आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के पहले दिन कैसे करें मां काली की साधना, जानिए मां काली की पूजा विधि, स्वरूप का रहस्य और मंत्र

Ashadh Gupt Navratri 2026 Maa Kali Sadhna: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। गुप्त नवरात्रि के पहले दिन मां काली की आराधना का जाती है। आइए जानते हैं कि मां की साधना कैसे करें।

Ashadh Gupt Navratri 2026 Maa Kali Sadhna: आज 15 जुलाई 2026 से आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो चुका है। सनातन परंपरा और तांत्रिक साधना में गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व है, जहां दस महाविद्याओं की आराधना की जाती है। गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन दस महाविद्याओं में सर्वोच्च और आद्या शक्ति मां काली की साधना का विधान है। कालिका पुराण, दुर्गा सप्तशती (मार्कण्डेय पुराण) और महानिर्वाण तंत्र जैसे प्रामाणिक ग्रंथों के अनुसार मां काली का स्वरूप परम कल्याणकारी और सर्वोच्च चेतना का द्वार है। आइएजानते हैं मां काली के वास्तविक स्वरूप, साधना विधि और मंत्रों के गूढ़ अर्थ क्या हैं।

Ashadh Gupt Navratri 2026 Maa Kali Sadhna  कैसा है मां काली का स्वरूप

कैसा है मां काली का स्वरूप

काली कैसे पड़ा मां का नाम

कालिका पुराण के अनुसार, एक बार समस्त देवता हिमालय में मतंग मुनि के आश्रम में गए और आद्या शक्ति की स्तुति करने लगे। देवताओं की वंदना से प्रसन्न होकर साक्षात आदि शक्ति माता पार्वती के देह से 'कौशिकी' रूप में प्रकट हुईं। कौशिकी देवी के शरीर से अलग होने के कारण माता पार्वती का स्वरूप घोर काले वर्ण का हो गया, जो अमावस्या के अंधकार जैसा प्रतीत हो रहा था।

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