Xi Jinping India Visit: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। चीन के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि कर दी है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (18th BRICS Summit Delhi) में भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं। जारी किए गए आधिकारिक संदेश के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति यह यात्रा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खास निमंत्रण पर कर रहे हैं।
भारत आएंगे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो)
इस दो दिवसीय सम्मेलन के सिलसिले में शी जिनपिंग 12 और 13 तारीख को राजधानी नई दिल्ली में मौजूद रहेंगे। इस आधिकारिक घोषणा (China Foreign Ministry Announcement) के बाद दोनों देशों के कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में आयोजित हो रहा यह 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है, जहां दुनिया के प्रमुख देशों के शीर्ष नेता एक मंच पर जुटेंगे।
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साल 2019 का बाद जिनपिंग की पहली भारत यात्रा
वर्ष 2019 के बाद चीनी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा होगी। पूर्वी लद्दाख और गलवान घाटी की घटनाओं के बाद दोनों देशों के रिश्तों में जो कड़वाहट और सतर्कता आई थी, उसे देखते हुए इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है। एशिया की दो बड़ी ताकतें होने के नाते भारत और चीन को एक-दूसरे के सहयोग की जरूरत है। ऐसे में यह सम्मेलन दोनों शीर्ष नेताओं को आपसी रिश्तों में जमी बर्फ को पिघलाने और नए सिरे से भरोसा कायम करने का एक बड़ा अवसर दे सकता है।
पीएम मोदी और पुतिन के बीच होगी उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता
दूसरी तरफ, सम्मेलन की शुरुआत से ठीक पहले 11 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक और बड़ी बैठक होने जा रही है। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता होगी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस मुलाकात की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों नेता बेहद संवेदनशील और रणनीतिक मुद्दों पर खुलकर बात करेंगे।
भारत और रूस के बीच व्यापारिक संबंधों का दायरा अब केवल कच्चे तेल की खरीद तक सीमित न रहकर और मजबूत हो रहा है। ऐसे दौर में जब वैश्विक राजनीति तेजी से बदल रही है, दिल्ली का यह मंच दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं की मेजबानी कर भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को साफ तौर पर प्रदर्शित कर रहा है।।
