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Shardiya Navratri Durga Mata Ji Ki Aarti Live: जय अम्बे गौरी, मैय्या जय श्यामा गौरी आरती, नवरात्र के पहले दिन की पूजा में कौन सी आरती करें, देखें मां दुर्गा की आरती लिखित

Durga Mata ki Aarti Lyrics (जय अम्बे गौरी, मैय्या जय श्यामा गौरी आरती) Jai Ambe Gauri Maiya Jai Ambe Gauri, Bhagwati ki aarti Likhit Mein LIVE Updates: शारदीय नवरात्र साल में दो बार आने वाले नवरात्रों में सबसे प्रमुख माने जाते हैं। माना जाता है कि इस समय मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना, व्रत और भक्ति से शक्ति, समृद्धि और शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भक्तजन सुबह-शाम मां की आरती, मंत्र और स्तुति करते हैं। यहां देखें मां दुर्गा की आरती और मंत्र। जानें आरती करने नियम।
Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: शारदीय नवरात्र पर मां दुर्गा की आरती, मंत्र
Durga Mata ki Aarti Lyrics (जय अम्बे गौरी, मैय्या जय श्यामा गौरी आरती) Jai Ambe Gauri Maiya Jai Ambe Gauri LIVE Updates: नवरात्र की पूजा में मां दुर्गा की आरती और मंत्र का बहुत महत्व माना जाता है। सुबह और शाम की पूजा में मां दुर्गा की आरती गाई जाती है। मान्यता है कि नवरात्र में मां दुर्गा की आरती और मंत्र जाप से मानसिक शांति मिलती है। घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। साथ ही जीवन में साहस और आत्मबल की वृद्धि होती है। यहां हम आपके लिए नवरात्र में मां दुर्गा की आरती और मंत्र के लिरिक्स लेकर आए हैं।

मां दुर्गा की आरती लिखित में

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिव री।।
जय अम्बे गौरी,...।
मांग सिंदूर बिराजत, टीको मृगमद को।
उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रबदन नीको।।
जय अम्बे गौरी,...।
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै।।
जय अम्बे गौरी,...।
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी।
सुर-नर मुनिजन सेवत, तिनके दुःखहारी।।
जय अम्बे गौरी,...।
कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चंद्र दिवाकर, राजत समज्योति।।
जय अम्बे गौरी,...।
शुम्भ निशुम्भ बिडारे, महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती।।
जय अम्बे गौरी,...।
चण्ड-मुण्ड संहारे, शौणित बीज हरे।
मधु कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।
जय अम्बे गौरी,...।
ब्रह्माणी, रुद्राणी, तुम कमला रानी।
आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी।।
जय अम्बे गौरी,...।
चौंसठ योगिनि मंगल गावैं, नृत्य करत भैरू।
बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू।।
जय अम्बे गौरी,...।
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।
भक्तन की दुःख हरता, सुख सम्पत्ति करता।।
जय अम्बे गौरी,...।
भुजा चार अति शोभित, खड्ग खप्परधारी।
मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी।।
जय अम्बे गौरी,...।
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
श्री मालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति।।
जय अम्बे गौरी,...।
अम्बेजी की आरती जो कोई नर गावै।
कहत शिवानंद स्वामी, सुख-सम्पत्ति पावै।।
जय अम्बे गौरी,...।

मां दुर्गा के प्रमुख मंत्र

दुर्गा बीज मंत्र

ॐ दुं दुर्गायै नमः
इस मंत्र के जप से भय, रोग और शत्रु बाधाएं दूर होती हैं।

मां दुर्गा का शक्ति प्राप्ति के लिए मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
यह मंत्र देवी की सर्वव्यापक शक्ति का स्मरण कराता है।

मां दुर्गा का कष्ट निवारण मंत्र

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते॥
इस मंत्र का जाप जीवन की कठिनाइयों को कम करता है।


भय-नाश के लिये -

सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते।
भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥

एतत्ते वदनं सौम्यं लोचनत्रयभूषितम्।
पातु नः सर्वभीतिभ्यः कात्यायनि नमोऽस्तु ते॥

ज्वालाकरालमत्युग्रमशेषासुरसूदनम्।
त्रिशूलं पातु नो भीतेर्भद्रकालि नमोऽस्तु ते॥
Sep 22, 2025 | 06:23 PM IST

