पीएम मोदी ने असम के बागुरुम्बा ड्व्हौ डांस को दिलाई इंटरनेशनल पहचान, जानिए कैसे बनाया दुनिया की नजरों में खास

What Is Dwhou Dance: असम की मिट्टी से जन्मा बागुरुम्बा ड्व्हौ डांस (Bagurumba Dwhou dance) आज दुनिया भर में चर्चा में है। यह लोकनृत्य अब एक ग्लोबल पहचान बन चुका है। असम के इस नृत्य को नई पहचान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिलाई है। हाल ही में उन्होंने इस नृत्य का कुछ कंटेंट सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसके बाद इसे दुनियाभर में देखा गया। चलिए जानते हैं आखिर पीएम मोदी ने असम के लोकनृत्य को कैसे दुनिया की नजरों में खास बना दिया है।

What Is Dwhou Dance: कभी-कभी किसी संस्कृति को पहचान दिलाने के लिए बड़े मंच या लंबे भाषण की जरूरत नहीं होती, बस एक सच्चा जुड़ाव काफी होता है। असम का पारंपरिक बागुरुम्बा ड्व्हौ डांस (Bagurumba Dwhou dance) भी कुछ ऐसा ही है। सालों से यह नृत्य बोडो समुदाय की पहचान रहा है, लेकिन हाल ही में जब यह डांस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया से जुड़ा, तो इसकी पहुंच देश की सीमाओं को पार कर गई। सोशल मीडिया पर इस डांस से जुड़े वीडियो ने करोड़ों लोगों का ध्यान खींचा और देखते ही देखते यह लोकनृत्य ग्लोबल चर्चा का हिस्सा बन गया। यह कहानी सिर्फ एक डांस की नहीं, बल्कि उस पहचान की है, जिसे सही मंच मिलने पर पूरी दुनिया सराहती है।

असम का बागुरुम्बा ड्व्हौ डांस बना ग्लोबल पहचान

असम का बागुरुम्बा ड्व्हौ डांस बना ग्लोबल पहचान (PC- IG/ Pinterest)

बागुरुम्बा ड्व्हौ डांस क्या है

बागुरुम्बा ड्व्हौ डांस असम के बोडो समुदाय का पारंपरिक लोकनृत्य है, जिसे अक्सर तितली नृत्य भी कहा जाता है। इस डांस में महिलाओं की कोमल चाल, हाथों की लयबद्ध हरकतें और रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान देखने लायक होते हैं। यह नृत्य आमतौर पर बसंत ऋतु और बोडो फेस्टिवल्स के दौरान किया जाता है। बागुरुम्बा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि प्रकृति, खुशी और सामुदायिक एकता का प्रतीक माना जाता है।

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