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Ganesh Chaturthi 2023 Vrat Katha, Aarti, Mantra Live: गणेश चतुर्थी की व्रत कथा, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र और गणपति बप्पा की आरती यहां देखें

Ganesh Chaturthi 2023 Vrat Katha, Aarti, Mantra Live: गणेश चतुर्थी की व्रत कथा, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र और गणपति बप्पा की आरती यहां देखें
Ganesh Chaturthi 2023 Vrat Katha, Aarti, Mantra Live: गणेश चतुर्थी की व्रत कथा, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र और गणपति बप्पा की आरती यहां देखें

Ganesh Chaturthi 2023 Puja Vidhi, Muhurat, Mantra, Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi LIVE Updates: वैसे तो हर महीने में गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi 2023) पड़ती है। लेकिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष की गणेश चतुर्थी का विशेष महत्व माना गया है। दरअसल ऐसी मान्यता है कि ये वही तिथि है जिस दिन भगवान गणपति ने जन्म लिया था इसलिए इस दिन का हिंदुओं के लिए खास महत्व होता है। इस दिन श्रद्धालु अपने घर में गणपति बप्पा की मूर्ति (Ganpati Bappa Ki Murti Sthapana Vidhi) की स्थापना करते हैं और उनकी विधि विधान पूजा की जाती है। गणेश भगवान की पूजा के लिए दोपहर का समय अत्यंत शुभ माना जाता है (Ganesh Puja Muhurat 2023)।

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Ganesh Chaturthi Puja Muhurat 2023 (गणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त 2023)
19 सितंबर 2023 को गणेश चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10:59 से दोपहर 01:25 तक रहेगा। इस मुहूर्त में गणपति बप्पा की मूर्ति की स्थापना बेहद फलदायी साबित होगी। 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी दोपहर 03:13 तक रहेगी।

Ganesh Chaturthi Puja Vidhi (गणेश चतुर्थी पूजा विधि)
इस दिन प्रातः स्नान करने के बाद सोने, तांबे, मिट्टी की गणेश प्रतिमा लें। फिर एक साफ कलश में जल भरकर उसके मुंह पर कोरा वस्त्र बांध दें और उसके ऊपर गणेश जी को विराजमान करें। इसके बाद गणेश जी को सिंदूर व दूर्वा अर्पित करें। साथ में 21 लडडुओं का भोग लगाएं। इनमें से 5 लड्डू गणेश जी को अर्पित करके बाकी सभी लड्डू गरीबों में बांट दें। फिर शाम के समय गणेश जी का फिर से पूजन करें। इस समय गणेश चतुर्थी की कथा सुनें। साथ ही गणेश चालीसा और गणेश जी की आरती पढ़ें। इसके बाद दृष्टि को नीचे रखते हुए चन्द्रमा को अर्घ्य दें।

Shri Ganesh Aarti written, भगवान श्री गणेश की आरती लिरिक्स के साथ
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

एक दंत दयावंत,
चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे
मूसे की सवारी ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

पान चढ़े फल चढ़े,
और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे
संत करें सेवा ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत
निर्धन को माया ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

'सूर' श्याम शरण आए,
सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

दीनन की लाज रखो,
शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो
जाऊं बलिहारी ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

