NGC 5238 Galaxy: ब्रह्मांड, जहां अनिश्चिताएं ही अनिश्चिताएं हैं। विज्ञानी लगातार सुदूर अंतरिक्ष में झांकने की कोशिश करते रहते हैं और कुछ नया देखने पर उसके अध्ययन में जुड़ जाते हैं। विज्ञानियों ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के हबल स्पेस टेलीस्कोप की मदद से कई रहस्यों से पर्दा उठाया है। ऐसे में हम आपको एक ऐसी गैलेक्सी के बारे में बताएंगे, जो छोटी गैलेक्सी को निगल गई थी।
NGC 5238 गैलेक्सी (फोटो साभार: NASAHubble)
चमकीले तारे
बकौल नासा, विज्ञानी गैलेक्सी के तारों का अध्ययन करने के लिए हबल स्पेस टेलीस्कोप के हाई रिजोल्यूशन कैमरे का इस्तेमाल करते हैं। नासा ने NGC 5238 नामक गैलेक्सी की अद्भुत तस्वीर शेयर की है, जो अंतरिक्षप्रेमियों को काफी रोचक लगने वाली है। इस तस्वीर के केंद्र में नारंगी रंग के तारे दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास के क्षेत्र में सफेद रोशनी दिख रही है।
NGC 5238 गैलेक्सी
NGC 5238 गैलेक्सी का इतिहास बताता है कि ब्रह्मांड में मौजूद इस गैलेक्सी ने एक छोटी गैलेक्सी को निगल लिया था। आसान शब्दों में कहें तो NGC 5238 गैलेक्सी ने एक दूसरी गैलेक्सी को खुद में समाहित कर लिया था यानी इनका विलय हो गया। हबल द्वारा कैप्चर की गई तस्वीर की बदौलत विज्ञानियों को NGC 5238 के अतीत को समझने में काफी ज्यादा मदद मिली।
तस्वीर में दिखने वाली गैलेक्सी एक बौनी अनियमित गैलेक्सी (Dwarf Irregular Galaxy) है। इस प्रकार की गैलेक्सी को गैलेक्सियों के निर्माण और विकास को समझने के लिए अहम माना जाता है। बकौल नासा, तारा समूह और छोटी गैलेक्सी गैस और डार्क मैटर से बनने वाली पहली गैलेक्सियों में शुमार हैं।
