Ahoi Ashtami Puja Aaj Sitare kitne Baje Niklege (अहोई अष्टमी व्रत): आज अहोई अष्टमी है ये व्रतमाताएं अपने बच्चों की रक्षा, लंबी आयु और खुशहाली के लिए रखती हैं। माना जाता है कि अहोई माता की पूजा से बच्चों की हर तरह की बुराई से रक्षा होती है। इस दिन मां निर्जला व्रत कर अहोई माता से अपने बच्चों की सलामती और भलाई की कामना करती हैं। आज चांद और तारे के दर्शन करने के बाद ही व्रत खोला जाता है। अगर आप राजस्थान में रहती हैं और अहोई अष्टमी का व्रत रख रही हैं तो आपको यहां से राजस्थान के शहरों का चांद-तारे निकलने का समय पता चलेगा।
अहोई अष्टमी 2025 पर राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और जैसलमेर में तारा निकलने का समय (pic credit: canva)
Rajasthan Mein Tare Kitne Baje Niklega Aaj
| जयपुर में आज चांद-तारे कब निकलेंगे | 06:20 PM |
| उदयपुर में आज चांद-तारे कब निकलेंगे | 06: 18 PM |
| जैसलमेर में आज चांद-तारे कब निकलेंगे | 06:17 PM |
| जोधपुर में आज चांद-तारे कब निकलेंगे | 06:20 PM |
| सालासर में आज चांद-तारे कब निकलेंगे | 06:17 PM |
| सीकर में आज चांद-तारे कब निकलेंगे | 06:17 PM |
| अलवर में आज चांद-तारे कब निकलेंगे | 06:19 PM |
| बीकानेर में आज चांद-तारे कब निकलेंगे | 06:17 PM |
अहोई अष्टमी पर तारे देखने के बाद क्या किया जाता है?
महिलाएं बाहर आकर आसमान में सबसे पहले दिखने वाले तारे (या सप्तर्षि तारे) को देखती हैं। फिर तारे को अर्घ्य अर्पित करती हैं, और अपने बच्चों की दीर्घायु की कामना करती हैं। अहोई माता से प्रार्थना की जाती है कि जैसे आकाश के तारे अमर हैं, वैसे ही मेरी संतान की आयु, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहे। इसके बाद पूरी-हलवा खाकर व्रत खोला जाता है। कुछ स्थानों पर पति या सास के हाथों से पानी पीकर व्रत तोड़ने की परंपरा भी होती है।