SEPT 19, 2023 13:04 IST

Ganesh Chalisa: गणेश चालीसा

॥ दोहा ॥जय गणपति सदगुण सदन,कविवर बदन कृपाल ।विघ्न हरण मंगल करण,जय जय गिरिजालाल ॥॥ चौपाई ॥जय जय जय गणपति गणराजू ।मंगल भरण करण शुभः काजू ॥जै गजबदन सदन सुखदाता ।विश्व विनायका बुद्धि विधाता ॥वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना ।तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन ॥राजत मणि मुक्तन उर माला ।स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला ॥पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं ।मोदक भोग सुगन्धित फूलं ॥सुन्दर पीताम्बर तन साजित ।चरण पादुका मुनि मन राजित ॥धनि शिव सुवन षडानन भ्राता ।गौरी लालन विश्व-विख्याता ॥ऋद्धि-सिद्धि तव चंवर सुधारे ।मुषक वाहन सोहत द्वारे ॥कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी ।अति शुची पावन मंगलकारी ॥एक समय गिरिराज कुमारी ।पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी ॥ 10 ॥भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा ।तब पहुंच्यो तुम धरी द्विज रूपा ॥अतिथि जानी के गौरी सुखारी ।बहुविधि सेवा करी तुम्हारी ॥अति प्रसन्न हवै तुम वर दीन्हा ।मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा ॥मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला ।बिना गर्भ धारण यहि काला ॥गणनायक गुण ज्ञान निधाना ।पूजित प्रथम रूप भगवाना ॥अस कही अन्तर्धान रूप हवै ।पालना पर बालक स्वरूप हवै ॥बनि शिशु रुदन जबहिं तुम ठाना ।लखि मुख सुख नहिं गौरी समाना ॥सकल मगन, सुखमंगल गावहिं ।नाभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं ॥शम्भु, उमा, बहुदान लुटावहिं ।सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं ॥लखि अति आनन्द मंगल साजा ।देखन भी आये शनि राजा ॥ 20 ॥निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं ।बालक, देखन चाहत नाहीं ॥गिरिजा कछु मन भेद बढायो ।उत्सव मोर, न शनि तुही भायो ॥कहत लगे शनि, मन सकुचाई ।का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई ॥नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ ।शनि सों बालक देखन कहयऊ ॥पदतहिं शनि दृग कोण प्रकाशा ।बालक सिर उड़ि गयो अकाशा ॥गिरिजा गिरी विकल हवै धरणी ।सो दुःख दशा गयो नहीं वरणी ॥हाहाकार मच्यौ कैलाशा ।शनि कीन्हों लखि सुत को नाशा ॥तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो ।काटी चक्र सो गज सिर लाये ॥बालक के धड़ ऊपर धारयो ।प्राण मन्त्र पढ़ि शंकर डारयो ॥नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे ।प्रथम पूज्य बुद्धि निधि, वर दीन्हे ॥ 30 ॥बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा ।पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा ॥चले षडानन, भरमि भुलाई ।रचे बैठ तुम बुद्धि उपाई ॥चरण मातु-पितु के धर लीन्हें ।तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें ॥धनि गणेश कही शिव हिये हरषे ।नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे ॥तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई ।शेष सहसमुख सके न गाई ॥मैं मतिहीन मलीन दुखारी ।करहूं कौन विधि विनय तुम्हारी ॥भजत रामसुन्दर प्रभुदासा ।जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा ॥अब प्रभु दया दीना पर कीजै ।अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै ॥ 38 ॥॥ दोहा ॥श्री गणेश यह चालीसा,पाठ करै कर ध्यान ।नित नव मंगल गृह बसै,लहे जगत सन्मान ॥सम्बन्ध अपने सहस्त्र दश,ऋषि पंचमी दिनेश ।पूरण चालीसा भयो,मंगल मूर्ती गणेश ॥
SEPT 19, 2023 12:38 IST

Ganesh Chaturthi Song: गणेश चतुर्थी के गीत

प्रथम तुला वंदितो कृपाडा ,
गजानना गणराया...
विघ्न विनाशक गुणिजन पालक
दुरित तिमिर हारका
सुख कारक तू दुःख विदारक
तूच तुझा सारखा
वक्रतुंड ब्रम्हांडनायका
विनायका प्रभुराया


सिद्धि विनायक तूच अनंता
शिवात्म्जा मंगला
सिन्दुरवदना विध्याधिशा
गणाधिपा वत्सला
तूच ईश्वरा साह्य करावे
हा भव सिन्धु तरया

गज वदना तव रूप मनोहर
शुक्लाम्बर शिव सुता
चिंतामणि तू अष्टविनायक
सक्लांची देवता
रिद्धिसिद्धि चा वरा दयाडा
देई कृपे ची छाया
SEPT 19, 2023 11:59 IST