Maa Shailputri photo

Sep 22, 2025 | 06:03 PM IST

त्रिपुर सुंदरी की मान्यता

पुरा सुंदरी मंदिर, जिसे स्थानीय रूप से देवी त्रिपुरीश्वरी के नाम से जाना जाता है, 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां की दिव्यता, तांत्रिक साधना और भक्ति की शक्ति भक्तों को आत्मिक शांति देती है। 22 सितम्बर 2025 को पीएम मोदी ने इसके पुनर्विकसित स्वरूप का उद्घाटन किया।
Sep 22, 2025 | 05:43 PM IST

मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की

मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की ।मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की ।जय जय संतोषी माता जय जय माँ॥जय जय संतोषी माता जय जय माँजय जय संतोषी माता जय जय माँबड़ी ममता है बड़ा प्यार माँ की आँखों मे।माँ की आँखों मे।बड़ी करुणा माया दुलार माँ की आँखों मे।माँ की आँखों मे।क्यूँ ना देखूँ मैं बारम्बार माँ की आँखों मे।माँ की आँखों मे।दिखे हर घड़ी नया चमत्कार आँखों मे।माँ की आँखों मे।नृत्य करो झूम झूम, छम छमा छम झूम झूम,झांकी निहारो रे॥मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की।मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की।जय जय संतोषी माता जय जय माँ॥जय जय संतोषी माता जय जय माँजय जय संतोषी माता जय जय माँसदा होती है जय जय कार माँ के मंदिर मे।माँ के मंदिर मे।नित्त झांझर की होवे झंकार माँ के मंदिर मे।माँ के मंदिर मे।सदा मंजीरे करते पुकार माँ के मंदिर मे।माँ के मंदिर मे।वरदान के भरे हैं भंडार, माँ के मंदिर मे।माँ के मंदिर मे।दीप धरो धूप करूँ, प्रेम सहित भक्ति करूँ,जीवन सुधारो रे॥मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की।मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की।जय जय संतोषी माता जय जय माँ॥जय जय संतोषी माता जय जय माँजय जय संतोषी माता जय जय माँ
Sep 22, 2025 | 05:41 PM IST

आरती के साथ पढ़े माँ भगवती की स्तुति

त्वमेवसर्वजननी मूलप्रकृतिरीश्वरी। त्वमेवाद्या सृष्टिविधौ स्वेच्छया त्रिगुणात्मिका॥

कार्यार्थे सगुणा त्वं च वस्तुतो निर्गुणा स्वयम्। परब्रह्मस्वरूपा त्वं सत्या नित्या सनातनी॥

तेज:स्वरूपा परमा भक्त अनुग्रहविग्रहा। सर्वस्वरूपा सर्वेशा सर्वाधारा परात्परा॥

सर्वबीजस्वरूपा च सर्वपूज्या निराश्रया। सर्वज्ञा सर्वतोभद्रा सर्वमङ्गलमङ्गला॥

सर्वबुद्धिस्वरूपा च सर्वशक्ति स्वरूपिणी। सर्वज्ञानप्रदा देवी सर्वज्ञा सर्वभाविनी।

त्वं स्वाहा देवदाने च पितृदाने स्वधा स्वयम्। दक्षिणा सर्वदाने च सर्वशक्ति स्वरूपिणी।

निद्रा त्वं च दया त्वं च तृष्णा त्वं चात्मन: प्रिया। क्षुत्क्षान्ति: शान्तिरीशा च कान्ति: सृष्टिश्च शाश्वती॥

श्रद्धा पुष्टिश्च तन्द्रा च लज्जा शोभा दया तथा। सतां सम्पत्स्वरूपा श्रीर्विपत्तिरसतामिह॥

प्रीतिरूपा पुण्यवतां पापिनां कलहाङ्कुरा। शश्वत्कर्ममयी शक्ति : सर्वदा सर्वजीविनाम्॥

देवेभ्य: स्वपदो दात्री धातुर्धात्री कृपामयी। हिताय सर्वदेवानां सर्वासुरविनाशिनी॥

योगनिद्रा योगरूपा योगदात्री च योगिनाम्। सिद्धिस्वरूपा सिद्धानां सिद्धिदाता सिद्धियोगिनी॥

माहेश्वरी च ब्रह्माणी विष्णुमाया च वैष्णवी। भद्रदा भद्रकाली च सर्वलोकभयंकरी॥

ग्रामे ग्रामे ग्रामदेवी गृहदेवी गृहे गृहे। सतां कीर्ति: प्रतिष्ठा च निन्दा त्वमसतां सदा॥

महायुद्धे महामारी दुष्टसंहाररूपिणी। रक्षास्वरूपा शिष्टानां मातेव हितकारिणी॥

वन्द्या पूज्या स्तुता त्वं च ब्रह्मादीनां च सर्वदा। ब्राह्मण्यरूपा विप्राणां तपस्या च तपस्विनाम्॥

