Chhath Geet Lyrics Kelwa ke Paat par lyrics: छठ महापर्व की धूम बिहार, झारखंड से लेकर उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल रही है। चार दिवसीय छठ की शुरुआत नहाय खाय के साथ हुई थी, फिर खरना और तीसरे दिन पर आज डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ का पर्व मनाया जा रहा है। कल सुबह उगते सुरज को अर्घ्य देकर छठ का पारण होगा। बिहारियों के लिए ये त्योहार बहुत ही खास होता है। ऐसे में छठ महापर्व पर पूजा करने के साथ साथ गीत गाने का भी बहुत महत्व होता है। छठ पर अगर आप भी खास भोजपुरी गीत गाना चाहते हैं, तो केलवा के पात से लेकर कोपि कोपि बोलेली छठी मैया तक जैसे छठ के खास गानों के लिरिक्स यहां पढ़ सकते हैं।
केलवा के पात पर लिरिक्स, Kelwa ke Paat par Lyrics in Hindi
केलवा के पात पर उगे लन सुरुजमल झांके झुके,
के करेलू छठ बरतिया से झांके झुके ||
हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया के केकरा लागी ||
के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी ||
हमरो जे बेटवा तोहन अइसन बेटावा से उनके लागी ||
से करेली छठ बरतिया से उनके लागी ||
अमरूदिया के पात पर उगे लन सुरुजमल झांके झुके ||
के करेलू छठ बरतिया से झांके झुके ||
हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया के केकरा लागी ||
के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी ||
हमरो जे स्वामी तोहन अइसन स्वामी से उनके लागी ||
से करेली छठ बरतिया के उनके लागी ||
नारियर के पात पर उगे लन सुरुजमल झांके झुके ||
के करेली छठ बरतिया से झांके झुके ||
हम तोहसे पूछी बरतिया ए बरतिया से केकरा लागी ||
के करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी ||
हमरो जे बेटी तोहन बेटिया से उनके लागी ||
से करेली छठ बरतिया से उनके लागी ||
Kopi Kopi Boleli Chhathi Maiya Lyrics
कोपी कोपी बोले सूरज देव
सुनहये सेवक लोग सुनहये सेवक लोग
मोरे चौअरा दुभिया जन्म गईले
मकरी बसरे लिहले मकरी बसरे लिहले
कोपी कोपी बोले सूरज देव
सुनहये सेवक लोग सुनहये सेवक लोग
बिनती से बोले सेवक लोग
सुन्हये आदित मन सुन्हये आदित मन
सुन्हये है सूरज देव सुन्हये है सूरज देव
राऊरा घटये दुभीया छटाई देहब
मकरी भगाई देहाब मकरी भगाई देहाब
सुन्हये है सूरज देव सुन्हये है सूरज देव
राऊरा घटये चंदन क्षिरक देहाब
मकरी उजड़ी देहाब मकरी उजड़ी देहाब
सुन्हये आदित मन सुन्हये आदित मन
राऊरा घटये होमवा करी देहब
तुलसी रोपाई देहब तुलसी रोपाई देहब
सुन्हये है सूरज देव सुन्हये है सूरज देव
ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, U Je Kerwa Lyrics
ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से
ओह पर सुगा मेड़राए
मारबो रे सुगवा धनुख से
सुगा गिरे मुरझाए
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से
आदित होई ना सहाय
ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से
ओह पर सुगा मेड़राए
मारबो रे सुगवा धनुख से
सुगा गिरे मुरझाए
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से
आदित होई ना सहाय
अमरुदवा जे फरेला खबद से
ओह पर सुगा मेड़राए
मारबो रे सुगवा धनुख से
सुगा गिरे मुरझाए
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से
आदित होई ना सहाय
शरीफवा जे फरेला खबद से
ओह पर सुगा मेड़राए
मारबो रे सुगवा धनुख से
सुगा गिरे मुरझाए
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से
आदित होई ना सहाय
ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से
ओह पर सुगा मेड़राए
मारबो रे सुगवा धनुख से
सुगा गिरे मुरझाए
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से
आदित होई ना सहाय
सभे फलवा जे फरेला खबद से
ओह पर सुगा मेड़राए
मारबो रे सुगवा धनुख से
सुगा गिरे मुरझाए
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से
आदित होई ना सहाय
Sawa Lakh ke sari bhije lyrics
चननि ताने चलले महादेव, घुटी भर धोती भीजे
भीजता त धोती मोरा भीजे देहु
चननि मोर नहीं भीजे
चननि मोर नहीं भीजे
कोसी भरे चलली गौरा देइ
सवा लाख के साडी भीजे
सवा लाख के साडी भीजे
भीजता ता साडी मोरा भीजे देहु
कोसी मोर नाही भीजे
कोसी मोर नाही भीजे
कोसी मोर नाही भीजे
गरजी गरजी देव रिमझिम बरसे
पनिया के बूँद टपके पगिया ऊपर से
गरजी गरजी देव रिमझिम बरसे
पनिया के बूँद टपके पगिया ऊपर से
चङनि तान चलले धर्मेन्दर सेवका
घुटी भर धोती भीजे
घुटी भर धोती भीजे
भीजता त धोती मोर् भीजे देहु
चङनि मोरा नाही भीजे
चङनि मोरा नाही भीजे
चङनि मोरा नाही भीजे
धन धन बाटे मोरा अँगना के भाग हो
दुलारी छठी मैय्या आइल बाड़ी आज हो
धन धन बाटे मोरा अँगना के भाग हो
दुलारी छठी मैय्या आइल बाड़ी आज हो
ता कोसी भरे चलली अमिता देइ
नौलखा हार भीजे
नौलखा हार भीजे
अ भीजता ता हार मोरा भीजे देहु
कोसी मोरा नहीं भीजे
कोसी मोरा नहीं भीजे
कोसी मोरा नहीं भीजे
छोटकी बलकावा के माई रक्षा करिहैं
बरती केवईयां के अन्धन से भरिहैं
नन्हका बलकावा के माई रक्षा करीहें
बरती केवईयां के अन्धन से भरिहैं
ता चङनि तान चलले पंकज सेवका
घुटी भर धोती भीजे
घुटी भर धोती भीजे
के भीजता त धोती मोर् भीजे देहु
चननी मोर नहीं भीजे
चननी मोर नहीं भीजे
चननी मोर नहीं भीजे
कोसी भरे चलली अंजानो देइ
सवा लाख के साडी भीजे
सवा लाख के साडी भीजे
के भीजता ता साडी मोरा भीजे देहु
कोसी मोरा नहीं भीजे
कोसी मोरा नहीं भीजे
कोसी मोरा नहीं भीजे
पहिले पहिल हम कईनी
पहिले पहिल हम कईनी
छठी मईया व्रत तोहार ।
करिहा क्षमा छठी मईया,
भूल-चूक गलती हमार ।
सब के बलकवा के दिहा,
छठी मईया ममता-दुलार ।
पिया के सनईहा बनईहा,
मईया दिहा सुख-सार ।
नारियल-केरवा घोउदवा,
साजल नदिया किनार ।
सुनिहा अरज छठी मईया,
बढ़े कुल-परिवार ।
घाट सजेवली मनोहर,
मईया तोरा भगती अपार ।
लिहिएं अरग हे मईया,
दिहीं आशीष हजार ।
पहिले पहिल हम कईनी,
छठी मईया व्रत तोहर ।
करिहा क्षमा छठी मईया,
भूल-चूक गलती हमार ।
