Navratri Vrat Diet Plan: नवरात्रि के नौ दिनों तक व्रत रखने के बाद अष्टमी, नवमी या दशहरे पर व्रत खोलने की खुशी अलग ही होती है। घरों में पूड़ी, कचौरी, छोले, हलवा, मिठाई और पकवानों की खुशबू भूख बढ़ा देती है। लेकिन ठहरिए! नौ दिनों तक खानपान में बदलाव के बाद अचानक तला-भुना और हैवी खाना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। पेट में गैस, अपच, एसिडिटी और भारीपन जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में व्रत खोलते समय स्वाद के साथ सेहत का ख्याल रखना भी जरूरी है। आइए जानते हैं उपवास के बाद शरीर को दोबारा सामान्य खानपान के लिए तैयार करने का हेल्दी डाइट प्लान।
व्रत खोलते समय ज्यादा न खाएं
उपवास के दौरान कुछ लोग फल, दूध, दही, साबूदाना या सीमित मात्रा में ही भोजन करते हैं। ऐसे में लंबे समय तक बदले हुए खानपान के बाद एक साथ बहुत अधिक खाना असहजता पैदा कर सकता है। इसलिए व्रत खोलते ही पेट भरकर खाने के बजाय थोड़ी मात्रा से शुरुआत करें। धीरे-धीरे खाएं और शरीर की भूख के संकेतों पर ध्यान दें। अगर व्रत के दौरान भोजन बहुत कम किया है, तो खासतौर पर एक साथ भारी भोजन करने से बचें।
सबसे पहले लें हल्का भोजन
व्रत खोलने के बाद शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है इसलिए शुरुआत सामान्य पानी से करें। इसके बाद अपनी भूख और सहनशीलता के अनुसार केला, पपीता, सेब जैसे फल या सादा दही लिया जा सकता है। यदि फल खाने से एसिडिटी होती है, तो अपनी सहनशीलता के अनुसार विकल्प चुनें। थोड़ी देर बाद हल्का और संतुलित भोजन करें। बहुत अधिक मीठे शरबत, सोडा या पैकेट वाले पेय पदार्थों को शुरुआत में लेने से बचें।
व्रत के बाद कैसा हो डाइट प्लान
उपवास के बाद ऐसा भोजन चुनें जो पेट पर ज्यादा बोझ न डाले और शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी दे।
- सुबह: सामान्य पानी और भूख के अनुसार एक फल या सादा दही।
- दोपहर: मूंग दाल की खिचड़ी, हल्की सब्जी और थोड़ी मात्रा में दही।
- शाम: भुने मखाने, थोड़े मेवे या मौसमी फल।
- रात: दाल, रोटी और हल्की पकी सब्जी या सूप के साथ संतुलित भोजन।
यह एक सामान्य डाइट का उदाहरण है। भोजन की मात्रा व्रत की अवधि, आपकी भूख, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य के अनुसार अलग हो सकती है। यदि आपने पूरे नौ दिन बहुत कम खाया है, तो सामान्य भोजन पर लौटने की गति को लेकर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
फ्राइड और मीठे फूड्स से परहेज
व्रत खोलते ही पूड़ी, पकौड़े, कचौरी, मलाईदार ग्रेवी और बहुत अधिक मिठाई खाने का मन होना स्वाभाविक है। लेकिन एक साथ अधिक तला-भुना, वसायुक्त और मीठा भोजन पेट में भारीपन और अपच बढ़ा सकता है। इन चीजों को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं, लेकिन शुरुआत में इनकी मात्रा सीमित रखें। घर का ताजा, कम तेल वाला भोजन बेहतर विकल्प है।
प्रोटीन और फाइबर जरूर लें
व्रत के बाद सिर्फ फल या मीठी चीजें खाने के बजाय संतुलित भोजन पर ध्यान दें। दाल, दही, पनीर, फल, सब्जियां और साबुत अनाज जैसे विकल्प प्रोटीन, फाइबर और अन्य पोषक तत्व उपलब्ध करा सकते हैं। फाइबर की मात्रा भी धीरे-धीरे बढ़ाएं, खासकर अगर पेट फूलने या गैस की परेशानी रहती है। भोजन में विविधता रखने से सामान्य खानपान की ओर लौटना आसान हो सकता है।
डिस्क्लेमर- नवरात्रि के बाद शरीर को किसी खास डिटॉक्स ड्रिंक या क्रैश डाइट की जरूरत नहीं होती, बल्कि संतुलित डाइट, पर्याप्त पानी और नियमित दिनचर्या की जरूरत होती है। व्रत खोलने का सही तरीका वही है, जिसमें स्वाद भी मिले और सेहत भी बनी रहे। हालांकि खानपान संबंधि किसी भी सलाह पर अमल करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
