2026 mein Diwali kab hai (Diwali 2026 Date): भारत का सबसे बड़ा और प्रतीक्षित त्योहार दिवाली सिर्फ रोशनी का उत्सव नहीं बल्कि खुशियों, समृद्धि, रिश्तों और आध्यात्मिक ऊर्जा का पर्व माना जाता है। हर साल की तरह 2026 में भी दिवाली का त्योहार पांच दिनों तक पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार 2026 में दिवाली रविवार के दिन पड़ रही है, जिससे लोगों को त्योहार मनाने का भरपूर समय मिलेगा।
दिवाली 2026 का पूरा त्योहार कैलेंडर
2026 में दिवाली कब है
साल 2026 में दीपावली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। इसी दिन कार्तिक मास की अमावस्या तिथि रहेगी, जिसे मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस रात घरों में दीप जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
दिवाली 2026 पर लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
8 नवंबर 2026 को लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे शुभ समय शाम 5:55 बजे से 7:51 बजे तक रहेगा। लगभग 1 घंटा 55 मिनट का यह मुहूर्त विशेष फलदायी माना जा रहा है। इस दौरान स्थिर लग्न में पूजा करने से धन, वैभव और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
दिवाली 2026 के पांच दिन कौन से हैं
| त्योहार | 2026 में डेट | दिन |
| धनतेरस | 6 नवंबर | शुक्रवार |
| छोटी दिवाली | 7 नवंबर | शनिवार |
| दीपावली | 8 नवंबर | रविवार |
| गोवर्धन पूजा | 9 नवंबर | सोमवार |
| भाई दूज | 11 नवंबर | बुधवार |
दिवाली 2026 का पूरा त्योहार कैलेंडर
दिवाली सिर्फ एक दिन का त्योहार नहीं बल्कि पांच प्रमुख पर्वों की श्रृंखला है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और समापन भाई दूज पर होता है। देखें यहां -
- धनतेरस – 6 नवंबर 2026, शुक्रवार - धनतेरस से दीपोत्सव की शुरुआत होती है। इस दिन भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। सोना, चांदी, बर्तन या नई वस्तुएं खरीदना बेहद शुभ माना जाता है।
- नरक चतुर्दशी / छोटी दिवाली – 7 नवंबर 2026, शनिवार - इस दिन भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर वध की स्मृति में दीप जलाए जाते हैं। कई जगह इसे रूप चौदस भी कहा जाता है, जहां सौंदर्य और स्वास्थ्य से जुड़े पारंपरिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
- दीपावली / लक्ष्मी पूजा – 8 नवंबर 2026, रविवार - यह दिवाली का मुख्य दिन होगा। घरों की सजावट, रंगोली, दीपदान और लक्ष्मी-गणेश पूजन इस दिन का मुख्य आकर्षण होते हैं। मान्यता है कि स्वच्छ और रोशन घरों में मां लक्ष्मी का वास होता है।
- गोवर्धन पूजा – 9 नवंबर 2026, सोमवार - इस दिन भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाकर लोगों की रक्षा करने की कथा याद की जाती है। कई घरों और मंदिरों में अन्नकूट भोग लगाया जाता है।
- भाई दूज – 11 नवंबर 2026, बुधवार - भाई-बहन के स्नेह का यह पर्व दिवाली श्रृंखला का अंतिम दिन होता है। बहनें भाई की लंबी उम्र के लिए तिलक करती हैं और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं।
दिवाली का आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व
दिवाली केवल पटाखों और रोशनी तक सीमित नहीं है। यह अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और निराशा पर आशा की जीत का प्रतीक है। घरों की सफाई से लेकर रिश्तों की मिठास तक, दिवाली जीवन को नए सिरे से शुरू करने का संदेश देती है। व्यापारी वर्ग नए खाते शुरू करता है, परिवार एक साथ समय बिताते हैं और समाज में उत्सव का सामूहिक माहौल बनता है।
