Sawan 2022 Date, Puja Vidhi, Muhurat: दो शुभ योग के साथ प्रारंभ होगा सावन का पावन महीना, यहां देखें पूजा विधि और मुहूर्त

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 13, 2022, 06:25 PM IST

Sawan 2022 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Time, Mantra: वर्ष 2022 में दो शुभ योग के साथ सावन के पावन महीने की शुरुआत हो रही है। यहां देखें भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सावन में उनकी पूजा आराधना कैसे करें।

Sawan 2022 Date, Puja Vidhi, Muhurat: दो शुभ योग के साथ प्रारंभ होगा सावन का पावन महीना, यहां देखें पूजा विधि और मुहूर्त

Sawan 2022 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat: शिव शंभू की आराधना का पावन महीना सावन इस वर्ष 14 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है। 2022 में श्रावण मास कुल 29 दिनों का होगा जो 12 अगस्त को समाप्त हो जाएगा। सावन का पवित्र महीना भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-आराधना को समर्पित है। मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त इस महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की सच्चे मन से पूजा करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। यह भी कहा जाता है कि इस महीने में पूजा का महत्व दो गुना हो जाता है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा के अगले दिन से इस बार सावन का महीना शुरु हो रहा है। दो शुभ योग विष्कुंभ और प्रीति योग के साथ सावन का महीना शुरू होने वाला है। यहां देखें सावन मास की तिथि और जानें भोले नाथ की पूजा के लिए विधि। 

कब से प्रारंभ हो रहा है सावन का महीना!

सावन 2022 प्रारंभ: 14 जुलाई 2022, गुरुवार 

सावन का पहला सोमवार- 18 जुलाई 2022 

सावन का दूसरा सोमवार- 25 जुलाई 2022

सावन का तीसरा सोमवार- 01 अगस्त 2022

सावन का चौथा सोमवार- 08 अगस्त 2022

सावन 2022 का समापन- 12 अगस्त 2022, शुक्रवार

सावन महीने में कैसे करें भगवान शिव की पूजा?

सावन महीने की प्रारंभ तिथि पर सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रियाओं से निवृत्त होकर स्नान कर लें। इसके बाद पूजा घर की साफ-सफाई करें और भगवान शिव की प्रतिमा को स्थापित कर उनका जलाभिषेक करें। भोलेनाथ का जलाभिषेक गंगा जल और दूध से करें। इसमें आप शहद भी मिला सकते हैं। पूजा के बाद शिव चालीसा और मंत्रों का जाप करना लाभदायक माना गया है। भगवान शिव की पूजा के बाद उन्हें बेलपत्र और धतूरा अवश्य अर्पित करें। सावन के हर एक सोमवार पर भी आप इस पूजा विधि से भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं। भगवान शिव के साथ इस महीने में मां पार्वती की आराधना भी अवश्य करें। शिव पूजन में कच्चा दूध, बेलपत्र, गंगाजल, मिठाई, काला तिल, धतूरा आदि अवश्य शामिल करें।

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