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Koffee With Karan: करण जौहर के मग में नहीं होती कॉफी, पीते हैं एक खास ड्रिंक

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर ब्लैक कॉफी और डाइट कोला में से किसी एक को चुनना हो, तो बिना चीनी वाली ब्लैक कॉफी में कम कैलोरी और कुछ उपयोगी बायोएक्टिव कंपाउंड होने का फायदा है।

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'कॉफी विद करण' में कॉफी नहीं पीते करण (Photo: Jio Hotstar)

करण जौहर का चैट शो ‘कॉफी विद करण’और उनके हाथ में नजर आने वाला खास मग हमेशा चर्चा में रहता है। शो का नाम सुनकर लगता है कि करण उस मग में कॉफी पीते होंगे, लेकिन हाल ही में उन्होंने इस राज से पर्दा उठाया। करण ने बताया कि उनके मग में ब्लैक कॉफी नहीं, डाइट कोला होती है। उनका कहना है कि उन्हें ब्लैक कॉफी का स्वाद पसंद नहीं है। यहां सवाल ये उठता है कि सेहत के लिहाज से ब्लैक कॉफी और डाइट कोला में से कौन सा विकल्प बेहतर है?

ब्लैक कॉफी में क्या है खास?

ब्लैक कॉफी में कैलोरी बहुत कम होती है, बशर्ते उसमें चीनी, क्रीम या दूसरी चीजें न मिलाई जाएं। इसलिए जो लोग अपनी कैलोरी पर नजर रखते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकती है।

कॉफी में कैफीन के अलावा क्लोरोजेनिक एसिड जैसे कुछ बायोएक्टिव कंपाउंड और एंटीऑक्सिडेंट भी पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से जुड़ी प्रक्रियाओं पर असर डाल सकते हैं। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि कॉफी पीने से किसी बीमारी से बचाव की गारंटी मिल जाती है।

कैफीन का सतर्कता बढ़ाता है। यह कुछ समय के लिए थकान कम करने और ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकता है। लेकिन हर व्यक्ति पर इसका असर एक जैसा नहीं होता। कुछ लोगों को ज्यादा कैफीन लेने से बेचैनी, धड़कन तेज होने या नींद में परेशानी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

डाइट कोला क्या बेहतर विकल्प है?

डाइट कोला आमतौर पर चीनी की जगह कम या बिना कैलोरी वाले स्वीटनर से तैयार की जाती है। अगर कोई व्यक्ति सामान्य मीठे सॉफ्ट ड्रिंक की जगह डाइट कोला चुनता है, तो इससे उसकी चीनी की खपत कम हो सकती है।

डाइट कोला में कॉफी जैसे प्राकृतिक कंपाउंड नहीं होते। इसके अलावा, अलग-अलग ब्रांड में कैफीन की मात्रा अलग हो सकती है। कुछ डाइट कोला में कैफीन होता है, जबकि कुछ में नहीं। इसलिए पैकेट या कैन पर दी गई जानकारी देखना जरूरी है।

आखिर कौन सा विकल्प चुनें?

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर ब्लैक कॉफी और डाइट कोला में से किसी एक को चुनना हो, तो बिना चीनी वाली ब्लैक कॉफी में कम कैलोरी और कुछ उपयोगी बायोएक्टिव कंपाउंड होने का फायदा है। वहीं, डाइट कोला सामान्य मीठे सॉफ्ट ड्रिंक के मुकाबले चीनी का सेवन कम करने में मदद कर सकती है।

हालांकि, सेहत के लिए सबसे जरूरी है कि किसी एक ड्रिंक पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित खानपान और अच्छी जीवनशैली अपनाई जाए। पानी रोजमर्रा में हाइड्रेशन के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। कॉफी पीते हैं तो कैफीन की मात्रा और अपनी नींद पर उसके असर का ध्यान रखें। डाइट कोला पसंद है तो उसे भी सीमित मात्रा में लें।

करण जौहर की पसंद उनकी अपनी है, लेकिन किसी सेलिब्रिटी की पसंद को सेहत का नियम मानने के बजाय अपनी जरूरत, आदतों और शरीर के हिसाब से फैसला करना बेहतर है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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