Diwali puja in Ayodhya Time 2024: 22 जनवरी को अयोध्या में नवनिर्मित भव्य राम मंदिर में राम लला की प्रतिष्ठा का कार्यक्रम पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण होगा। देशभर में लोग अपने-अपने तरीके से इस दिन की तैयारी कर रहे हैं। इस बीच योगी सरकार इस कार्यक्रम को देशभर में ऐतिहासिक बनाने के लिए कमर कस रही है। 14 जनवरी से अयोध्या सहित राज्य भर में रामकथा, रामलीला और शास्त्रीय संगीत की पूरी श्रृंखला सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। इन योजनाओं के समानांतर, 22 जनवरी को पूरे देश में दीपोत्सव मनाने की भी योजना है और इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
22 जनवरी को मनाया जाएगा दीपोत्सव
इस उत्सव को एक उत्सव बनायें जिसमें प्रदेशवासी उत्साहपूर्वक भाग लें। यह रोशनी का त्योहार दिवाली के दौरान अयोध्या में होने वाले रोशनी के त्योहार से काफी अलग है। इस कारण से, सरियो नदी के तट पर कोई दीपक नहीं जलाया जाएगा, लेकिन लोगों को अपने सभी घरों और राज्य के सभी प्रतिष्ठित स्थानों पर दीपक जलाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ऐसे में दीपक और तेल जैसी हर चीज इस राज्य के लोगों की है, जो भगवान राम के प्रति अगाध आस्था को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दीपोत्सव की मशाल को 'राम ज्योति' नाम दिया है और योगी सरकार ने अब इस राम ज्योति को राज्य के हर घर में जलाने का फैसला किया है।
अयोध्या राम मंदिर दीवाली शुभ मुहूर्त (Ayodhya Ram Mandir Diwali Shubh Muhurat)
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा योग का शुभ मुहूर्त पौष शुक्ल कूर्म द्वादशी विक्रम संवत 2080 यानी कि सोमवार 22 जनवरी 2024 को आ रहा है। शास्त्रीय परंपराओं का पालन करते हुए मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम अभिजीत मुहूर्त में किया जाएगा। यह मुहूर्त दोपहर में 12 बजकर बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक होगा। सिर्फ 84 सेकंड के अंतराल में भव्य राम मंदिर में प्रभु श्रीराम की मूर्ति को प्राण प्रतिष्ठा दी जाएगी।
दीवाली मनाने की गई है अपील
शनिवार को लखनऊ के पर्यटन भवन में मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने कहा कि 22 जनवरी को पूरे देश में दीपोत्सव मनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश के लोग भी दीपोत्सव से प्रेरित हैं। हमारा लक्ष्य प्रदेश के सभी पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों पर दीपोत्सव का आयोजन करना है। लोगों को अपने घरों में दीपक जलाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है।