Ganesh Chaturthi 2023 Vrat Katha In Hindi: गणेश चतुर्थी व्रत कथा

गणेश चतुर्थी की कथा के अनुसार, एक बार माता पार्वती ने स्नान के लिए जाने से पूर्व अपने शरीर के मैल से एक बालक को उत्पन्न किया जिसे उन्होंने गणेश नाम दिया। फिर पार्वतीजी ने उस बालक को आदेश दिया कि वह किसी को भी अंदर न आने दे। ऐसा कहकर पार्वती जी स्नान के लिए चली गई। जब भगवान शिव वहां आए ,तो बालक ने उन्हें भी अंदर जाने से रोक दिया। शिवजी ने गणेशजी को बहुत समझाया, कि पार्वती मेरी पत्नी है। पर गणेशजी नहीं माने और उन्हें लगातार अंदर जाने से रोकते रहें। तब शिवजी को बहुत गुस्सा आया और उन्होंने अपने त्रिशूल से गणेशजी की गर्दन काट दी। जब पार्वतीजी ने ये देखा तो वो जोर-जोर से विलाप करने लगीं। तब पार्वती जी ने गुस्से में रौद्र रूप धारण कर लिया और भगवान शिव से उनके पुत्र को जीवित करने की बात कही। शिवजी ने पार्वती जी को मनाने की बहुत कोशिश की लेकिन पार्वती जी नहीं मानी। तब शिवजी ने अपने गरुड़ से कहा कि किसी ऐसे बच्चे का सिर लेकर आये जिसकी मां अपने बच्चे की तरफ पीठ करके सो रही हो। बहुत खोजने पर एक हथिनी मिली जो कि अपने बच्चे की तरफ पीठ करके सो रही थी। गरुड़ जी ने तुरंत उस बच्चे का सिर लिया और शिवजी के पास आ गये। शिवजी ने वह सिर भगवान गणेश जी के लगा दिया जिससे गणपति बप्पा को जीव दान मिला। साथ ही गणेश जी को ये वरदान भी दिया कि आज से कही भी कोई भी पूजा होगी उसमें गणेशजी की पूजा सर्वप्रथम होगी ।
SEPT 19, 2023 11:24 IST

Ganesh Chatruthi Aarti: गणेश चतुर्थी आरती

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥

एक दंत दयावंत,
चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे,
मूसे की सवारी ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥

पान चढ़े फल चढ़े,
और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे,
संत करें सेवा ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥

अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत,
निर्धन को माया ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥

'सूर' श्याम शरण आए,
सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥

दीनन की लाज रखो,
शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो,
जाऊं बलिहारी ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
SEPT 19, 2023 11:05 IST

Ganesh Chatruthi 2023: गणेश चतुर्थी मंत्र

गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश के इस मंत्र का करें जाप हर बाधा से मिलेगी मुक्ति- ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट ||
SEPT 19, 2023 09:50 IST

Ganesh Chaturthi 2023 Fast Food: गणेश चतुर्थी व्रत में क्या खाएं

आप व्रत में सिर्फ साबूदाना या आलू का हलवा खाएं। कुट्टू के आटे की रोटी या पराठा लौकी की सब्ज़ी भी खा सकते हैं। इसके अलावा फल, ड्राई फ्रूट्स या मखाने भी खा सकते हैं।
SEPT 19, 2023 09:13 IST

Ganesh Ji Mantra: गणेश जी मूल मंत्र

गणेश चतुर्थी पर पूजा के लिए 'ऊँ गं गणपतये नमः' इस मंत्र का जरूर करें जाप।
SEPT 19, 2023 09:04 IST

Ganesh Chalisa With Lyrics In Hindi​​

॥ दोहा ॥
जय गणपति सदगुण सदन,
कविवर बदन कृपाल ।
विघ्न हरण मंगल करण,
जय जय गिरिजालाल ॥

॥ चौपाई ॥
जय जय जय गणपति गणराजू ।
मंगल भरण करण शुभः काजू ॥

जै गजबदन सदन सुखदाता ।
विश्व विनायका बुद्धि विधाता ॥

वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना ।
तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन ॥

राजत मणि मुक्तन उर माला ।
स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला ॥

पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं ।
मोदक भोग सुगन्धित फूलं ॥

