World Coconut Day 2023: नारियल कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसके सेवन से सेहत को कई तरह के फायदे मिलते हैं। नारियल के इसी गुणों और महत्व को बताने के लिए हर साल 2 सितंबर को वर्ल्ड कोकोनट डे सेलिब्रेट किया जाता है। इस साल दुनियाभर में 15वां वर्ल्ड कोकोनट डे मनाया जा रहा है। नारियल का इस्तेमाल अमुमन हर भारतीय घर में किया जाता है। पूजा-पाठ से लेकर खान-पान और ब्यूटी प्रोडक्ट्स हर तरह की चीज में इसका इस्तेमाल होता है। हिंदू धर्म में नारियल का बेहद खास महत्व है। पूजा-पाठ, विशेष अनुष्ठान और शुभ कार्यों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए आपने कई बार ये भी देखा होगा कि कोई भी शुभ कार्य करने से पहले नारियल फोड़ा जाता है। नारियल के इसी महत्व को बताने के लिए वर्ल्ड कोकोनट डे मनाया जाता है। इसी कड़ी में आज हम आपको बताएंगे कि कब और कैसे हुई थी इस दिन को मनाने की शुरुआत और क्या है इस साल की थीम।
विश्व नारियल दिवस का इतिहास - History Of World Coconut Day
वर्ल्ड कोकोनट डे 2 सितंबर को एशियाई प्रशांत नारियल समुदाय के गठन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। पहली बार 2009 में नारियल समुदाय द्वारा वर्ल्ड कोकोनट डे मनाया गया था। नारियल दिवस को मनाने का उद्देश्य दुनियाभर में नारियल की खेती के बारे में लोगों को जागरुक करना है। बता दें कि इंडोनेशिया के बाद भारत दुनिया के सबसे बड़े नारियल निर्यातकों मे से एक है।
विश्व नारियल दिवस का महत्व - World Coconut Day Significance
नारियल के महत्व को समझाने के लिए हर साल विश्व नारियल दिवस मनाया जााता है। नारियल दिवस विशेष रूप से एशियाई और प्रशांत क्षेत्रों में एपीसीसी, एशियाई और प्रशांत नारियल समुदाय द्वारा मनाया जाता है।
विश्व नारियल दिवस 2023 थीम
विश्व नारियल दिवस 2023 का थीम "वर्तमान और भविष्य की पीढ़ी के लिए नारियल क्षेत्र को बनाए रखना" है।
