिन खूबसूरत ,बड़ा अच्छा महूरत।चेत सुदी पूनम का दिन ,सभी का हर्ष रहा मन।माँ अंजनी का जाया ,प्रभु की देखो माया।रूप वानर का पाया ,ये शिव का रूद्र कहाया।हो माँ अंजनी के द्वारे ,सखिया मंगल गाती है।आज हनुमान जयंती है ,आज हनुमान जयंती है। टेर।एक दिन का है झगड़ा ,सूर्ये को जाके पकड़ा।देव सब ही घबराये ,पवन के द्वारे आये।इंद्र ने वज्र है मारा ,हनुमत ने उसे संहारा।हो तबसे ये दुनिया इनको ,बजरंगी कहती है।आज हनुमान जयंती है ,आज हनुमान जयंती है। टेर।सिया की जा सुध लाये ,राम के मन को भाये।लंका में धूम मचाये ,सारी लंका को जलाये।असुर सब ही घबराये ,देव मन में हर्षाये।हो अजर अमर हो मेरे लाला ,सीता कहती है।आज हनुमान जयंती है ,आज हनुमान जयंती है। टेर।
APR 23, 2024 12:09 IST

हनुमान चालीसा हिंदी (Hanuman Chalisa Hindi)

दोहाश्रीगुरु चरन सरोज रज निजमनु मुकुरु सुधारि।बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि।।बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।चौपाईजय हनुमान ज्ञान गुन सागर।जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।रामदूत अतुलित बल धामा।अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।महावीर विक्रम बजरंगी।कुमति निवार सुमति के संगी।।कंचन वरन विराज सुवेसा।कानन कुण्डल कुंचित केसा।।हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।काँधे मूँज जनेऊ साजै।शंकर सुवन केसरीनंदन।तेज प्रताप महा जग वन्दन।।विद्यावान गुणी अति चातुर।राम काज करिबे को आतुर।।प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।राम लखन सीता मन बसिया।।सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।विकट रूप धरि लंक जरावा।।भीम रूप धरि असुर संहारे।रामचंद्र के काज संवारे।।लाय सजीवन लखन जियाये।श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।सनकादिक ब्रह्मादि मुनीशा।नारद सारद सहित अहीसा।।जम कुबेर दिगपाल जहां ते।कवि कोविद कहि सके कहाँ ते।।तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।राम मिलाय राज पद दीन्हा।।तुम्हरो मंत्र विभीषन माना।लंकेश्वर भये सब जग जाना।।जुग सहस्र योजन पर भानू।लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।दुर्गम काज जगत के जेते।सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।राम दुआरे तुम रखवारे।होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।सब सुख लहै तुम्हारी सरना।तुम रक्षक काहू को डरना।।आपन तेज सम्हारो आपै।तीनों लोक हांक तें कांपै।।भूत पिसाच निकट नहिं आवै।महाबीर जब नाम सुनावै।।नासै रोग हरै सब पीरा।जपत निरंतर हनुमत बीरा।।संकट तें हनुमान छुड़ावै।मन क्रम वचन ध्यान जो लावै।।सब पर राम तपस्वी राजा।तिनके काज सकल तुम साजा।और मनोरथ जो कोई लावै।सोई अमित जीवन फल पावै।।चारों युग परताप तुम्हारा।है परसिद्ध जगत उजियारा।।साधु-संत के तुम रखवारे।असुर निकंदन राम दुलारे।।अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।अस वर दीन जानकी माता।।राम रसायन तुम्हरे पासा।सदा रहो रघुपति के दासा।।तुम्हरे भजन राम को भावै।जनम-जनम के दुख बिसरावै।।अन्त काल रघुबर पुर जाई।जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई।।और देवता चित्त न धरई।हनुमत सेई सर्व सुख करई।।संकट कटै मिटै सब पीरा।जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।जै जै जै हनुमान गोसाईं।कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।जो सत बार पाठ कर कोई।छूटहिं बंदि महा सुख होई।।जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।होय सिद्धि साखी गौरीसा।।तुलसीदास सदा हरि चेरा।कीजै नाथ हृदय महँ डेरा।।दोहा पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।
APR 23, 2024 11:53 IST

हनुमान जयंती पूजा विधि (Hanuman Jayanti Puja Vidhi)

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल रंग के साफ सुथरे कपड़े पहन लें। इसके बाद बजरंगबली को लाल रंग के पुष्प अर्पित करें, सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चोला चढ़ाएं, चना, गुड़ और नारियल भी चढ़ाएं। प्रभु को बेसन के लड्डू या फिर बूंदी के लड्डू का भोग लगा सकते हैं।
APR 23, 2024 11:40 IST

