Shiv Mahamrityunjaya Mantra: सावन मास में करें महामृत्युंजय मंत्र का जाप, देखें ॐ त्र्यम्बकं यजामहे के हिंदी लिरिक्स

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 14, 2022, 11:17 AM IST

Shiv Mahamrityunjaya Mantra Lyrics in Hindi: महामृत्युंजय मंत्र को सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली मंत्रों में से एक माना गया है। सावन मास में इस मंत्र के जाप को बेहद असरदार बताया जाता है क्योंकि दोनों का ही संबंध शिव जी से है। यहां देखें महामृत्युंजय मंत्र हिंदी लिरिक्स और जाप के फायदे।

Shiv Mahamrityunjaya Mantra: सावन मास में करें महामृत्युंजय मंत्र का जाप, देखें ॐ त्र्यम्बकं यजामहे के हिंदी लिरिक्स

Shiv Mahamrityunjaya Mantra Lyrics in Hindi: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे से प्रारंभ होने वाले महामृत्युंजय मंत्र को बेहद फलदायक माना जाता है। इसके महत्व के बारे में कहा जाता है कि ये मृत्यु को जीतने वाला मंत्र है। पुराणों में इस मंत्र की इतनी महिमा बताई गई है कि अगर कोई पूर्ण सावन माह में ही इस मंत्र का जाप कर ले तो उसके कई असाध्य कार्य भी पूरे हो जाते हैं। महामृत्युंजय मंत्र को त्रयंबकम मंत्र भी कहते हैं। इसको जपने वाला व्यक्ति रोगमुक्त  रहता है और मोक्ष प्राप्त करता है। यहां देखें महामृत्युंजय मंत्र के हिंदी लिरिक्स अर्थ सहित। 

Shiv Mrityunjaya Mantra Hindi Written Lyrics

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ 

हे इस पूरे संसार के पालनहार, तीन नेत्र वाले भगवान शिव हम आपकी पूजा करते हैं। इस पूरे विश्‍व में सुरभि फैलाने वाले भगवान शंकर हमें मृत्‍यु के बंधनों से मुक्ति प्रदान करें, जिससे कि हमें मोक्ष की प्राप्ति हो जाए।

Shiv Mrityunjaya Mantra Benefits

  • महामृत्युंजय मंत्र के जाप को करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा मिलती है। 
  • महामृत्युंजय मंत्र का जाप किसी भी तरह के भय को दूर करता है और धन लाभ भी देता है।
  • महामृत्युंजय मंत्र के जाप से अकाल मृत्यु का साया दूर होता है और साथ ही रोग भी दूर होते हैं। 

महामृत्युंजय मंत्र का जाप कैसे करें 

सावन माह में महामृत्युंजय मंत्र का जाप बेहद कल्याणकारी और फलदाई माना जाता है। इसका जाप आप सावन के पहले दिन से शुरू करें या सोमवार से भी प्रारंभ कर सकते हैं। मंत्र का जाप सवा लाख बार किया जाता है। महामृत्युंजय मंत्र के जाप के समय आप रुद्राक्ष की माला का ही प्रयोग करें। इस मंत्र के जाप को दिन में 12 बजे से पहले कर लें। इसके बाद का समय सही नहीं माना जाता है। जब मंत्र का जाप पूर्ण हो जाए तो हवन जरूर करें। 

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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