Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics (श्री गणेश जी की आरती): आज करवा चौथ की पूजा की शुरुआत ही गणेश जी को प्रणाम कर किया जाता है। सबसे पहले गणेज जी की आरती भी होती है। इससे घर में शांति और वैवाहिक जीवन में स्थिरता आती है। अगर आप करवा चौथ का व्रत कर रहे हैं और पूजा करने वाले हैं तो आपको यहां से देखकर करवा चौथ गणेश जी की आरती कर लेनी चाहिए। यहां जय गणेश देवा आरती के पूरे लिरिक्स दिए गए हैं।
गणेश जी की आरती (pic credit: canva)
गणेज जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi)-
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
गणेश जी के मंत्र ( Ganesh Mantra In Sanskrit)-
वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि।
मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥1॥
गजाननं भूत गणादि सेवितं,
कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम् ।
उमासुतं शोक विनाशकारकम्,
नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम् ॥
