Balaposh: इस रजाई में कैद रहती है फूलों की खुशबू, 300 सालों पुराने भारतीय हुनर की शान है बालापोश

इसे बनाने का तरीका करीब 300 साल तक एक ही परिवार के लोगों के बीच रहा। न इसकी पहचान साधारण रजाई जैसी है, न इसे तैयार करने का तरीका।

Balaposh Quilt: सर्दियों में ठंड से निपटने के लिए लगभग हर घर में रजाई या कंबल जरूर होते हैं। जरा सोचिए कि क्या हो जब रजाई ओढ़ने पर गरमाहट तो मिले ही, भीनी-भीनी फूलों की खुशबू भी महसूस हो। रजाई भी इतनी हल्की कि उसका वजन ही ना पता चले। यह रजाई सदियों पुराने भारतीय हुनर की अद्भुत पहचान है और इसका नाम है बालापोश।

Balaposh Quilt

कहानी बालापोश रजाई की (AI Generated and newsroom verified image)

बालापोश रजाई की कहानी हमें उस दौर में ले जाती है, जब किसी चीज की खासियत उसकी कीमत तय नहीं होती थी। ये तय होती थी उसे बनाने वाले हाथों के हुनर से।

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