विद्या विद्यावतां त्वं च बुद्धिर्बुद्धिमतां सताम्। मेधास्मृतिस्वरूपा च प्रतिभा प्रतिभावताम्॥

राज्ञां प्रतापरूपा च विशां वाणिज्यरूपिणी। सृष्टौ सृष्टिस्वरूपा त्वं रक्षारूपा च पालने॥

तथान्ते त्वं महामारी विश्वस्य विश्वपूजिते। कालरात्रिर्महारात्रिर्मोहरात्रिश्च मोहिनी॥

दुरत्यया मे माया त्वंयया सम्मोहितं जगत्। ययामुग्धो हि विद्वांश्च मोक्षमार्ग न पश्यति॥

इत्यात्मना कृतं स्तोत्रं दुर्गाया दुर्गनाशनम्। पूजाकाले पठेद् यो हि सिद्धिर्भवति वांछिता॥

वन्ध्या च काकवन्ध्या च मृतवत्सा च दुर्भगा। श्रुत्वा स्तोत्रं वर्षमेकं सुपुत्रं लभते ध्रुवम्॥

कारागारे महाघोरे यो बद्धो दृढबन्धने। श्रुत्वा स्तोत्रं मासमेकं बन्धनान्मुच्यते ध्रुवम्॥

यक्ष्मग्रस्तो गलत्कुष्ठी महाशूली महाज्वरी। श्रुत्वा स्तोत्रं वर्षमेकं सद्यो रोगात् प्रमुच्यते॥

पुत्रभेदे प्रजाभेदे पत्‍‌नीभेदे च दुर्गत:। श्रुत्वा स्तोत्रं मासमेकं लभते नात्र संशय:॥

राजद्वारे श्मशाने च महारण्ये रणस्थले। हिंस्त्रजन्तुसमीपे च श्रुत्वा स्तोत्रं प्रमुच्यते॥

गृहदाहे च दावागनै दस्युसैन्यसमन्विते। स्तोत्रश्रवणमात्रेण लभते नात्र संशय:॥

महादरिद्रो मूर्खश्च वर्ष स्तोत्रं पठेत्तु य:। विद्यावान धनवांश्चैव स भवेन्नात्र संशय:॥

Sep 22, 2025
12:48 PM (IST)
Sep 22, 2025 | 04:32 PM IST

आज क्या है

आज शारदीय नवरात्र 2025 का पहला दिन है। आज मां शैलपुत्री की पूजा हो रही है।
Sep 22, 2025 | 12:20 PM IST

मां शैलपुत्री की आरती

शैलपुत्री मां बैल पर सवार।
करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रिय भवानी।
तेरी महिमा किसी ने ना जानी।
पार्वती तू उमा कहलावे।
जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू।
दया करे धनवान करे तू।
सोमवार को शिव संग प्यारी।
आरती तेरी जिसने उतारी।
उसकी सगरी आस पुजा दो।
सगरे दुख तकलीफ मिला दो।
घी का सुंदर दीप जला के।
गोला गरी का भोग लगा के।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं।
प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।
जय गिरिराज किशोरी अंबे।
शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।
मनोकामना पूर्ण कर दो।
भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।
जय मां शैलपुत्री की, जय माता दी
वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
Sep 22, 2025 | 12:07 PM IST

मंदिरों से मां ने टेलीफोन किया है भजन लिरिक्स हिंदी में



हेलो कौन मेरी माँ..
जय हो....

मंदिरों से माँ ने टेलीफोन किया है,
सुन ले अपने पराये मेरे द्वार वो ही आये,
जिसने जीवन ही मुझको सौंप दिया है,
मंदिरों से माँ ने टेलीफोन किया है॥

मांगने मुरादे तो आते सभी है,
आप रो के मुझको रुलाते सभी है,
भला अपना चाहते है भला नही करते,
सबको डराते है मुझसे नहीं डरते,
पूजा मेरी करने तो सुबह शाम आते,
लेकिन मेरे बन्दों के नही काम आते,
सुखी होना चाहते है दुःख देके सबको,
सन्मुख रखते है अपने मतलब को,
मेरी अखियों का तारा, मेरी अखियों का तारा,
मुझे जान से भी प्यारा, मुझे जान से भी प्यारा,
ओ मेरी अखियों का तारा,
मुझे जान से भी प्यारा,
जिसने हाथ किसी पे बस का थाम लिया है,
मंदिरों से माँ ने टेलीफोन किया है......