सुन्दर पीताम्बर तन साजित ।
चरण पादुका मुनि मन राजित ॥

धनि शिव सुवन षडानन भ्राता ।
गौरी लालन विश्व-विख्याता ॥

ऋद्धि-सिद्धि तव चंवर सुधारे ।
मुषक वाहन सोहत द्वारे ॥

कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी ।
अति शुची पावन मंगलकारी ॥

एक समय गिरिराज कुमारी ।
पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी ॥ 10 ॥

भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा ।
तब पहुंच्यो तुम धरी द्विज रूपा ॥

अतिथि जानी के गौरी सुखारी ।
बहुविधि सेवा करी तुम्हारी ॥

अति प्रसन्न हवै तुम वर दीन्हा ।
मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा ॥

मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला ।
बिना गर्भ धारण यहि काला ॥

गणनायक गुण ज्ञान निधाना ।
पूजित प्रथम रूप भगवाना ॥

अस कही अन्तर्धान रूप हवै ।
पालना पर बालक स्वरूप हवै ॥

बनि शिशु रुदन जबहिं तुम ठाना ।
लखि मुख सुख नहिं गौरी समाना ॥

सकल मगन, सुखमंगल गावहिं ।
नाभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं ॥

शम्भु, उमा, बहुदान लुटावहिं ।
सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं ॥

लखि अति आनन्द मंगल साजा ।
देखन भी आये शनि राजा ॥ 20 ॥

निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं ।
बालक, देखन चाहत नाहीं ॥

गिरिजा कछु मन भेद बढायो ।
उत्सव मोर, न शनि तुही भायो ॥

कहत लगे शनि, मन सकुचाई ।
का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई ॥

नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ ।
शनि सों बालक देखन कहयऊ ॥

पदतहिं शनि दृग कोण प्रकाशा ।
बालक सिर उड़ि गयो अकाशा ॥

गिरिजा गिरी विकल हवै धरणी ।
सो दुःख दशा गयो नहीं वरणी ॥

हाहाकार मच्यौ कैलाशा ।
शनि कीन्हों लखि सुत को नाशा ॥

तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो ।
काटी चक्र सो गज सिर लाये ॥

बालक के धड़ ऊपर धारयो ।
प्राण मन्त्र पढ़ि शंकर डारयो ॥

नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे ।
प्रथम पूज्य बुद्धि निधि, वर दीन्हे ॥ 30 ॥

बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा ।
पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा ॥

चले षडानन, भरमि भुलाई ।
रचे बैठ तुम बुद्धि उपाई ॥

चरण मातु-पितु के धर लीन्हें ।
तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें ॥

धनि गणेश कही शिव हिये हरषे ।
नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे ॥

तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई ।
शेष सहसमुख सके न गाई ॥

मैं मतिहीन मलीन दुखारी ।
करहूं कौन विधि विनय तुम्हारी ॥

भजत रामसुन्दर प्रभुदासा ।
जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा ॥

अब प्रभु दया दीना पर कीजै ।
अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै ॥ 38 ॥

॥ दोहा ॥
श्री गणेश यह चालीसा,
पाठ करै कर ध्यान ।
नित नव मंगल गृह बसै,
लहे जगत सन्मान ॥

सम्बन्ध अपने सहस्त्र दश,
ऋषि पंचमी दिनेश ।
पूरण चालीसा भयो,
मंगल मूर्ती गणेश ॥
SEPT 19, 2023 08:22 IST

गणेश पूजन सामग्री लिस्ट इन हिंदी (Ganesh Chaturthi Puja Samagri)

रोली
कलश
गंगा जल
जनेऊ
चाँदी का वर्क माला
पांच प्रकार का फल
मोदक या लड्डू
श्री गणेश जी के पूजन के लिए गणपति प्रतिमा या गणेश प्रतिमा
लकड़ी की चौकी
चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपड़ा
भोग के लिए पंचामृत
लाल चंदन
इत्र
लौंग
सुपारी
इलायची
गुड
नारियल
खड़ा धन
दूब/दूर्वा
हरे मूंग
पंचमेवा
घी का दीपक
धूप अगरबत्ती
कपूर
SEPT 19, 2023 07:56 IST

