‘एम्प्टी नेस्ट सिंड्रोम’ को झेल रही हैं फराह खान! एक्सपर्ट्स ने बताए इस हालात से डील करने के ट्रिक्स

इस सिंड्रोम के कारण इंसान अकेलापन, उदासी, चिंता या खालीपन सा महसूस करता है। पेरेंट्स को लगता है कि बच्चों के चले जाने से बतौर माता-पिता उनकी जिम्मेदारी पूरी तरह से बदल जाती है।

बच्चे जब पहली बार घर से दूर पढ़ाई या नौकरी के लिए जाते हैं, तो उनके लिए यह नई जिंदगी की शुरुआत होती है। दूसरी तरफ माता-पिता के लिए यह वक्त उतना आसान नहीं होता। घर वही रहता है, कमरे वही रहते हैं, लेकिन बच्चों की चहलकदमी गायब हो जाती हैं।

Farah Khan

फराह खान के तीनों बच्चे पढ़ाई के लिए घर से दूर जा चुके हैं (Photos: Farah Khan Instagram)

फिल्ममेकर फराह खान कुंदर इन दिनों इसी बदलाव से गुजर रही हैं। उनके तीनों बच्चे सीजर, दिवा और अन्या उच्च शिक्षा के लिए तीन अलग-अलग शहरों और कैंपस में चले गए हैं। सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए फराह ने लिखा कि अगर एक बच्चे को कॉलेज भेजना मुश्किल लगता है, तो तीन बच्चों को एक साथ तीन शहरों में भेजने की कल्पना कीजिए। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपनी जिंदगी जिएं, लेकिन यह भी याद रखें कि उनके लिए घर हमेशा माता-पिता के पास ही रहेगा।

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