मैं तो खुद दाती हूँ मुझको क्या दोगे,
देने के बहाने तुम तो और मांग लोगे,
चढ़ावे तुम्हारे ये मैं क्या करुँगी,
मैं तो सच्ची श्रद्धा के दो फूल लूंगी,
फैक्ट्री नही चाहिये मुझे मिल नही चाहिये,
मुझको दिखावे का दिल नही चाहिये,
अंदर बाहर क्या है सब जानती हूँ,
रग रग ही सबकी मैं पहचानती हूँ,
मेरे पास जो भी आये मेरे पास जो भी आये,
ओ मुझे सच सच बताये मुझे सच सच बताये,
ओ मेरे पास जो भी आये,
मुझे सच सच बताये,
कितने मजबूरो का उसने खून पिया है,
मंदिरों से माँ ने टेलीफोन किया है,
टेलीफोन किया है मंदिरों से माता शेरावाली ने,
टेलीफोन किया है.....
Sep 22, 2025 | 11:37 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: दुर्गा सप्तशती अर्गला स्तोत्र का मंत्र


ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणी नमोऽस्तुते॥
यह मंत्र मां की कृपा पाने और समस्त कार्यों में सफलता के लिए श्रेष्ठ है।
Sep 22, 2025 | 11:20 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: आरती के समय शुद्ध भाव रखें


आरती केवल शब्दों से नहीं, बल्कि सच्चे श्रद्धा और भावना से करनी चाहिए।
Sep 22, 2025 | 10:47 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata Ji Ki Aarti Live: नवरात्र में आरती के नियम

नवरात्र में आरती रोजाना नियत समय पर करनी चाहिए। अगर सुबह या शाम का सही समय न मिल पाए, तो कम से कम संध्या (शाम) में आरती अवश्य करें। नवरात्रि के दिनों में अखंड ज्योति (लगातार जलता दीपक) रखने पर सुबह-शाम आरती विशेष फलदायी होती है।
Sep 22, 2025 | 10:30 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata Ji Ki Aarti Live: मां की आरती करते समय कैसे वस्त्र नहीं पहनने चाहिए

मां की आरती में काले, भूरे या बहुत गहरे शोक के प्रतीक आदि रंग के कपड़े न पहनें। ये शुभ नहीं होते। इसके अलावाफटे-पुराने या गंदे वस्त्र बिल्कुल न पहनें।
Sep 22, 2025 | 10:12 AM IST

मां की आरती करते समय किस रंग के वस्त्र पहनें

नवरात्र में मां की आरती करते समय लाल रंग, पीला या केसरिया रंग, सफेद रंग, हरे या गुलाबी रंग के वस्त्र शुभ रहते हैं। ये रंग मां के प्रिय भी माने जाते हैं।
Sep 22, 2025 | 10:01 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata Ji Ki Aarti Live: माता रानी की आरती कैसे करें

मां दुर्गा की आरती के समय दीपक को दाहिने हाथ में लेकर मां दुर्गा की मूर्ति के सामने घुमाएं। पहले घड़ी की दिशा में (clockwise) दीपक घुमाना चाहिए। आरती गाते समय मन और वाणी दोनों से मां का स्मरण करें।
Sep 22, 2025 | 09:53 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata Ji Ki Aarti Live: नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की शुभकामनाएं

मां शैलपुत्री के चरणों में नमन, आपके जीवन में सुख-समृद्धि और मंगल का आगमन।
नवरात्रि के प्रथम दिन की हार्दिक शुभकामनाएं!
Sep 22, 2025 | 09:43 AM IST

Mata Rani ka Photo

Sep 22, 2025 | 09:38 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: आरती के समय ये ना करें


नवरात्रि के हर दिन माँ के एक विशेष रूप की आरती करें। आरती के समय मोबाइल या अन्य ध्यान भटकाने वाले साधनों से दूर रहें।
Sep 22, 2025 | 09:21 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: शारदीय नवरात्र पर जपें ये मंत्र


शिवशक्ति मंत्र- ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः
यह मंत्र शिव और शक्ति दोनों की कृपा प्राप्त करने के लिए है।
Sep 22, 2025 | 09:07 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: जय अम्बे गौरी आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

चन्द्रमौलि विराजत, टीका मृगमद को,
उज्ज्वल से दो नैना, चन्द्रवदन नीको॥
जय अम्बे गौरी...

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै,
रक्तपुष्प गलमाला, कण्ठ सोहै साजै॥
जय अम्बे गौरी...

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी,
सुर-नर मुनि जन सेवत, तिनके दुःख हारी॥

जय अम्बे गौरी...

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्र मोती,
कोटिक चंद्र दिवाकर, राजत सम ज्योती॥
जय अम्बे गौरी...

शुम्भ निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती,
धूम्रविलोकन नैना, निशिदिन मदमाती॥
जय अम्बे गौरी...

