Shayari of the Day: तू इधर उधर की न बात कर ये बता कि काफिले क्यूं लुटे.., जानें क्या है शहाब जाफरी के इस शेर का मतलब

Shayari of the Day: शहाब जाफरी के और भी शेर खूब सुने सुनाए जाते हैं। इन शेरों का अपना अलग जादू और मजा है। पढ़ने वाले को लगता है कि ये शेर खास उन्हीं के लिए लिखा गया है।

Shayari of the Day: बहुत से ऐसे शेर हैं जो गढ़े जाने के दशकों बाद भी खूब पढ़े और सुनाए जाते हैं। ये उन शायरों का जादू था कि ऐसे शेर लिखे जो हर समय, काल और परिस्थिति में भी मौजूं बने रहते हैं। ऐसा ही एक शेर लिखा था मशहूर शायर शहाब जाफरी ने। उनका ये शेर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे उठाने के लिए अकसर पढ़ा जाता रहा है। हम जिस शेर की बात कर रहे हैं वो कुछ इस तरह से है-

Shayari of the Day

आज की शायरी (Photo: isTock)

'तू इधर उधर की न बात कर ये बता कि क़ाफ़िले क्यूं लुटे, तिरी रहबरी का सवाल है हमें राहज़न से ग़रज़ नहीं'

क्या है शहाब जाफरी के इस शेर के मायने

यह शेर व्यवस्था, नेतृत्व और जिम्मेदारी पर गहरी चोट करता है। इसमें शायर सीधे मुद्दे की बात करता है और इधर-उधर की बातों को छोड़कर असली सवाल उठाता है।

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