धुल-हिज्जा का चांद दिखने पर पढ़ी जाने वाली खास दुआ

इस्लामी महीनों की गणना चंद्र कैलेंडर पर आधारित होती है और हर महीने की शुरुआत नए चांद को देखकर तय होती है। जैसे ही नया चांद दिखता है वैसे ही मुसलमानों का नया महीना शुरू हो जाता है।

ईद उल अजहा का चांद दिखाई देने पर जो दुआ पढ़ी जाती है, वह वही विशेष दुआ है जो किसी भी इस्लामी महीने का नया चांद देखने पर पढ़ी जाती है। यह दुआ नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से साबित है और हर नए माह के चांद पर पढ़ी जाती है। दुआ पढ़ना सुन्नत है, जिसे पढ़ना सवाब का काम माना जाता है। 27 या 28 मई को इस्लाम धर्म के 12 वें महीने धुल-हिज्जा का चांद दिखाई देगा ऐसे में जानिए इस दौरान कौन सी दुआ पढ़नी है।

चांद देखने की दुआ अरबी में (Chand Dekhne Ki Dua in Arabic)

اَللّٰهُمَّ أَهِلَّهُ عَلَيْنَا بِالْيُمْنِ وَالْإِيمَانِ وَالسَّلَامَةِ وَالْإِسْلَامِ رَبِّي وَرَبُّكَ اللّٰہُ

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