Om Vakratunda Mahakaya shloka Lyrics in hindi, वक्रतुंड महाकाय मंत्र हिंदी अर्थ के साथ

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
SEPT 19, 2023 07:41 IST

Lalbaugcha Raja 2023 Live Darshan | लालबागचा राजा 2023 लाइव दर्शन

SEPT 19, 2023 07:40 IST

ganesh aarti sindoor lal chadhayo lyrics

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको
दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरि हरको
हाथ लिए गुडलडू सांई सुरवरको
महिमा कहे न जाये लागत हूं पदको
जय जय जी गणराज विद्या सुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता
जय देव जय देव
अष्टौ सिद्धि दासी संकटको बैरि
विघ्नविनाशक मंगल मूरत अधिकारी
कोटीसूरजप्रकाश ऐसी छबि तेरी
गंडस्थलमदमस्तक झूले शशिबिहारि
जय जय जी गणराज विद्या सुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता
जय देव जय देव
भावभगत से कोई शरणागत आवे
संतत संपत सबही भरपूर पावे
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे
गोसावीनंदन निशिदिन गुन गावे
शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको
दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरि हरको
हाथ लिए गुडलडू सांई सुरवरको
महिमा कहे न जाये लागत हूं पदको
जय जय जी गणराज विद्या सुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता
जय देव जय देव
जय जय जी गणराज विद्या सुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता
जय देव जय देव
जय जय जी गणराज विद्या सुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता
जय देव जय देव
SEPT 19, 2023 06:56 IST

Ganesh Chaturthi Vrat Katha (गणेश चतुर्थी व्रत कथा)

गणेश चतुर्थी की कथा के अनुसार, एक बार माता पार्वती ने स्नान के लिए जाने से पूर्व अपने शरीर के मैल से एक बालक को उत्पन्न किया जिसे उन्होंने गणेश नाम दिया। फिर पार्वतीजी ने उस बालक को आदेश दिया कि वह किसी को भी अंदर न आने दे। ऐसा कहकर पार्वती जी स्नान के लिए चली गई। जब भगवान शिव वहां आए ,तो बालक ने उन्हें भी अंदर जाने से रोक दिया। शिवजी ने गणेशजी को बहुत समझाया, कि पार्वती मेरी पत्नी है। पर गणेशजी नहीं माने और उन्हें लगातार अंदर जाने से रोकते रहें। तब शिवजी को बहुत गुस्सा आया और उन्होंने अपने त्रिशूल से गणेशजी की गर्दन काट दी।जब पार्वतीजी ने ये देखा तो वो जोर-जोर से विलाप करने लगीं। तब पार्वती जी ने गुस्से में रौद्र रूप धारण कर लिया और भगवान शिव से उनके पुत्र को जीवित करने की बात कही। शिवजी ने पार्वती जी को मनाने की बहुत कोशिश की लेकिन पार्वती जी नहीं मानी। तब शिवजी ने अपने गरुड़ से कहा कि किसी ऐसे बच्चे का सिर लेकर आये जिसकी मां अपने बच्चे की तरफ पीठ करके सो रही हो। बहुत खोजने पर एक हथिनी मिली जो कि अपने बच्चे की तरफ पीठ करके सो रही थी। गरुड़ जी ने तुरंत उस बच्चे का सिर लिया और शिवजी के पास आ गये। शिवजी ने वह सिर भगवान गणेश जी के लगा दिया जिससे गणपति बप्पा को जीव दान मिला। साथ ही गणेश जी को ये वरदान भी दिया कि आज से कही भी कोई भी पूजा होगी उसमें गणेशजी की पूजा सर्वप्रथम होगी ।
SEPT 19, 2023 06:38 IST

गणेश स्थापना पूजा विधि ( Ganesh Sthapna Puja Vidhi)

