हुरुन इंडिया के अनुसार, ज़ोमैटो की वैल्यूएशन में 190% की वृद्धि हुई है जो 2,51,900 करोड़ रुपये हो गई है। इससे कंपनी के सीईओ दीपिंदर गोयल भारत के दूसरे सबसे अमीर सेल्फ-मेड एंटरप्रेन्योर बन गए हैं।
स्विगी के श्रीहर्ष मजेटी और नंदन रेड्डी तीसरे नंबर पर हैं। ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग के बाद स्विगी ने पिछले साल की तुलना में 52% की वैल्यूएशन ग्रोथ हासिल की और ये 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
मेकमायट्रिप के को-फाउंडर दीप कालरा और राजेश मागो ने 99,300 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन के साथ चौथा स्थान हासिल किया। लिस्ट में मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट के चेयरमैन और एमडी अभय सोई शामिल हैं, जिनकी कुल संपत्ति 96,100 करोड़ रुपये है।
पॉलिसीबाजार के फाउंडर यशीष दहिया और आलोक बंसल टॉप 10 में शामिल हुए, जिनकी वैल्यूएशन 78,600 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष से 128% की वृद्धि है।
इस लिस्ट में ड्रीम 11, जीरोधा, रेजरपे और नायका के मेन लोग शामिल हैं। बता दें कि 2020 के बाद कंपनियों की वैल्यूएशन संयुक्त रूप से 69,400 करोड़ रुपये बढ़ी है।
कर्मचारी लाभ (Employee Benefits) 49,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 54,000 करोड़ रुपये हो गया, जो वर्कफोर्स डेवलपमेंट में निवेश को दर्शाता है। इस मामले में टॉप 10 में एवेन्यू सुपरमार्केट्स, ज़ोमैटो, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट, मेकमायट्रिप, पॉलिसी बाज़ार और नाइका जैसी नॉन-यूनिकॉर्न कंपनियां शामिल हैं।