Budh Pradosh Vrat Katha: बुधवार प्रदोष व्रत की संपूर्ण कथा यहां देखें

Budhwar Pradosh Vrat Katha In Hindi (बुधवार प्रदोष व्रत कथा): बुधवार प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। इस महीने ये व्रत 20 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की जाती है और उसके बाद व्रत की कथा पढ़ी जाती है।

Budhwar Pradosh Vrat Katha In Hindi (बुधवार प्रदोष व्रत कथा): हिंदू पंचांग अनुसार प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है और हर वार पर पड़ने वाले प्रदोष का अपना अलग महत्व होता है। बुधवार प्रदोष व्रत को सौम्यवारा प्रदोष भी कहते हैं। इस दिन शिव जी की विधि विधान से पूजा की जाती है। पूजा के बाद कथा भी पढ़नी चाहिए। यहां से आप बुध प्रदोष व्रत की कथा पढ़ सकते हैं।

बुधवार प्रदोष व्रत कथा (pic credit: canva)

Budhwar Pradosh Vrat Katha In Hindi

बुध प्रदोष व्रत की कथा के अनुसार एक पुरुष का नया-नया विवाह हुआ। विवाह के बाद उसकी पत्‍नी कुछ दिनों के लिए मायके चली गई थी। पुरुष पत्‍नी को लेने उसके यहां गया और बुधवार को ही अपनी पत्नी को लेकर वापस लौटने लगा। जिस पर ससुराल पक्ष ने उसे रोकते हुए कहा कि विदाई के लिए बुधवार शुभ नहीं होता। लेकिन वह किसी की नहीं माना और पत्‍नी के साथ बैल गाड़ी में चल पड़ा।

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