Aaj Ka Panchang 16 June 2024 In Hindi: आज गंगा दशहरा पर्व मनाया जा रहा है। जो हर साल ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को पड़ता है। इस दिन श्रद्धालु गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं और दान-पुण्य के काम करते हैं। बता दें गंगा दशहरा पर्व 16 जून की सुबह 2 बजकर 32 मिनट से 17 जून की सुबह 4:43 तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं अनुसार गंगा दशहरा गंगा नदी में स्नान का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। आज के पंचांग से जानते हैं गंगा दशहरा समेत आज के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त।
16 June 2024 Panchang
Ganga Dussehra 2024 Shubh Muhurat (गंगा दशहरा मुहूर्त 2024)
- गंगा दशहरा 16 जून 2024 को
- दशमी तिथि प्रारम्भ 16 जून 2024 को 02:32 AM बजे
- दशमी तिथि समाप्त 17 जून 2024 को 04:43 AM बजे
- हस्त नक्षत्र प्रारम्भ 15 जून 2024 को 08:14 AM बजे
- हस्त नक्षत्र समाप्त 16 जून 2024 को 11:13 AM बजे
- व्यतीपात योग प्रारम्भ 14 जून 2024 को 07:08 PM बजे
- व्यतीपात योग समाप्त 15 जून 2024 को 08:11 PM बजे
16 June 2024 Panchang (16 जून का पंचांग)
संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-ज्येष्ठ ,शुक्ल पक्ष
तिथि- दशमी
व्रत-रविवार व्रत
दिन-रविवार
सूर्योदय-05:23am
सूर्यास्त-07:20 pm
नक्षत्र-हस्त 11:15am तक फिर चित्रा
चन्द्र राशि- कन्या
सूर्य राशि- मिथुन
करण-तैतिल03:43pm तक फिर गरज
योग- वरियांन09:05pm तक फिर परिघ
16 जून के शुभ मुहूर्त (16 June Shubh Muhurat)
अभिजीत-11:56am से 12:44 pm
विजय मुहूर्त-02:24pm से 03:29 pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:44 pm से 07:09 pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:15am से 05:09am तक
अमृत काल-06:09am से 07:57 am तक
निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:51 से 12:44 तक रात्रि
संध्या पूजन-06:53pm से 07:50pm तक
दिशा शूल -पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल -सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक
क्या करें-भगवान भास्कर जी को समर्पित रविवार व्रत रहें। शिव व माता दुर्गा जी की उपासना भी करें। मन्दिर में शिव जी का दर्शन करें। गुड़ व जल के दान का आज बहुत महत्व है। आज उपवास फलाहार ही होगा। हनुमान जी के गुरु सूर्य हैं।हनुमान जी को लड्डू का भोग व लाल चोला अर्पित करें।हनुमान जी के नाम का निरन्तर मानसिक जप करते रहें। धार्मिक सतसंग करें।किसी भी मंदिर परिसर में बेल ,आम व पीपल का पेड़ लगाएं। आज बजरंग बली जी की उपासना का बहुत महत्व है। रोगों से मुक्ति के लिए हनुमान बाहूक का पाठ करें। शिव मंदिर में गंगा जल , घी व कुशोदक से रुद्राभिषेक भी करवा सकते हैं। गो माता को केला व पालक खिलाएं। चिड़ियों को दाना पानी दें। धार्मिक पुस्तकों का दान करें। हनुमान जी के मंदिर में घण्टा व लाल वस्त्र चढ़ाएं। आज श्री आदित्यह्र्दय स्तोत्र का 03 पाठ करें।
क्या न करें- -सूर्य पिता का कारक ग्रह है।पिता को मन, वचन व कर्म से कष्ट मत दें।पिता के किसी बात की अवज्ञा मत करें।