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे,
मधु-कैटभ दोऊ मारे, सुर भय हीन करे॥
जय अम्बे गौरी...

ब्रह्माणी, रुद्राणी, तुम कमला रानी,
आगम निगम बखानी, तुम शिव पत्नी॥
जय अम्बे गौरी...

चौंसठ योगिनी मंगल गावत,
नृत्य करत भैरव।
बाजत ताल मृदंग धुन, बाजत डमरू॥
जय अम्बे गौरी...

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भवानी,
भक्त जनों की पीड़ा, तुम ही दूर करती॥
जय अम्बे गौरी...
Sep 22, 2025 | 08:56 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: आज आरती कब करें


नवरात्र में सुबह और शाम दोनों समय आरती करना श्रेष्ठ माना जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि में नौ दिन प्रतिदिन आरती करने से विशेष पुण्य मिलता है।
Sep 22, 2025 | 08:42 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: दुर्गा सप्तशती अर्गला स्तोत्र का मंत्र


ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणी नमोऽस्तुते॥
यह मंत्र मां की कृपा पाने और समस्त कार्यों में सफलता के लिए श्रेष्ठ है।
Sep 22, 2025 | 08:26 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: आरती के समय शुद्ध भाव रखें


आरती केवल शब्दों से नहीं, बल्कि सच्चे श्रद्धा और भावना से करनी चाहिए।
Sep 22, 2025 | 08:15 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: दुर्गा रक्षा मंत्र (दुर्गा कवच से)


ॐ दुर्गे दुर्गति नाशिनी त्वं नमामि
संकट और बाधाओं से रक्षा हेतु प्रतिदिन सुबह जपें।
Sep 22, 2025 | 08:01 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: दीपक सही दिशा में रखें


घी या तेल का दीपक पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें। यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।
Sep 22, 2025 | 07:49 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: जप विधि सुझाव


मंत्र जप सुबह सूर्योदय से पहले या संध्या समय करें। साफ-सुथरे स्थान पर आसन लगाकर बैठें। कम से कम 11, 21, या 108 बार मंत्र का जप करें (माला से करें तो बेहतर)
Sep 22, 2025 | 07:34 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: ध्यान देने योग्य बात



आरती से पहले पूजा स्थल और अपने आप को अच्छे से साफ करें। स्वच्छता से मां की कृपा शीघ्र मिलती है।
Sep 22, 2025 | 07:26 AM IST

मां शैलपुत्री मंत्र



ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः
मां शैलपुत्री के ध्यान और शक्ति प्राप्ति के लिए।
Sep 22, 2025 | 07:19 AM IST

दुर्गा बीज मंत्र



ॐ दुं दुर्गायै नमः
यह मंत्र माँ दुर्गा के बीज मंत्रों में से एक है। नवरात्रि में इसका जप करने से भय, रोग और संकट से मुक्ति मिलती है।
Sep 22, 2025 | 07:14 AM IST

मंत्र का जाप अवश्य करें

नवरात्र में सुबह-शाम दीप प्रज्वलित कर मां दुर्गा की आरती और मंत्र का जाप अवश्य करें। इससे आपका व्रत और पूजा अधिक फलदायी होगी।
Sep 22, 2025 | 06:49 AM IST

Navratri First Day Color

आज नवरात्र का पहला दिन है। आज शैलपुत्री मां की पूजा होगी। नवरात्र के पहले दिन सफेद रंग पहना जाता है।
Sep 22, 2025 | 06:47 AM IST

ya devi sarva bhuteshu in hindi

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु श्रद्धा-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु दया-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु क्षुधा-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु छाया-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु माता-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
Sep 22, 2025 | 06:43 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata Ji Ki Aarti Live: आरती में शुद्धता का ध्यान रखें

मां दुर्गा की आरती में शुद्धता का ध्यान रखना जरूरी है। स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। फिर पूजा स्थान को साफ करें। आरती की थाली में साफ होनी चाहिए।
Sep 22, 2025 | 06:40 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: मां दुर्गा की आरती का सही समय

नवरात्र में सुबह और शाम दोनों समय आरती करना श्रेष्ठ माना जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि में नौ दिन प्रतिदिन आरती करने से विशेष पुण्य मिलता है।
Sep 22, 2025 | 06:34 AM IST

Shardiya Navratri Durga Mata JI Ki Aarti Live: करें मां दुर्गा का जाप

नवरात्र में सुबह-शाम दीप प्रज्वलित कर मां दुर्गा की आरती और मंत्र का जाप अवश्य करें। इससे आपका व्रत और पूजा अधिक फलदायी होगी।