उषा अर्घ्य के साथ हुआ छठ पर्व का समापन, जानिए व्रत के पारण का समय
छठ व्रत में मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया की उपासना की जाती है। इस दौरान व्रती महिलाएं सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं। जानिए छठ पूजा का उषा अर्घ्य समय क्या रहेगा।
चार दिवसीय छठ पर्व का 8 नवंबर 2024 को समापन हो जाएगा। इस दिन व्रती उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं। जिसे उषा अर्घ्य के नाम से जाना जाता है। उषा अर्घ्य के बाद सभी लोगों में प्रसाद बांटा जाता है। इसके बाद व्रतधारी अपना व्रत खोल लेते हैं। अब सवाल ये उठता है कि इस साल उषा अर्घ्य का समय क्या रहेगा? सूर्य कितने बजे निकलेगा? अगर आप भी इन सवालों का जवाब जानना चाहते हैं तो बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। यहां आप जानेंगे 8 नवंबर को सूर्य कितने बजे निकलेगा।
Chhath Puja Ke Gane
छठ पूजा 2024 सूर्योदय समय (Chhath Puja 2024 Sun Rise Time Tomorrow)
8 नवंबर 2024 को छठ पूजा का दूसरा अर्घ्य दिया जाएगा। इस दिन व्रतधारी उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे। पंचांग अनुसार इस दिन सूर्य निकलने का समय सुबह 6 बजकर 38 मिनट का है।
छठ पूजा उषा अर्घ्य समय 2024 (Chhath Puja Usha Arghya Time 2024)
8 नवंबर 2024 (उषा अर्घ्य समय)- 06 बजकर 38 मिनट
छठ पूजा उषा अर्घ्य विधि (Chhath Puja Usha Arghya Vidhi)
छठ पूजा के चौथे और अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। इसे ‘उषा अर्घ्य’ कहा जाता है। इस दिन सुबह-सुबह व्रतधारी नदी या जलाशय पर जाकर सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य देते हैं। फिर इसके बाद अपना व्रत खोल लेते हैं।
भगवान सूर्य को अर्घ्य देने का मंत्र (Surga Arghya Mantra)
छठ पूजा में व्रती को सूर्य को अर्घ्य देते समय इस मंत्र का उच्चारण जरूर करें...ओम ऐही सूर्यदेव सहस्त्रांशो तेजो राशि जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणार्ध्य दिवाकर:।।
छठ पूजा 2024 सूर्योदय समय शहर अनुसार (Chhath Puja 2024 Sunrise Time City Wise)
पटना (Sunrise Time Today In Patna)- 06:02 AM
दिल्ली (Sunrise Time Today In Delhi)- 06:38 AM
कोलकाता (Sunrise Time Today In Kolkata)- 05:45 AM
नोएडा (Sunrise Time Today In Noida)- 06:38 AM
मुंबई (Sunrise Time Today In Mumbai)- 06:42 AM
रांची (Sunrise Time Today In Ranchi)- 05:58 AM
लखनऊ (Sunrise Time Today In Lucknow)- 06:21 AM
बनारस (Sunrise Time Today In Banaras)- 06:10 AM
Chhath Puja Paran Time Todat: छठ पूजा 2024 पारण समय
Chhath Arag ka Time Today: छठ सूर्योदय का समय
Chhath Vrat Paran Vidhi (छठ व्रत पारण विधि)
Chhath Vrat Paran Time 2024 (छठ व्रत पारण टाइम 2024)
छठ पूजा 2024 उषा अर्घ्य समय (Chhath Puja 2024 Usha Arghya Time)
छठ पूजा 2024 सूर्योदय समय (Chhath Puja 2024 Sunrise Time)
पटना में सूर्योदय का समय (Sunrise Time Today In Patna)
आज सूर्यास्त कितने बजे होगा 2024 (Today Sunset Time In Bihar 2024)
दिल्ली अर्घ्य का समय शाम 5 बजकर 32 मिनट
मुंबई अर्घ्य का समय शाम को 6 बजकर 2 मिनट पर
पटना अर्घ्य का समय सूर्यास्त 5 बजकर 4 मिनट पर
बनारस अर्घ्य का समय शाम को 5 बजकर 13 मिनट
लखनऊ अर्घ्य का समय शाम को 5 बजकर 19 मिनट पर
गोरखपुर अर्घ्य का समय शाम को 5 बजकर 10 मिनट
प्रयागराज अर्घ्य का समय शाम को 5 बजकर 13 मिनट
धनबाद अर्घ्य का समय शाम को 5 बजकर 02 मिनट
भागलपुर अर्घ्य का समय शाम को 4 बजकर 58 मिनट
सीवान अर्घ्य का समय शाम को 5 बजकर 07 मिनट
पूर्णिया अर्घ्य का समय शाम 4 बजकर 55 मिनट
किशनगंज अर्घ्य का समय शाम 4 बजकर 52 मिनट
जमशेदपुर अर्घ्य का समय शाम 5 बजकर 4 मिनट
रांची अर्घ्य का समय शाम 5 बजकर 7 मिनट
कोलकाता अर्घ्य का समय शाम 5 बजकर 1 मिनट
गाजियाबाद अर्घ्य का समय शाम 5 बजकर 2 मिनट
मेरठ अर्घ्य का समय शाम 5 बजकर 3 मिनट
बिहार शरीफ अर्घ्य का समय शाम 5 बजकर 4 मिनट
Today Sunset Time In Delhi: दिल्ली में सूर्यास्त कितने बजे होगा
Chhath Puja 2024 Sunset Today Timing Today Patna, Chhath puja arag dene ka time: छठ पूजा अर्घ्य देने का समय
Chhath Puja 2024 Sunset Today Timing Today Patna- छठ पूजा कहां मनाया जाता है
छठ पूजा 2024 सूर्य अर्घ्य समय (Chhath Puja Surya Arghya Time 2024)
उषा अर्घ्य: 8 नवंबर 2024 की सुबह 06 बजकर 38 मिनट तक।
Chhath Puja 2024 Sunset Today Timing Today: छठ पूजा टाइमिंग
छठ पूजा की कहानी
राजा प्रियंवद मृत पुत्र के शव को लेकर श्मशान गए और अपना प्राण भी त्यागने लगे। तभी ब्रह्माजी की मानस पुत्री देवसेना प्रकट हुईं और राजा प्रियंवद को अपना परिचय देते हुए कहा, मैं सृष्टि की मूल प्रवृत्ति के छठे अंश से उत्पन्न हुईं हूं। इसलिए मेरा नाम षष्ठी भी है। तुम मेरी विधि-विधान से पूजा करो और लोगों के बीच प्रचार-प्रसार करो। इसके बाद राजा प्रियंवद ने पुत्र की कामना करते हुए कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी पर विधि-विधान से माता का व्रत किया। इसके बाद राजा संतानवान बने। इसके बाद से यह व्रत रखा जाने लगा।
छठ की एक अन्य कहानी के अनुसार जब पांडव अपना राजपाट खो बैठे थे। तब द्रौपदी ने भगवान सूर्य देव की उपासना की थी और उनसे राजपाट वापस पाने की कामना की थी। द्रौपदी की भक्ति से खुश होकर सूर्य भगवान ने आशीर्वाद दिया और उसी के फल से पांडवों को उनका राजपाट वापस मिला।
