सुनने में यह बात थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन पोषण विज्ञान के कई शोध बताते हैं कि कुछ फल और सब्जियां अगर बहुत ज्यादा मात्रा में खाई जाएं, तो वे स्किन के कलर में टेंपररी चेंज ला सकती हैं। दरअसल, इन खाद्य पदार्थों में मौजूद प्राकृतिक रंगद्रव्य, खासकर कैरोटेनॉइड्स, शरीर में जमा होकर त्वचा की ऊपरी परत को प्रभावित करते हैं। इसका असर यह होता है कि त्वचा में हल्का पीला, नारंगी या गुलाबी रंग दिखने लगता है।
स्किन का कलर चेंज कर देती हैं फल और सब्जियां (Photo: iStock)
विशेषज्ञ इसे आहार से जुड़ा त्वचा रंग परिवर्तन मानते हैं। यह कोई बीमारी नहीं है और न ही खतरनाक। सबसे अच्छी बात यह है कि यह बदलाव पूरी तरह अस्थायी होता है और खान-पान में बदलाव करने से खुद-ब-खुद ठीक हो जाता है।
इसका सबसे आम उदाहरण गाजर है। शोध बताते हैं कि अगर कई हफ्तों तक रोज़ाना बहुत ज्यादा गाजर खाई जाए, तो “कैरोटीनिमिया” नाम की स्थिति हो सकती है। इसमें त्वचा हल्की पीली या नारंगी दिखने लगती है। यह असर सबसे पहले हथेलियों और पैरों के तलवों पर नजर आता है। जैसे ही गाजर का सेवन कम किया जाता है, त्वचा धीरे-धीरे अपने सामान्य रंग में लौट आती है।
इसी तरह शकरकंद और कद्दू में भी कैरोटीन भरपूर मात्रा में होता है। इन्हें लंबे समय तक ज्यादा खाने पर त्वचा में हल्की चमक या पीला-सा टोन आ सकता है, जिसे कई लोग “हेल्दी ग्लो” भी कहते हैं। टमाटर और लाल शिमला मिर्च में पाया जाने वाला लाइकोपीन त्वचा में हल्की गुलाबी या लालिमा ला सकता है। वहीं, चुकंदर का अधिक सेवन उसके प्राकृतिक रंगद्रव्यों की वजह से त्वचा में गुलाबी आभा ला सकता है।
पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां अगर बहुत ज्यादा खाई जाएं, तो उनमें मौजूद तत्व त्वचा को हल्का पीला या गर्म टोन दे सकते हैं। डॉक्टर साफ कहते हैं कि इन बदलावों को पीलिया से भ्रमित नहीं करना चाहिए। पीलिया में आंखों का सफेद हिस्सा पीला हो जाता है, जबकि यहां ऐसा नहीं होता।
निष्कर्ष यही है कि फल और सब्जियां सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं, लेकिन संतुलन बनाए रखना सबसे अहम है। विविध और संतुलित आहार से त्वचा का रंग और सेहत दोनों बेहतर रहते हैं।