हनुमान जयंती पर क्या उपाय करें (Hanuman Jayanti Upay)

हनुमान जंयती के दिन शुभ मुहूर्त में सुन्दरकाण्ड, हनुमान चालीसा और शनि चालीसा का पाठ करने से शनि दोष से राहत मिलती है. इस दिन हनुमान जी की पूजा में काले तिल का तेल और नीले रंग के फूल का प्रयोग करने से भी शनि देव प्रसन्न होते हैं।
APR 23, 2024 11:20 IST

Hanuman Jayanti Importance (हनुमान जयंती का महत्व)

चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जी का जन्म हुआ था और इस दिन को हनुमान जन्मोत्सव के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि इस दिन हनुमान जी की सच्चे मन और विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में आने वाले हर संकट से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही सारे बिगड़े काम बनने लग जाते हैं और राम जी की उन पर विशेष कृपा बरसती है।
APR 23, 2024 11:08 IST

Hanuman jayanti 2024 stauts (हनुमान जयंती स्टेटस)

APR 23, 2024 10:56 IST

हनुमान जी को लगाएं इन चीजों का भोग (Hanuman Jayanti Bhog 2024)

आज के दिन हनुमान जी को लड्डू, पंचमेवा, जलेबी या इमरती और बूंदी का भोग लगाना चाहिए. ये सारी चीजें हनुमान जी को अति प्रिय हैं. इसके अलावा आप इस दिन बजरंगबली को गुड़-चने और पान का बीड़ा भी अर्पित कर सकते हैं
APR 23, 2024 10:20 IST

Hanuman Jayanti Or Hanuman Janmotsav Which Is Correct: हनुमान जयंती या जन्मोत्सव क्या कहना सही है?

23 अप्रैल को देश भर में हनुमान जी के जन्मदिन का उत्सव मनाया जा रहा है। इसे कुछ लोग हनुमान जयंती के नाम से मनाते हैं तो कुछ हनुमान जन्मोत्सव। लेकिन वास्तव में इसे क्या कहना सही है इस बारे में जानते हैं। शास्त्रों में हनुमान जी को अमर बताया गया है। धार्मिक मान्यातओं अनुसार हनुमान जी आज भी धरती पर सशरीर विद्यमान हैं तो इनकी जयंती कैसे मनाई जा सकती है। बता दें जयंती शब्द उनके लिए इस्तेमाल किया जाता है जिन्होंने अपने शरीर का त्याग कर दिया है। लेकिन माता सीता ने तो हनुमान जी को अजर अमर अनिनाशी रहने का वरदान दिया है तो इसलिए इनके जन्मदिन को हनुमान जयंती की जगह हनुमान जन्मोत्सव कहना ज्यादा सही रहेगा। अब जानिए हैं कि हनुमान जन्मोत्सव क्यों मनाया जाता है।
APR 23, 2024 10:05 IST

हनुमान जयंती पूजा विधि (Hanuman Jayanti Puja Vidhi In Hindi)

  1. इस दिन हनुमान जी की प्रतिमा एक लाल कपड़े पर स्थापित करें।
  2. पूजा में इस दिन आप हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंग बाण, रामायण इत्यादि का पाठ भी कर सकते हैं।
  3. इसके बाद हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर उसका लेप लगाएं।
  4. इसके अलावा इस दिन दीपक जलाते समय लाल रंग की बाती का प्रयोग करें।
  5. हनुमान जयंती की कथा सुनें और आरती करें।
APR 23, 2024 09:56 IST

hanuman jayanti shlok in sanskrit (हनुमान जयंती संस्कृत श्लोक)

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहंदनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।सकलगुणनिधानं वानराणामधीशंरघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।ॐ आञ्जनेयाय विद्महेवायुपुत्राय धीमहि ।तन्नो हनुमत् प्रचोदयात् ॥
APR 23, 2024 09:40 IST

हनुमान जयंती कब मनाई जाती है (Hanuman jayanti kab manai jati hai)

हनुमान जयंती का पर्व हर साल चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाया जाता है। इस साल .ये पर्व 23 अप्रैल यानि आज मनाया जा रहा है।
APR 23, 2024 09:23 IST

Hanuman Jayanti Vrat Vidhi (हनुमान जयंती व्रत विधि)

प्रभु को बेसन के लड्डू या फिर बूंदी के लड्डू का भोग लगा सकते हैं। इसके बाद घी का दीपक जलाएं और सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके बाद आरती करें और व्रत रखने का संकल्प लें। हनुमान जी के साथ-साथ प्रभु श्री राम और माता सीता की भी उपासना करें।
APR 23, 2024 09:10 IST

