Aaj Ka Panchang: आज आश्विन माह की एकादशी तिथि है। जो शाम 6 बजकर 32 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि लग जाएगी। नक्षत्र श्रवण 9 बजकर 34 मिनट तक रहेगा, इसके बाद धनिष्ठा लग जाएगा। योग धृति रात 9 बजकर 46 तक रहेगा। इसके बाद शूल योग लग जाएगा। करण वणिज सुबह 6 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इसके बाद विष्टि करण लग जाएगा, जो शाम 6 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसके बाद बव करण लग जाएगा। आज का दिन शुक्रवार है। आइए पंचांग के माध्यम से जानते हैं कि आज के दिन का शुभ और अशुभ काल क्या है?
आज का पंचांग (pic Credit- Canva)
आज कौन सा व्रत है?
आज के दिन पापांकुशा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। जो अक्टूबर माह की पहली और आश्विन माह की आखिरी एकादशी है। आज के दिन व्रत रखने और भगवान श्रीहरिविष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन करने से सभी प्रकार की परेशानियों का अंत हो जाता है।सूर्योदय / सूर्यास्त
सूर्योदय: सुबह 6:15
सूर्यास्त: शाम 6:05
चन्द्र उदय / चन्द्रास्त
चन्द्र उदय: दोपहर 3:46
चन्द्रास्त: रात 2:59 (4 अक्टूबर तक)
पक्ष / तिथि
पक्ष: शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha)
तिथि: एकादशी - शाम 6:32 तक, उसके बाद द्वादशी
नक्षत्र
श्रवण - सुबह 9:34 तक, उसके बाद धनिष्ठा
योग
धृति - रात 9:46 तक
करण
वणिज - सुबह 6:57 तक
विष्टि - शाम 6:32 तक
वार
शुक्रवार
चन्द्र राशि / सूर्य राशि
चन्द्र राशि: मकर - रात 9:27 तक, उसके बाद कुम्भ
सूर्य राशि: कन्या
सूर्य नक्षत्र / सूर्य नक्षत्र पद
सूर्य नक्षत्र: हस्त
सूर्य नक्षत्र पद: हस्त - रात 2:04 (4 अक्टूबर तक)
ऋतु / अयन / दिनमान / रात्रिमान
द्रिक ऋतु: शरद
वैदिक ऋतु: शरद
द्रिक अयन: दक्षिणायण
वैदिक अयन: दक्षिणायण
दिनमान: 11 घंटे 49 मिनट 34 सेकंड
रात्रिमान: 12 घंटे 10 मिनट 57 सेकंड
मध्याह्न: दोपहर 12:10
संवत्सर / चन्द्र मास
विक्रम संवत: 2082 कालयुक्त
बृहस्पति संवत्सर: कालयुक्त - दोपहर 3:07, 25 अप्रैल 2025 तक
शक संवत: 1947 विश्वावसु
गुजराती संवत: 2081 नल
चन्द्र मास: आश्विन (पूर्णिमान्त) / आश्विन (अमान्त)
प्रविष्टे / गते: 17
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आज का शुभ काल
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:38 से सुबह 5:26
ध्यान, योग और आध्यात्मिक कार्यों के लिए यह समय सर्वोत्तम है।
प्रातः सन्ध्या: सुबह 5:02 से सुबह 6:15
स्नान, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए शुभ समय।
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:46 से दोपहर 12:34
नए कार्य शुरू करने, जैसे व्यापार, निवेश या अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए उत्तम।
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:08 से दोपहर 2:55
सफलता और विजय के लिए अनुकूल, खासकर प्रतियोगिताओं या कार्यों के लिए।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:05 से शाम 6:29
गृह प्रवेश, पारिवारिक समारोह और शुभ कार्यों के लिए आदर्श।
सायाह्न सन्ध्या: शाम 6:05 से रात 7:18
संध्या पूजा और धार्मिक कर्मकांड के लिए उपयुक्त।
अमृत काल: रात 10:56 से देर रात 12:30 (4 अक्टूबर)
मंत्र जप, साधना और विशेष धार्मिक कार्यों के लिए शुभ।
निशिता मुहूर्त: रात 11:46 से देर रात 12:34 (4 अक्टूबर)
रात्रिकालीन पूजा और आध्यात्मिक कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ।
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 6:15 से सुबह 9:34
सभी प्रकार के शुभ कार्यों में सफलता दिलाने वाला समय।
रवि योग: सुबह 6:15 से सुबह 9:34
व्यापार शुरू करने, निवेश और धार्मिक कार्यों के लिए लाभकारी।
आज का अशुभ काल
राहुकाल: सुबह 10:41 से दोपहर 12:10
इस दौरान शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश या नया व्यवसाय शुरू करना वर्जित है।
यमगण्ड: दोपहर 3:07 से शाम 4:36
महत्वपूर्ण कार्यों से बचें, क्योंकि यह समय अशुभ माना जाता है।
गुलिक काल: सुबह 7:44 से सुबह 9:12
नए कार्य या शुभ कार्य शुरू करने के लिए अनुपयुक्त।
दुर्मुहूर्त: सुबह 8:37 से सुबह 9:24 और दोपहर 12:34 से दोपहर 1:21
इन समयों में पूजा, यज्ञ या अन्य शुभ कार्य न करें।
वर्ज्य: दोपहर 1:30 से दोपहर 3:04
इस अवधि में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।
बाण (चोर): सुबह 9:49 तक
इस समय सावधानी बरतें, विशेषकर यात्रा या लेन-देन में।
भद्रा: सुबह 6:57 से शाम 6:32
इस दौरान शुभ कार्य वर्जित हैं।
पंचक: रात 9:27 से सुबह 6:16 (4 अक्टूबर)
पंचक में गृह निर्माण, विवाह या अन्य बड़े कार्य न करें।
दिशा शूल: पश्चिम — यात्रा से बचें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
