Sawan first Somwar 2022: कब है सावन का पहला व्रत, जानें क्यों होता है सावन में दाढ़ी व बाल कटवाना वर्जित?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 14, 2022, 07:39 AM IST

Sawan 2022 Shubh Muhurat: हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल सावन का महीने 14 जुलाई से शुरू हो रहा है। शिव भक्तों के लिए सावन का महीना सबसे खास होता है। इस साल सावन का पहला व्रत 18 जुलाई को रखा जाएगा। सावन के महीने में दाढ़ी व बाल काटना वर्जित होता है।

Sawan first Somwar 2022: कब है सावन का पहला व्रत, जानें क्यों होता है सावन में दाढ़ी व बाल कटवाना वर्जित?
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Sawan Somwar 2022: भगवान शिव का सबसे प्रिय सावन हिंदू पंचांग के अनुसार 14 जुलाई गुरुवार से शुरू होने वाला है। सावन का त्योहार 12 अगस्त तक रहेगा। इस साल सावन में चार सोमवार पड़ेंगे। पहला सोमवार का व्रत 18 जुलाई को रखा जाएगा। सावन का त्यौहार शिव भक्तों के लिए सबसे खास होता है। सावन के महीने में शिव भक्त भगवान शिव की भक्ति में लीन हो जाते हैं। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करने पर भगवान शिव हर मनोकामना पूरी करते हैं। सावन के सोमवार में कुछ लोग पूरा सावन व्रत भी रखते हैं। ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में कुछ कार्य ऐसे होते हैं जो करना वर्जित माने जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इन कार्यों को करने से भगवान शिव नाराज हो जाते हैं। आइए जातने हैं आखिर क्यों इन कार्यों को करना सावन के महीने में वर्जित माना जाता है।

दाढ़ी व बाल काटना माना जाता है अशुभ

हिंदू शास्त्रों के अनुसार सावन के महीने में बाल काटना व दाढ़ी बनाना वर्जित माना जाता है। अगर आप सावन का व्रत रख रहे हैं तो नियमित रूप से शिवजी के मंदिर जाकर पूजा पाठ करें और सावन के महीने में बाल काटने व दाढ़ी बनाने से बचें। इसके अलावा सावन के महीने में नाखून काटना व शरीर पर तेल मालिश करना भी वर्जित बताया गया है। माना जाता है कि ऐसा करने से ग्रह दोष लगता है और सावन में रखा गया व्रत भी फलदाई नहीं होता है।

सब पर नहीं होता यह नियम लागू

हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि सावन का महीना धार्मिक कार्य के लिए महत्वपूर्ण है। इस महीने में बहुत से लोग कावड़ चढ़ाने जाते हैं। बहुत से धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाते हैं, इसलिए अनुष्ठान तथा कावड़ का कार्य जब तक पूरा नहीं होता तब तक लोग दाढ़ी बाल नहीं कटवाते हैं और ना ही नाखून काटते हैं। ज्योतिष के अनुसार दाढ़ी और बाल काटने का नियम सभी पर लागू नहीं होता है। यह स्वैच्छिक है अनिवार्य नहीं।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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