अभी और जलाएगी आग! ठीक नहीं है ग्रहों की चाल, ज्योतिषाचार्य से जानिए कब बदलेगा हाल

Aagjani Ki Ghatnayein Kyon Badh Rahi Hain : 11 मई के बाद से देशभर में आगजनी आदि की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। ज्योतिष की माने तो इसके पीछे मंगल, राहु और केतु जैसे ग्रहों का प्रभाव होता है।

Aagjani Ki Ghatnayein Kyon Badh Rahi Hain : 11 मई 2026 से देश के अलग-अलग हिस्सों से आगजनी और हादसों की कई खबरें सामने आई हैं। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग में कई लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर हॉस्पिटल व अलग-अलग जगहों पर आग का तांडव देखने को मिला है। इसके अलावा भी विभिन्न राज्यों में फैक्ट्री, गोदाम, इमारतों और वाहनों में आग लगने की घटनाएं देखने को मिली हैं। ज्योतिष में इस प्रकार की घटनाओं को मंगल, राहु और केतु जैसे ग्रहों के प्रभाव से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, यह आवश्यक नहीं है कि इसका कारण ये ही हो क्योंकि काल, देश, स्थिति पर भी यह निर्भर करता है, लेकिन फिर भी ग्रहों की चाल काफी हद तक इसको प्रभावित करती है।

Aagjani Ki Ghatnayein Kyon Badh Rahi Hain  आगजनी की क्यों बढ़ रही हैं घटनाएं

आगजनी की क्यों बढ़ रही हैं घटनाएं

अग्नि तत्व को मजबूत बना रहा है मंगल

ज्योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज के अनुसार, वर्तमान समय में मंगल अपनी स्वराशि मेष में स्थित है। वैदिक ज्योतिष में मंगल को अग्नि, ऊर्जा, मशीनरी, धातु, विस्फोट, युद्ध और दुर्घटनाओं का कारक माना जाता है। जब मंगल अपनी ही राशि में होता है तो उसका प्रभाव काफी प्रबल हो जाता है। मेष राशि स्वयं अग्नि तत्व की राशि है। ऐसे में अग्नि से जुड़े विषयों की सक्रियता बढ़ी हुई मानी जाती है। यही कारण है कि इस समय आग, बिजली, मशीनरी और तकनीकी उपकरणों से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता की सलाह दी जाती है।

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