चतुर्थी के दिन विघ्नहर्ता को धूमधाम और ढोल-नगाड़े के साथ घर ले जाना चाहिए। मूर्ति स्थापित करने के लिए सुबह स्नान के बाद एक सुंदर चौकी पर भगवान गणेश के मंत्र का जाप करते हुए पीला कपड़ा बिछाएं। उस पर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें। भगवान गणपति का मुख उत्तर दिशा की ओर रखें। फिर गणपति को सुंदर वस्त्र, आभूषण, कलावा, अक्षत, फूल, माला, मुकुट आदि से सजाएं। लाल चंदन से भगवान का तिलक करें। बूंदी के लड्डू या मोदक के साथ पंचामृत, पांच फल और पंचमेवा का भोग लगाएं। उसके बाद आरती की थाल सजाकर गणपति बप्पा की आरती करें।
SEPT 19, 2023 06:37 IST

Ganesh Murti Sthapana Niyam: गणेश स्थापना करने के नियम

  • गणपति जी की पीठ मत दिखाएं। मुख्य दरवाजे के सामने व उसके ठीक पीछे उसी आकार की गणपति मूर्ति हो।
  • गणेश जी की 03 मूर्ति ना लाएं।
  • गणेश जी की खड़ी मूर्ति को घर में ना स्थापित करें।
  • गणेश जी का सूंड बाएं हो या दाहिने हो। यह बहुत विचारणीय प्रश्न है।किसी भी तरफ हो हर तरफ शुभ होता है।
  • पन्ना से बनी गणपति मूर्ति बहुत शुभ है।
  • गणेश जी को प्रतिदिन लड्ड़ू का भोग लगाएं।
  • गणेश जी को बुधवार को दूर्वा अर्पित करें।
  • पूजा घर में गणेश जी का कैलेंडर मत हो।
  • गणपति मूर्ति यदि प्राण प्रतिष्ठित है तो नित्य पूजा व भोग आवश्यक है।
  • गणेश जी की प्रतिमा के सामने बैठकर भागवत का पाठ करने से अनन्त पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • कलयुग केवल नाम अधारा।भगवान गणेश जी के नाम का जप करें।उससे हर कार्य सम्पन्न हो जाएगा।
  • गणपति मूर्ति के सम्मुख कभी भी पैर करके या उनसे ऊंचे आसन पर मत बैठें।
  • जो बालक पढ़ने में कमजोर हो।वह मेहनत से पढ़ाई भी करे साथ में घर के मंदिर में गणपति मूर्ति के सम्मुख प्रतिदन दूर्वा अर्पित करें।
SEPT 19, 2023 06:08 IST

Ganhes Chaturthi Sthapana Muhurat: गणेश चतुर्थी स्थापना मुहूर्त

गणेश पूजन के लिए मध्याह्न मुहूर्त : 11:01:23 से 13:28:15 तक
अवधि : 2 घंटे 26 मिनट
SEPT 18, 2023 23:00 IST

Ganesh Chaturthi Puja Samagri: गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री

गणेश जी की मूर्तिपूजा के लिए चौकीलाल या पीला कपड़ा कलशगंगाजलकुमकुमहल्दीमौलीअक्षतसुपारीलौंगइलाइचीपानदूर्वापंचामृतआम के पत्तेसिंदूरलाल फूलजनेऊनारियल घीकपूर चंदनमोदक या बेसन के लड्‌डू सुपारीपंचमेवाधूप
SEPT 18, 2023 22:44 IST

Ganesh Chaturthi 2023 Chaughadiya Muhurat: गणेश चतुर्थी 2023 स्थापना के लिए चौघड़िया मुहूर्त

चर (सामान्य) - सुबह 09.11 - सुबह 10.43लाभ (उन्नति) - सुबह 10.43 - दोपहर 12.15अमृत (सर्वोत्तम) - दोपहर 12.15 - दोपहर 01.37
SEPT 18, 2023 22:13 IST

Ganpati Sthapana 2023 Muhurat: गणेश स्थापना मुहूर्त

गणेश जी स्थापना मुहूर्त - सुबह 11.01 - दोपहर 01.28 (अवधि - 2.27 मिनट)वर्जित चंद्रदर्शन समय - सुबह 09.45 - रात 08.44
SEPT 18, 2023 21:52 IST

Ganesh Chaturthi 2023 Decoration : गणेश चतुर्थी डेकोरेशन