Difference Between Hanuman jayanti and janmotsav (हनुमान जयंती और हनुमान जन्मोत्सव में क्या अंतर है)

हनुमान जी के जन्मदिन की तिथि को जयंती के बजाय जन्मोत्सव कहना उचित होगा. जयंती का मतलब होता है किसी ऐसे व्यक्ति का जन्मदिन जो जीवित नहीं है. वहीं जन्मोत्सव का मतलब होता है जो व्यक्ति दुनिया में जीवित हो उसका जन्मदिन, इसलिए हम किसी को भी जन्मदिन की बधाई देते हैं तो शुभ जयंती नहीं बल्कि शुभ जन्मोत्सव कहते हैं।
APR 23, 2024 09:00 IST

sab sukh lahe tumhari sarna (सब सुख लहे तुम्हारी सरना)

सब सुख लहे तुम्हारी सरना,तुम रक्षक कहू को डरना,संकट कटे मिट्टे सब पीरा,जो सुमिरे हनुमत बलबीरा !
APR 23, 2024 08:41 IST

हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है (Hanuman Jayanti Kyu Manai Jati Hai)

हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, हनुमान जी का जन्म कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हुआ था तो फिर चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है? इससे जुड़ी एक पौराणिक कथा है। इस कथा के अनुसार, एक बार बचपन में जब हनुमान जी को भूख लगी तो उन्हें आसमान में सूर्य दिखाई दिया जिसे वे फल जानकर खाने के लिए दौड़ पड़े। उन्होंने जैसे ही सूर्य को निगलने की कोशिश की पृथ्वी पर अंधेरा छाने लगा। यह बात जब इंद्रदेव को पता चली तो उन्होंने हनुमान जी को रोकने के लिए उन पर वज्र से प्रहार कर दिया, जिस कारण हनुमान जी मूर्छित होकर जमीन पर गिर पड़े।

जब ये बात पवनदेव को पता चली तो गुस्से में उन्होंने पूरे ब्रह्रांड की वायु रोक दी। जिससे धरती पर हाहाकार मच गया। तब ब्रह्राजी ने पवन देवता को शांत करते हुए हनुमान जी को जीवनदान दिया। माना जाता है कि जिस दिन भगवान हनुमान को जीवनदान मिला उस दिन चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि थी। यही कारण है कि हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को भी हनुमान जन्मोत्सव यानी हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाता है।
APR 23, 2024 08:24 IST

हनुमान जयंती भजन Lyrics (Hanuman Jayanti Bhajan)

पार ना लगोगे श्री राम के बिना, राम ना मिलेगे हनुमान के बिना।
राम ना मिलेगे हनुमान के बिना, श्री राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना।
वेदो ने पुराणो ने कह डाला, राम जी का साथी बजरंग बाला।
जीये हनुमान नही राम के बिना, राम भी रहे ना हनुमान के बिना।
जग के जो पालन हारे है, उन्हे हनुमान बड़े प्यारे है।
कर लो सिफ़ारिश दाम के बिना, रास्ता ना मिलेगा हनुमान के बिना।
जिनका भरोसा वीर हनुमान, उनका बिगड़ता नही कोई काम।
लक्खा कहे सुनो हनुमान के बिना, कुछ ना मिलेगा गुणगान के बिना।
APR 23, 2024 08:19 IST

भगवान हनुमान के अनेकों नाम

भगवान हनुमान को महावीर, बजरंगबली, अंजनीपुत्र, मारुती, पवनपुत्र और केसरीनन्दन के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं अनुसार पवनपुत्र हनुमान भगवान शिव के 11वें रूद्र अवतार हैं। कहते हैं जिस पर हनुमान जी की कृपा बरसती है उन्हें जीवन में कभी संकटों का सामना नहीं करना पड़ता।
APR 23, 2024 07:52 IST

Hanuman Jayanti Shlok In Sanskrit: हनुमान जयंती श्लोक

-अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।
ॐ हं हनुमते नमः।।

-बुद्धिर्बलं यशो धैर्यं निर्भयत्वमरोगता।
अजाड्यं वाक्पटुत्वं च हनुमत्स्मरणाद्भवेत्।।
APR 23, 2024 07:00 IST

हनुमान जयंती मंत्र (Hanuman Jayanti Mantra)

-अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं, दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् ।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं, रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि ।।
-मनोजवं मारुततुल्यवेगमं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् ।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ।।