Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 11 October 2026 Panchang: 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। इसी दिन घटस्थापना यानी कलश स्थापना के साथ नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि पर्व का आरंभ होगा। आज प्रतिपदा तिथि रात 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगी, इसके बाद शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। चित्रा नक्षत्र रात 10 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसके बाद स्वाती नक्षत्र शुरू होगा। आज वैधृति योग रात 9 बजकर 5 मिनट तक रहेगा।
11 अक्टूबर का पंचांग (Image AI Generated and Newsroom Verified)
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
11 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 19 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 56 मिनट पर होगा। चंद्रोदय सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर और चंद्रास्त शाम 6 बजकर 2 मिनट पर रहेगा। आज दिनमान 11 घंटे 36 मिनट 34 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 24 मिनट रहेगा। मध्याह्न का समय दोपहर 12 बजकर 8 मिनट पर होगा।
11 अक्टूबर 2026 की तिथि
आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इसी तिथि से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती है। प्रतिपदा तिथि रात 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में घटस्थापना करके मां दुर्गा की आराधना की जाएगी। भक्त मां शैलपुत्री की पूजा करके सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।
आज का नक्षत्र
11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र रात 10 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसके बाद स्वाती नक्षत्र शुरू होगा। चित्रा नक्षत्र के दूसरे पद में सुबह 10 बजकर 4 मिनट तक, तीसरे पद में शाम 4 बजकर 17 मिनट तक और चौथे पद में रात 10 बजकर 32 मिनट तक चंद्रमा रहेंगे। इसके बाद स्वाती नक्षत्र का पहला पद शुरू होगा।
आज का योग और करण
आज वैधृति योग रात 9 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। इसके बाद विष्कम्भ योग शुरू होगा। करण की बात करें तो किंस्तुघ्न करण सुबह 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। इसके बाद बव करण लगेगा, जो रात 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इसके बाद बालव करण शुरू होगा।
आज की चंद्र राशि और सूर्य राशि
11 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 4 मिनट तक चंद्रमा कन्या राशि में रहेंगे। इसके बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेंगे। सूर्य का नक्षत्र चित्रा है और सूर्य चित्रा नक्षत्र के पहले पद में रहेंगे।
आज का पक्ष और चंद्र मास
आज शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। पूर्णिमांत और अमांत, दोनों गणनाओं के अनुसार आश्विन मास चल रहा है। विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी और शक संवत 1948 पराभव है। गुजराती संवत 2082 पिङ्गल चल रहा है। रविवार को नवरात्रि की शुरुआत होने से दिनभर देवी आराधना और कलश स्थापना की तैयारियां रहेंगी।
शारदीय नवरात्रि का पहला दिन
11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। सुबह स्नान करके पूजा स्थल की सफाई करें। इसके बाद निर्धारित शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करें और मां दुर्गा के सामने अखंड ज्योत प्रज्वलित करें। मां शैलपुत्री को सफेद फूल, फल, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती या देवी मंत्रों का पाठ करके आरती करें।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि 2026 में कलश स्थापना यानी घटस्थापना रविवार, 11 अक्टूबर को की जाएगी। इस दिन कलश स्थापना के लिए प्रातःकाल का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना की जा सकती है, जो सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।इस दिन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रात 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगी।
ऋतु और अयन
द्रिक और वैदिक, दोनों गणनाओं के अनुसार आज शरद ऋतु रहेगी। सूर्य दक्षिणायण में स्थित हैं। आज दिनमान 11 घंटे 36 मिनट 34 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 24 मिनट रहेगा।
11 अक्टूबर के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:40 बजे से 5:30 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:05 बजे से 6:19 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:04 बजे से 2:50 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:56 बजे से 6:21 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:56 बजे से 7:10 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 3:55 बजे से शाम 5:34 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:43 बजे से 12 अक्टूबर की रात 12:33 बजे तक
- द्विपुष्कर योग: रात 9:30 बजे से 10:32 बजे तक
11 अक्टूबर के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: शाम 4:29 बजे से 5:56 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 12:08 बजे से 1:35 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 3:02 बजे से 4:29 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: शाम 4:23 बजे से 5:09 बजे तक
- आडल योग: रात 10:32 बजे से 12 अक्टूबर की सुबह 6:20 बजे तक
- वर्ज्य: 12 अक्टूबर की सुबह 4:27 बजे से 6:08 बजे तक
आज का आनंदादि योग और तमिल योग
आज आनंदादि योग में पद्म योग रात 10 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसके बाद लुम्बक योग शुरू होगा। तमिल योग के अनुसार रात 10 बजकर 32 मिनट तक सिद्ध योग रहेगा और इसके बाद मरण योग शुरू होगा। आज जीवनम निर्जीव और नेत्रम नेत्रहीन रहेगा।
आज का दिशा शूल
11 अक्टूबर को रविवार होने के कारण दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा। चंद्रमा सुबह 10 बजकर 4 मिनट तक दक्षिण दिशा में रहेंगे और इसके बाद पश्चिम दिशा में प्रवेश करेंगे। राहु वास उत्तर दिशा में रहेगा। यात्रा की योजना बनाते समय दिशा शूल का ध्यान रखा जा सकता है।
आज का निवास और शूल
आज होमाहुति सूर्य में रहेगी। अग्निवास पृथ्वी पर रहेगा। शिववास रात 9 बजकर 30 मिनट तक श्मशान में रहेगा और इसके बाद गौरी के साथ रहेगा। कुम्भ चक्र रात 10 बजकर 32 मिनट तक मुख में रहेगा और इसके बाद पूर्व दिशा में रहेगा।
